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खैरना का आदर्श विद्यालय बायो मैट्रिक मशीन और गेट तक सीमित
आनंद खाती, गरमपानी (नैनीताल)।
Updated Wed, 11 May 2016 01:43 AM IST
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आदर्श स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
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खैरना में स्थित राइंका को आदर्श विद्यालय तो घोषित कर दिया गया है लेकिन आदर्श विद्यालय के नाम पर यहां स्कूल के बाहर लगा एक गेट और बायो मैट्रिक मशीन के अलावा कुछ भी नहीं है। स्कूल के आदर्श घोषित होने के बाद आसपास के कई गांवों के बच्चों ने यहां दाखिला लिया लेकिन दाखिले के दो माह बीतने के बाद भी पठन पाठन की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी।
जानकारी के मुताबिक विद्यालय में वर्तमान में 400 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। स्कूल मुखिया विहीन है। प्रधानाचार्य का पद पिछले काफी समय से रिक्त है। बीते छह साल से नागरिक शास्त्र और रसायन विज्ञान, चार साल से गणित, तीन साल से समाज शास्त्र के प्रवक्ता का पद खाली है। यही नहीं संस्कृत, हिंदी, व्यायाम, गणित आदि के शिक्षक भी इस आदर्श स्कूल को आज तक नहीं मिल सके हैं। जिसके चलते विद्यालय में पठन-पाठन व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।
स्कूल में खैरना, मझेड़ा, गरमपानी, डोबा, नौणा, सिल्टोना, छड़ा, सूरीफार्म, दड़माणी समेत आसपास के कई गांवों के अभिभावकों ने अपने बच्चों को इस उम्मीद के साथ प्रवेश दिलाया कि आदर्श विद्यालय में उनके पाल्यों को बेहतर शिक्षा मिलेगी लेकिन धरातल पर ऐसा नजर नहीं आ रहा है। जिसके चलते अभिभावक और बच्चे दोनों ही परेशान हैं। पूर्व में कुछ विषयों पर अतिथि शिक्षक नियुक्ति थे लेकिन उनके जाने के बाद तो पढ़ाई चौपट हो चुकी है। हालात यह हैं कि अब तो छात्र-छात्राएं यह कहते हुए स्कूल जाने से कतराने लगे हैं कि स्कूल में शिक्षकों के न होने से पढ़ाई नहीं हो रही है। अभिभावकों ने विभागीय अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
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खैरना स्थित आदर्श विद्यालय में शिक्षकों के पद रिक्त हैं। जैसे ही नियुक्तियां होंगी सभी विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भर दिया जाएगा। फिलहाल विभागीय स्तर पर बच्चों को पढ़ाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई हैं।
- रघुनाथ लाल आर्य, मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल
जानकारी के मुताबिक विद्यालय में वर्तमान में 400 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। स्कूल मुखिया विहीन है। प्रधानाचार्य का पद पिछले काफी समय से रिक्त है। बीते छह साल से नागरिक शास्त्र और रसायन विज्ञान, चार साल से गणित, तीन साल से समाज शास्त्र के प्रवक्ता का पद खाली है। यही नहीं संस्कृत, हिंदी, व्यायाम, गणित आदि के शिक्षक भी इस आदर्श स्कूल को आज तक नहीं मिल सके हैं। जिसके चलते विद्यालय में पठन-पाठन व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।
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स्कूल में खैरना, मझेड़ा, गरमपानी, डोबा, नौणा, सिल्टोना, छड़ा, सूरीफार्म, दड़माणी समेत आसपास के कई गांवों के अभिभावकों ने अपने बच्चों को इस उम्मीद के साथ प्रवेश दिलाया कि आदर्श विद्यालय में उनके पाल्यों को बेहतर शिक्षा मिलेगी लेकिन धरातल पर ऐसा नजर नहीं आ रहा है। जिसके चलते अभिभावक और बच्चे दोनों ही परेशान हैं। पूर्व में कुछ विषयों पर अतिथि शिक्षक नियुक्ति थे लेकिन उनके जाने के बाद तो पढ़ाई चौपट हो चुकी है। हालात यह हैं कि अब तो छात्र-छात्राएं यह कहते हुए स्कूल जाने से कतराने लगे हैं कि स्कूल में शिक्षकों के न होने से पढ़ाई नहीं हो रही है। अभिभावकों ने विभागीय अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
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खैरना स्थित आदर्श विद्यालय में शिक्षकों के पद रिक्त हैं। जैसे ही नियुक्तियां होंगी सभी विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भर दिया जाएगा। फिलहाल विभागीय स्तर पर बच्चों को पढ़ाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई हैं।
- रघुनाथ लाल आर्य, मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल