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बिजली बहाल करने के लिए भी सेना उतरी
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बिजली बहाल करने के लिए भी सेना उतरी
कोसी नदी के बीच से होकर जाने वाली क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों की मरम्मत का होना था काम
माई सिटी रिपोर्टर
नैनीताल। दैवीय आपदा के दौरान गरमपानी स्थित 11 केवी विद्युत उपकेंद्र से जुड़ी लाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस कारण पहाड़ का बड़ा क्षेत्र पिछले कई दिनों से अंधेरे में डूबा था। कोसी नदी के बीच से होकर जाने वाली क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों की मरम्मत के लिए प्रशासन को सेना की मदद लेनी पड़ी, लेकिन दोपहर बाद नदी में पानी का प्रवाह तेज होने के कारण कार्य पूरा नहीं हो सका। यूपीसीएल के अधिकारियों को अब नदी के पानी का कम होने का इंतजार है।
डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि बृहस्पतिवार को यूपीसीएल के स्टाफ की मदद के लिए 14 डोगरा रेजीमेंट के जवानों को भेजा गया। जवानों ने नदी के किनारे से दूसरे छोर तक विद्युत लाइनों को बिछाने का काम किया, लेकिन दोपहर बाद नदी में पानी का प्रवाह तेज हो गया। इस कारण बृहस्पतिवार को क्षतिग्रस्त लाइनों को नए सिरे से बिछाने का काम पूरा नहीं हो सका। डीएम ने बताया कि गरमपानी क्षेत्र के अधिकतर हिस्सों में दूसरे अन्य फीडरों और उपकेंद्रों की मदद से बिजली आपूूर्ति बहाल कराई जा चुकी है।
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कोसी नदी के बीच से होकर जाने वाली क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों की मरम्मत का होना था काम
माई सिटी रिपोर्टर
नैनीताल। दैवीय आपदा के दौरान गरमपानी स्थित 11 केवी विद्युत उपकेंद्र से जुड़ी लाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस कारण पहाड़ का बड़ा क्षेत्र पिछले कई दिनों से अंधेरे में डूबा था। कोसी नदी के बीच से होकर जाने वाली क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों की मरम्मत के लिए प्रशासन को सेना की मदद लेनी पड़ी, लेकिन दोपहर बाद नदी में पानी का प्रवाह तेज होने के कारण कार्य पूरा नहीं हो सका। यूपीसीएल के अधिकारियों को अब नदी के पानी का कम होने का इंतजार है।
डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि बृहस्पतिवार को यूपीसीएल के स्टाफ की मदद के लिए 14 डोगरा रेजीमेंट के जवानों को भेजा गया। जवानों ने नदी के किनारे से दूसरे छोर तक विद्युत लाइनों को बिछाने का काम किया, लेकिन दोपहर बाद नदी में पानी का प्रवाह तेज हो गया। इस कारण बृहस्पतिवार को क्षतिग्रस्त लाइनों को नए सिरे से बिछाने का काम पूरा नहीं हो सका। डीएम ने बताया कि गरमपानी क्षेत्र के अधिकतर हिस्सों में दूसरे अन्य फीडरों और उपकेंद्रों की मदद से बिजली आपूूर्ति बहाल कराई जा चुकी है।
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