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ताकुला में आकार लेने लगा है एस्ट्रो विलेज
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नैनीताल। निकटवर्ती ताकुला गांव में राज्य का पहला एक्ट्रो विलेज बनाने का काम शुरू हो गया है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो वह दिन दूर नहीं जब अब तक उपेक्षित रहा ताकुला गांव खगोल गतिविधियों में रुचि रखने वाले लोगों को अपनी ओर आकृष्ट करेगा। इसके अलावा क्षेत्र में एस्ट्रो टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। जिला प्रशासन ने छह महीने में इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
2 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाले एस्ट्रो विलेज में मुख्य भवन के अलावा आठ कॉटेज बनेंगे। मुख्य भवन में एरीज के सहयोग से उच्च क्षमता का टेलीस्कोप लगाया जाएगा जहां से खगोल प्रेमी अंतरिक्ष में होने वाली घटनाओं का दीदार कर सकेंगे। यही नहीं वहां बनने वाले आठ काटेजों की विशेषता यह होगी कि उनकी छत कांच (शीशे) की और दीवारें लकड़ी की होंगी। इन कॉटेजों में ठहरने वाले सैलानी रात में बिस्तर पर लेटकर भी स्टारगेजिंग का आनंद ले सकेंगे।
डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि एस्ट्रो विलेज से सैलानियों को अंतरिक्ष का दीदार कराने के लिए एरीज और जिला प्रशासन के बीच एमओयू हो चुका है। इसके तहत शुरूआत में एरीज के वैज्ञानिक टेलीस्कोप के माध्यम से सैलानियों को अंतरिक्ष में होने वाली विभिन्न गतिविधियों, तारों और आकाश गंगाओं की जानकारी देंगे। बताया कि भविष्य में ताकुला में कॉटेजों की संख्या बढ़ाकर 16 और उससे अधिक की जाएगी। कार्यदायी संस्था मंडी परिषद ने एस्ट्रो विलेज की स्थापना का काम शुरू कर दिया है जिसे छह माह में पूरा करा लिया जाएगा।
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डीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है एस्ट्रो विलेज
नैनीताल। ताकुला गांव में एस्ट्रो विलेज की स्थापना डीएम गर्ब्याल के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। नैनीताल में डीएम ने कार्यभार संभालने के दौरान हुई पत्रकार वार्ता में ही अपने इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने को प्राथमिकता बताया था। तभी से वह इस दिशा में कार्य कर रहे थे, जिसके जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
सामुदायिक पर्यटन की अनूठी पहल
नैनीताल। डीएम ने कहा कि एस्ट्रो टूरिज्म विलेज की स्थापना के साथ-साथ ताकुला में सामुदायिक पर्यटन की भी पहल शुरू होगी। उन्होंने बताया कि एरीज के वैज्ञानिक गांव के युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें भी खगोलीय गतिविधियों को जानने और पहचाने में दक्ष बनाएंगे। उन्होंने बताया कि कुछ समय बाद स्थानीय युवा ही एस्ट्रो विलेज की गतिविधियों को संचालित करेंगे।
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2 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाले एस्ट्रो विलेज में मुख्य भवन के अलावा आठ कॉटेज बनेंगे। मुख्य भवन में एरीज के सहयोग से उच्च क्षमता का टेलीस्कोप लगाया जाएगा जहां से खगोल प्रेमी अंतरिक्ष में होने वाली घटनाओं का दीदार कर सकेंगे। यही नहीं वहां बनने वाले आठ काटेजों की विशेषता यह होगी कि उनकी छत कांच (शीशे) की और दीवारें लकड़ी की होंगी। इन कॉटेजों में ठहरने वाले सैलानी रात में बिस्तर पर लेटकर भी स्टारगेजिंग का आनंद ले सकेंगे।
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डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि एस्ट्रो विलेज से सैलानियों को अंतरिक्ष का दीदार कराने के लिए एरीज और जिला प्रशासन के बीच एमओयू हो चुका है। इसके तहत शुरूआत में एरीज के वैज्ञानिक टेलीस्कोप के माध्यम से सैलानियों को अंतरिक्ष में होने वाली विभिन्न गतिविधियों, तारों और आकाश गंगाओं की जानकारी देंगे। बताया कि भविष्य में ताकुला में कॉटेजों की संख्या बढ़ाकर 16 और उससे अधिक की जाएगी। कार्यदायी संस्था मंडी परिषद ने एस्ट्रो विलेज की स्थापना का काम शुरू कर दिया है जिसे छह माह में पूरा करा लिया जाएगा।
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डीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है एस्ट्रो विलेज
नैनीताल। ताकुला गांव में एस्ट्रो विलेज की स्थापना डीएम गर्ब्याल के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। नैनीताल में डीएम ने कार्यभार संभालने के दौरान हुई पत्रकार वार्ता में ही अपने इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने को प्राथमिकता बताया था। तभी से वह इस दिशा में कार्य कर रहे थे, जिसके जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
सामुदायिक पर्यटन की अनूठी पहल
नैनीताल। डीएम ने कहा कि एस्ट्रो टूरिज्म विलेज की स्थापना के साथ-साथ ताकुला में सामुदायिक पर्यटन की भी पहल शुरू होगी। उन्होंने बताया कि एरीज के वैज्ञानिक गांव के युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें भी खगोलीय गतिविधियों को जानने और पहचाने में दक्ष बनाएंगे। उन्होंने बताया कि कुछ समय बाद स्थानीय युवा ही एस्ट्रो विलेज की गतिविधियों को संचालित करेंगे।