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हरिद्वार में नालों पर अतिक्रमण मामले में सरकार से जवाब तलब
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प्रतीकात्मक फोटो।
नैनीताल। हाईकोर्ट ने हरिद्वार में नालों के ऊपर किए गए अतिक्रमण के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार, सचिव ग्रामीण विकास, डीएम हरिद्वार को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अक्तूबर की तिथि नियत की है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हरिद्वार निवासी मुलकी राज ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कुछ लोगों ने भुवनपुर चमरवाल, बहादराबाद में नालियों के ऊपर अतिक्रमण कर निर्माण कर लिया है। याचिका में कहा गया है कि इसकी वजह से बरसात में पानी लोगों के घरों में घुस रहा है।
याचिका में यह भी कहा गया कि इस क्षेत्र में नालियों की मरम्मत होनी प्रस्तावित थी लेकिन अतिक्रमण के कारण इसका निर्माण नहीं हो पा रहा है। पूर्व में राजस्व निरीक्षक ने भी इसकी जांच की जिसमें यहां अतिक्रमण पाया गया। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार, सचिव ग्रामीण विकास और डीएम हरिद्वार को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अक्तूबर की तिथि नियत की।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हरिद्वार निवासी मुलकी राज ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कुछ लोगों ने भुवनपुर चमरवाल, बहादराबाद में नालियों के ऊपर अतिक्रमण कर निर्माण कर लिया है। याचिका में कहा गया है कि इसकी वजह से बरसात में पानी लोगों के घरों में घुस रहा है।
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याचिका में यह भी कहा गया कि इस क्षेत्र में नालियों की मरम्मत होनी प्रस्तावित थी लेकिन अतिक्रमण के कारण इसका निर्माण नहीं हो पा रहा है। पूर्व में राजस्व निरीक्षक ने भी इसकी जांच की जिसमें यहां अतिक्रमण पाया गया। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार, सचिव ग्रामीण विकास और डीएम हरिद्वार को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अक्तूबर की तिथि नियत की।
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