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Nainital News: नियमितीकरण, वेतन के लिए दून में डेरा डालेंगी आशा वर्कर
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हल्द्वानी। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की रविवार को नगर निगम सभागार में आयोजित प्रांतीय बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के नियमितिकरण के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। महिला हिंसा के बढ़ते मामलों पर चिंता के साथ ही अंकिता प्रकरण में सीबीआई जांच की मांग की गई।
बैठक की शुरुआत एक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे राजा बहुगुणा को श्रद्धांजलि देकर की गई। मुख्य वक्ता स्कीम फेडरेशन वर्कर्स की राष्ट्रीय महासचिव शशि यादव ने कहा कि सरकार आशा वर्करों को उनका वास्तविक हक और सम्मान नहीं देना चाहती है। स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मानी जाने वाली आशाओं को केंद्र सरकार देशभर में एक मानदेय तक नहीं दे रही है। सरकार आशा वर्करों का खुला शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि महिला हिंसा के मामले जिस तरह से बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए आशाओं को अपने सवालों के साथ-साथ महिला उत्पीड़न के सवालों पर भी मुखर होना होगा। अंकिता को न्याय का सवाल हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार को अंकिता हत्याकांड की जांच सीबीआई से करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आशाओं के नियमितीकरण, वेतन और कर्मचारी का दर्जा देने संबंधी मांगें नहीं मानी गई तो देहरादून में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
इससे पूर्व राज्य भर में सम्मेलन करते हुए संगठन को मजबूत किया जाएगा। प्रदेश महामंत्री केके बोरा ने कहा कि लेबर कोड के खिलाफ 12 फरवरी को राष्ट्रीय हड़ताल होगी। इसमें मजदूर वर्ग के साथ पूरे देश की आशाएं शामिल होंगी। अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने की। वहां प्रदेश महामंत्री डॉ. कैलाश पांडेय, रीता कश्यप, मीना आर्य,ममता पानू, रिंकी जोशी, अनीता अन्ना, ज्योति उपाध्याय, ममता तिवारी आदि रहीं।
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बैठक की शुरुआत एक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे राजा बहुगुणा को श्रद्धांजलि देकर की गई। मुख्य वक्ता स्कीम फेडरेशन वर्कर्स की राष्ट्रीय महासचिव शशि यादव ने कहा कि सरकार आशा वर्करों को उनका वास्तविक हक और सम्मान नहीं देना चाहती है। स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मानी जाने वाली आशाओं को केंद्र सरकार देशभर में एक मानदेय तक नहीं दे रही है। सरकार आशा वर्करों का खुला शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि महिला हिंसा के मामले जिस तरह से बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए आशाओं को अपने सवालों के साथ-साथ महिला उत्पीड़न के सवालों पर भी मुखर होना होगा। अंकिता को न्याय का सवाल हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार को अंकिता हत्याकांड की जांच सीबीआई से करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आशाओं के नियमितीकरण, वेतन और कर्मचारी का दर्जा देने संबंधी मांगें नहीं मानी गई तो देहरादून में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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इससे पूर्व राज्य भर में सम्मेलन करते हुए संगठन को मजबूत किया जाएगा। प्रदेश महामंत्री केके बोरा ने कहा कि लेबर कोड के खिलाफ 12 फरवरी को राष्ट्रीय हड़ताल होगी। इसमें मजदूर वर्ग के साथ पूरे देश की आशाएं शामिल होंगी। अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने की। वहां प्रदेश महामंत्री डॉ. कैलाश पांडेय, रीता कश्यप, मीना आर्य,ममता पानू, रिंकी जोशी, अनीता अन्ना, ज्योति उपाध्याय, ममता तिवारी आदि रहीं।
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