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Nainital News: भीमताल झील में मिला लापता रेंजर का शव

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 14 Dec 2023 02:03 AM IST
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Body of missing ranger found in Bhimtal lake
भीमताल (नैनीताल)।
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15 दिन से लापता वन क्षेत्राधिकारी का शव भीमताल झील से बरामद हुआ। शव 10 दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। मामले में परिजनों ने वन विभाग के अधिकारियों पर कई आरोप लगाए हैं।

कांग्रेस नेता भूपेंद्र कनौजिया ने पुलिस को झील किनारे एक व्यक्ति का शव दिखाई देने की सूचना दी। एसआई भुवन जोशी ने पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से शव को झील से बाहर निकाला। मृतक के कपड़ों से मिली फोटो और दस्तावेज के आधार पर व्यक्ति की पहचान ऊंचापुल हल्द्वानी निवासी वन क्षेत्राधिकारी हरीश चंद्र पांडे (55) के रूप में हुई। वह तराई केंद्रीय वन प्रभाग के रुद्रपुर डिवीजन में तैनात थे। पुलिस ने परिजनों को शव मिलने की सूचना दी।
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सूचना पर छोटा बेटा हिताद्र पांडे अपने रिश्तेदारों के साथ भीमताल सीएचसी पहुंचा। इधर, रेंजर का शव मिलने के बाद भी वन विभाग के अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से परिजनों में रोष था।
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मुखानी थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक भीमताल पहुंचे और पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। भीमताल थानाध्यक्ष बिरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि झील से बरामद शव 10 दिन पुराना लग रहा है। इस कारण शव गलने लगा था। हालांकि शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं।

परिजनों ने लगाया आरोप, पेड़ काटने के मामले में फंसाया जा रहा था, कई दिन से मानसिक रूप से परेशान थे रेंजर

भीमताल। मृतक रेंजर हरीश चंद्र पांडे के बेटे हिताद्र ने अपने पिता की मौत के लिए वन विभाग के उच्च अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं। भीमताल पहुंचे हिताद्र ने रोते हुए बताया कि उनके पिता को पेड़ काटने के मामले में झूठा फंसाया जा रहा था। वह कई दिन से मानसिक रूप से परेशान थे और 29 नवंबर को अचानक घर से बिना बताए चले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से भी उनके पिता की खोजबीन के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अंतिम लोकेशन भीमताल में मिलने के बाद भी पुलिस ने पिता को खोजने पर ध्यान नहीं दिया।




डीएफओ ने मुलाकात तक नहीं की

हिताद्र ने आरोप लगाया कि जब डीएफओ और एसडीओ से पिता की खोजबीन के बाबत मिलने गए तो उन्होंने मुलाकात करने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद मजबूरन वन संरक्षक से मुलाकात करनी पड़ी। हिताद्र ने कहा कि उनके पिता किसी से ज्यादा मतलब और अधिक बोलचाल नहीं रखते थे। ईमानदारी प्रवृत्ति की कीमत मेरे पिता को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। कहा कि वन अधिकारियों ने उनके पिता की खोजबीन के लिए अपने स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की। कहा कि वह उच्च अधिकारियों के खिलाफ तहरीर भी देंगे तो कार्रवाई नहीं की जाएगी।




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