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Uttarakhand: सरकारी स्कूलों में मिल रहा खराब खाना, जांच में खुलासा...मची खलबली; सात जिलों के CEO को चेतावनी

Wed, 05 Jun 2024 11:02 AM IST
हीरा मेहरा मयंक जोशी, संवाद
मयंक जोशी, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 05 Jun 2024 11:02 AM IST
सार

उत्तराखंड के 53 सरकारी स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत बनने वाले भोजन की जांच में खराब गुणवत्ता पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मची है। जांच रिपोर्ट मिलने पर राज्य परियोजना निदेशक ने सात जिलों के सीईओ को चेतावनी जारी की है।

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Bad food is available in government schools of Uttarakhand
सरकारी स्कूलों में मिल रहा खराब खाना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को खराब गुणवत्ता का भोजन दिया जा रहा है। प्रदेश के 53 सरकारी स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत बनने वाले भोजन की जांच में इस बात का खुलासा होने के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मची है। जांच रिपोर्ट मिलने पर राज्य परियोजना निदेशक ने सात जिलों के सीईओ को चेतावनी जारी की है।

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पीएम पोषण योजना के तहत विद्यालयों में तैयार भोजन में पोषक मानकों की जांच के लिए वर्ष 2023-24 में नैनीताल, बागेश्वर, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर, देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा के विद्यालयों और मदरसों में भोजन की जांच कराई गई थी। नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड केलिब्रेशन लेबोरेट्रीज (एनएबीएल) की ओर से कराई गई। जांच रिपोर्ट में विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को दिए जाने वाले भोजन में आवश्यक पोषक मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। प्रदेश के सात जिलों के 53 विद्यालयों में तैयार चावल, दाल और सब्जियों में ऊर्जा और प्रोटीन की मात्रा तय मानकों से न्यून पाई गई। इस मामले में अपर राज्य परियोजना निदेशक मुकुल सती ने सातों जनपदों के सीईओ को चेतावनी जारी की है। साथ ही संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है और भविष्य में इस प्रकार की कमी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है।

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सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी उल्लंघन
पीएम पोषण योजना का मकसद राजकीय, सहायता प्राप्त विद्यालयों, स्थानीय निकायों, विशेष प्रशिक्षण केंद्रों और मदरसों में कक्षा एक से आठ तक अध्ययनरत बच्चों के पोषण में सुधार करना है। भारत सरकार की ओर से निर्धारित ऊर्जा और प्रोटीनयुक्त भोजन में विद्यालयों की ओर से बरती जा रही लापरवाही सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का भी उल्लंघन है। 

इन स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता में मिली कमी

  • नैनीताल- राप्रावि कालाढूंगी रोड़, राप्रावि तुलसीनगर, राप्रावि सुभाष नगर, राप्रावि गौजाजाली, राप्रावि देवलचौड़, राप्रावि प्रेमपुर, जूनियर हाईस्कूल गौजाजाली और राउप्रावि कालाढूंगी रोड़।
  • ऊधमसिंह नगर - मदरसा फहजूल मुस्तफा राजा पब्लिक स्कूल रुद्रपुर, राप्रावि खेड़ा, राप्रावि बिगवाड़ा, राप्रावि रामनगर, राप्रावि किच्छा प्रथम, राप्रावि किच्छा द्वितीय, राप्रावि शिमला, राजकीय हाईस्कूल खेड़ा, राउप्रावि संजय नगर, राजकीय बालिका हाईस्कूल रामनगर, केंद्रीयकृत किचन गदरपुर।
  • अल्मोड़ा- राप्रावि कटियारी, एडोम प्रावि अल्मोड़ा, हरिदत्त पिटसाली इंटर कॉलेज चिलतयी।
  • बागेश्वर- राप्रावि लौबंज, राबाउप्रावि कौसानी, राइंका कौसानी, राइका कौलग, राइंका गरुड़।
  • देहरादून- राप्रावि ओली बकराता, कैंट प्रावि लालकुर्ती बाजार चकराता, राइंका ग्वासापुल चकराता, कैंट इंटर कॉलेज चकराता, बालिका जूनियर हाईस्कूल सेलाकुई।
  • हरिद्वार- राप्रावि मोहम्मदपुर खानपुर, राप्रावि गोवर्द्धधनपुर खानपुर, राउप्रावि करनपुर, बालाजी एकेडमी जूनियर हाईस्कूल खानपुर, राउप्रावि पुरूहरलिकी।
  • पौड़ी- राप्रावि नंबर एक कोटद्वार, राप्रावि नंबर आठ कोटद्वार, राप्रावि लालपुर, राआप्रावि मोटाडांग, राप्रावि झंडीचौड़, राइंका कोटद्वार, राबाउप्रावि कोटद्वार, राजकीय बालिका हाईस्कूल लालपुर, इंटर कॉलेज मोटाडांग, राइका झंडीचौड़।

 
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