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Nainital News: नैनीताल में पर्यटन सीजन के लिए सजने लगीं नौकाएं
Tue, 16 Apr 2024 06:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 16 Apr 2024 06:16 AM IST
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नैनीताल। सरोवर नगरी में पर्यटन सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। ग्रीष्मकालीन सीजन में नौकाओं की साज सज्जा की जा रही है। नैनीताल में पाल नौका के साथ ही पैडल बोट भी सैलानियों की पहली पसंद है। अधिकांश सैलानी चप्पू वाली नाव में ही नौका विहार का आनंद उठाते हैं। साज सज्जा के साथ नावों को नया रूप देने वाले खड़क सिंह चौहान और नैन सिंह चौहान इन दिनों नौकाओं को तैयार करने में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि वह विगत 20 सालों से नावों की मरम्मत कर रहे हैं। नाव को तैयार करने में करीब एक से डेढ़ लाख रुपये तक खर्च आता है। लेकिन सजावट तथा वार्निंस में भी लगभग पचास हजार रूपये की लागत आ जाती है।
ऐसे तैयार होती है नाव
नैनीताल। नैन सिंह चौहान बताते हैं कि नाव के निर्माण में तून व शीशम की लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है। नाव की लंबाई 21.5 से 22 फीट, चौड़ाई 4 फीट, ऊंचाई18 इंच और वजन करीब एक क्विंटल होता है। बताया कि नाव का ढांचा तैयार होने के बाद उसमें अल्सी का तेल व शाल की राल लगाई जाती है। जिसके बाद नाव को पानी में सुरक्षित रखने के लिए वार्निस लगाया जाता है। जिससे नाव को 20 वर्ष तक रिपेरिंग की जरूरत नहीं होती है। साथ नाव के चप्पू बनाने के लिए चीड़ की लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे एक नाव तैयार करने में एक से डेढ़ लाख तक की लागत लगती है।
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ऐसे तैयार होती है नाव
नैनीताल। नैन सिंह चौहान बताते हैं कि नाव के निर्माण में तून व शीशम की लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है। नाव की लंबाई 21.5 से 22 फीट, चौड़ाई 4 फीट, ऊंचाई18 इंच और वजन करीब एक क्विंटल होता है। बताया कि नाव का ढांचा तैयार होने के बाद उसमें अल्सी का तेल व शाल की राल लगाई जाती है। जिसके बाद नाव को पानी में सुरक्षित रखने के लिए वार्निस लगाया जाता है। जिससे नाव को 20 वर्ष तक रिपेरिंग की जरूरत नहीं होती है। साथ नाव के चप्पू बनाने के लिए चीड़ की लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे एक नाव तैयार करने में एक से डेढ़ लाख तक की लागत लगती है।
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