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Nainital News: चुनिंदा नहीं, सभी दुकानों में मिलनी चाहिए निजी स्कूलों की किताबें

Fri, 05 Apr 2024 02:39 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Fri, 05 Apr 2024 02:39 AM IST
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Books of private schools should be available in all shops, not selectively
यूनिवर्सल स्कूल में आयोजित बैठक में मौजूद लोग। संवाद
हल्द्वानी। निजी स्कूलों में एनसीईआरटी के अतिरिक्त निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है। मनमानी एडमिशन फीस वसूलने और निर्धारित दुकानों से सामान खरीदने की भी शिकायतें अभिभावकों की ओर से आ रही हैं।
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विभिन्न शिकायतों के समाधान के लिए बुधवार को यूनिवर्सल कॉन्वेंट स्कूल में शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन, निजी स्कूलों और पुस्तक विक्रेताओं की एक अहम बैठक तहसीलदार हल्द्वानी की अध्यक्षता में हुई। सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को निर्देश दिए गए कि एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करें। इसके अलावा ऐसे पब्लिशर्स की पुस्तकें लागू कर सकते हैं जिनका मूल्य एनसीईआरटी की पुस्तकों के समकक्ष हो। जिन विषयों में एनसीईआरटी की किताबें उपलब्ध नहीं हैं, उसमें अभिभावकों की खरीदारी क्षमता, गुणवत्ता और मूल्य को ध्यान में रखकर पुस्तकें लागू करें। पुस्तक विक्रेताओं और विद्यालय के बीच व्यावसायिक संबंधों को समाप्त करने के साथ किताबें सभी बुक सेलर्स के यहां उपलब्ध होनी चाहिए।
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वहीं यूडाइस के संबंध में जिला संदर्भदाता रविंद्र कुमार तिवारी ने जानकारी दी। वर्तमान में यूडाइस में 2023-24 का डाटा फीड किया जा रहा है। इसे जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्रमाणपत्र प्राप्त न होने पर पूरी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल की होगी। वहीं आरटीई के मामले में शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि 10 अगस्त 2023 के अनुसार कक्षा एक के लिए प्रवेश अहर्ता आयु 6 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए। बैठक में डीईओ माध्यमिक पीएल टम्टा, उप शिक्षा अधिकारी सुरेश चंद्र आर्या, मंजू जोशी, कंचन पंत, दयासागर बिष्ट, मणि पुष्पक जोशी, अनीता जोशी, रविंद्र तिवारी आदि रहे। संवाद
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कोट

मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि अपने विद्यालय में एनसीआरटी की पुस्तकें लागू करें या उन पब्लिशर की पुस्तकें लागू कर सकते है, जिनका मूल्य एनसीआरटी की पुस्तकों के बराबर हो। यूडाइस और आरटीई से संबंधित निर्देश भी दिए गए हैं।

- अंशुल बिष्ट, खंड शिक्षा अधिकारी


जिन विषयों में एनसीआरटी की पुस्तकें उपलब्ध नहीं है, उनमें अभिभावकों की खरीदारी क्षमता, गुणवत्ता और मूल्य को ध्यान में रखकर पुस्तकें लागू की जाएं। अभिभावकों पर निर्धारित दुकानों से ही शिक्षण सामग्री खरीदने का दबाव न डाला जाए।

- सचिन कुमार, तहसीलदार
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