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अनशनकारी को पुलिस ने जबरन अस्पताल भेजा
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Thu, 04 Aug 2016 01:13 AM IST
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रामलीला कमेटी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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लाखों रुपये के कथित गबन के खुलासे की मांग को लेकर 31 जुलाई से आमरण अनशन पर बैठे रामलीला कमेटी के महामंत्री अमित कबडवाल को सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने जबरन अनशन स्थल से उठाकर बेस अस्पताल में भर्ती करा दिया है। बेस अस्पताल में अमित को ग्लूकोज जा रहा है। अमित के स्थान पर बुधवार को प्रकाश पांडे अनशन पर बैठ गया है। इधर, अमित ने कमेटी के किसी भी सदस्य के द्वारा भावावेश में आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
श्री रामलीला कमेटी में लाखों के गबन का आरोप लगाते हुए महामंत्री अमित कबडवाल बुधवार को चौथे दिन आमरण अनशन पर रहे। डाक्टरों ने जांच के बाद जिला प्रशासन को रिपोर्ट दी कि अमित का ब्लड प्रेशर 170/110 है और सांस लेने में तकलीफ हो रही है। सिटी मजिस्ट्रेट ने गंभीर हालत का हवाला देते हुए कोतवाली पुलिस को फोर्स फीडिंग कराने के निर्देश दिए। कोतवाल आरएस मेहता का कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह के आदेश पर अमित को जबरदस्ती उठाकर बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में अमित का इलाज चल रहा है।
अस्पताल से एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम में भेजे ज्ञापन में अमित ने चेताया है कि आंदोलन से जुड़ा कोई व्यक्ति भावावेश में आकर बगैर सूचना के किसी भी समय और कहीं भी व्यस्ततम चौराहे में आत्मदाह की कोशिश कर सकता है। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और शासन की होगी। चेतावनी की जानकारी मिलने के बाद एलआईयू सक्रिय हो गई है। पुलिस ऐसे लोगों को चिह्नित करने में जुट गई है।
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श्री रामलीला कमेटी में लाखों के गबन का आरोप लगाते हुए महामंत्री अमित कबडवाल बुधवार को चौथे दिन आमरण अनशन पर रहे। डाक्टरों ने जांच के बाद जिला प्रशासन को रिपोर्ट दी कि अमित का ब्लड प्रेशर 170/110 है और सांस लेने में तकलीफ हो रही है। सिटी मजिस्ट्रेट ने गंभीर हालत का हवाला देते हुए कोतवाली पुलिस को फोर्स फीडिंग कराने के निर्देश दिए। कोतवाल आरएस मेहता का कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह के आदेश पर अमित को जबरदस्ती उठाकर बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में अमित का इलाज चल रहा है।
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अस्पताल से एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम में भेजे ज्ञापन में अमित ने चेताया है कि आंदोलन से जुड़ा कोई व्यक्ति भावावेश में आकर बगैर सूचना के किसी भी समय और कहीं भी व्यस्ततम चौराहे में आत्मदाह की कोशिश कर सकता है। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और शासन की होगी। चेतावनी की जानकारी मिलने के बाद एलआईयू सक्रिय हो गई है। पुलिस ऐसे लोगों को चिह्नित करने में जुट गई है।
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