{"_id":"68b8ab9f6f75b2bef40414c6","slug":"asked-to-give-presentation-on-research-book-publications-and-projects-haldwani-news-c-238-1-shld1023-118153-2025-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: शोध, पुस्तक प्रकाशनों और परियोजनाओं पर प्रस्तुतिकरण देने के कहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: शोध, पुस्तक प्रकाशनों और परियोजनाओं पर प्रस्तुतिकरण देने के कहा
विज्ञापन
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से संविदा प्राध्यापकों के कार्य एवं शैक्षणिक प्रदर्शन के मूल्यांकन की नई और पारदर्शी प्रक्रिया शुरू की गई है। बुधवार को प्रबंधन एवं वाणिज्य संकाय के संविदा प्राध्यापकों का मूल्यांकन किया गया।
बाह्य एवं आंतरिक विशेषज्ञों ने प्राध्यापकों की शिक्षण पद्धतियों और शैक्षणिक योगदान का आकलन किया। प्रत्येक संविदा प्राध्यापक से पिछले पांच वर्षों में किए गए शोध-प्रकाशनों, पुस्तक प्रकाशनों व परियोजनाओं पर प्रस्तुतिकरण देने को कहा। इसी आधार पर सभी प्राध्यापकों को ग्रेड दिए गए। कुलपति प्रो.डीएस रावत ने कहा यह पहल विवि के शैक्षणिक वातावरण को नई दिशा देने का प्रयास है। संविदा प्राध्यापकों के कार्य की पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समीक्षा से हम युवा शिक्षकों को प्रेरित करेंगे और अपने अकादमिक अनुभवों को और ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। शोध, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण प्रकाशन को बढ़ावा देना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। प्रो. रावत ने कहा कि कई प्राध्यापकों ने स्कोपस और एबडीसी इंडेक्स्ड जर्नल्स में शोध प्रकाशित किए हैं जो अत्यंत उत्साहजनक है। निर्देश दिए कि तथाकथित पीयर रिव्यू के नाम पर प्रीडेटरी पत्रिकाओं में प्रकाशन न करें। अगले चरण में अन्य संकायों के संविदा प्राध्यापकों का भी इसी प्रकार मूल्यांकन किया जाएगा।
विज्ञापन
बाह्य एवं आंतरिक विशेषज्ञों ने प्राध्यापकों की शिक्षण पद्धतियों और शैक्षणिक योगदान का आकलन किया। प्रत्येक संविदा प्राध्यापक से पिछले पांच वर्षों में किए गए शोध-प्रकाशनों, पुस्तक प्रकाशनों व परियोजनाओं पर प्रस्तुतिकरण देने को कहा। इसी आधार पर सभी प्राध्यापकों को ग्रेड दिए गए। कुलपति प्रो.डीएस रावत ने कहा यह पहल विवि के शैक्षणिक वातावरण को नई दिशा देने का प्रयास है। संविदा प्राध्यापकों के कार्य की पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समीक्षा से हम युवा शिक्षकों को प्रेरित करेंगे और अपने अकादमिक अनुभवों को और ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। शोध, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण प्रकाशन को बढ़ावा देना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। प्रो. रावत ने कहा कि कई प्राध्यापकों ने स्कोपस और एबडीसी इंडेक्स्ड जर्नल्स में शोध प्रकाशित किए हैं जो अत्यंत उत्साहजनक है। निर्देश दिए कि तथाकथित पीयर रिव्यू के नाम पर प्रीडेटरी पत्रिकाओं में प्रकाशन न करें। अगले चरण में अन्य संकायों के संविदा प्राध्यापकों का भी इसी प्रकार मूल्यांकन किया जाएगा।
विज्ञापन