फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Another death by negligence Stiac

लापरवाही से एसटीएच में एक और मौत 

Mon, 15 Aug 2016 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी। Updated Mon, 15 Aug 2016 01:44 AM IST
विज्ञापन
सुशीला तिवारी अस्पताल में लापरवाही के चलते रविवार तड़के एक और मरीज की मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद डाक्टर के साथ परिजनों की तीखी नोकझोंक हुई। सूचना मिलने पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने मामले को शांत कराया। 
विज्ञापन


छड़ायल नयाबाद संगम विहार निवासी पूरन चंद्र तिवारी (65) को शनिवार की देर रात उल्टी और दस्त होने पर बेटी शोभा सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर पहुंची। तिवारी को इमरजेंसी में भर्ती किया गया। तिवारी का ब्लड प्रेशर, पल्स रेट और हार्ट बीट गिर रही थी। इमरजेंसी में तैनात पीजी जेआर डाक्टर तिवारी की उल्टी-दस्त नियंत्रित करने में लगे रहे। ब्लड प्रेशर, हार्ट बीट और पल्स रेट पर ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन


शोभा ने डाक्टर से कई बार कहा कि पिता को सीने में भारीपन महसूस हो रहा है मगर डाक्टर ने ध्यान नहीं दिया। डाक्टर ने किसी सीनियर डाक्टर को भी नहीं बुलाया। ईसीजी करने के बाद डाक्टर के पैरों तले जमीन खिसक गई। ईसीजी में जबरदस्त चेंज थे। ईसीजी के कुछ ही देर बात लगभग चार बजे सुबह तिवारी की मौत हो गई। मौत के बाद शोभा और डाक्टरों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। मृतक तिवारी का एक रिश्तेदार पीसीएस अधिकारी हैं और कुमाऊं में तैनात हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले की सूचना उनको दी गई। सूचना मिलने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह रविवार सुबह साढ़े पांच बजे एसटीएच पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट सिंह ने मेडिकल कालेज के प्रभारी प्राचार्य डा. सीपी भैसोड़ा को मौके पर बुलाया लिया। सिंह ने बताया कि शोभा के कहने के बाद भी डाक्टर ने छाती में भारीपन की बात को गंभीरता से नहीं लिया। प्राचार्य डा. भैसोड़ा ने भी डाक्टर से जवाब-तलब किया और सीनियर डाक्टर को न बुलाने का कारण पूछा। इस पर डाक्टर बगले झांकने लगा। 
==================
एसटीएच में कब-कब हुई घटनाएं
= 14.8.16  को लापरवाही के चलते बुजुर्ग की मौत, नोकझोंक। 
= 15.06.16 को प्रसव के बाद प्रसूता की मौत, हंगामा।
= 14.04.15 को पत्रकार तारा जोशी की पत्नी के इलाज में लापरवाही से मौत, हंगामा।
= 19.04.15 को नवजात बच्ची की मौत पर हंगामा।
= 20.04.15 को नवजात बच्ची की मौत, हंगामा।
= 09.05.15 को डाक्टर ने तीमारदार के जड़ा तमाचा।
= 02.10.15 को तीमारदारों ने डाक्टरों को पीटा और इलाज में लगाया लापरवाही का आरोप।
= 03.11.15 को डाक्टर एवं मरीज के बीच मारपीट।
= 06.01.14 को मरीज का आपरेशन न करने पर हंगामा।
= 01.04.14 को दिल के रोगी की मौत पर हंगामा।
= 09.07.14 को प्रसव के दौरान बच्चे की मौत के बाद मां की जान बचाने के लिए यूटरस निकाला गया।
= 15.12.13 को बीजेपी नेता की मौत के बाद हंगामा।
= 05.09.12 को बरेली रोड निवासी विपिन चंद्र सनवाल की मौत के बाद बवाल।  
:::::::::::::::::::::::::::::::::::
कोट 
एसटीएच में लापरवाही से पूर्व में भी कई मौत हो चुकी हैं। रात्रि में कार्यरत डाक्टर सीनियर को नहीं बुलाते हैं और मरीज के साथ आए तीमारदार की नहीं सुनते हैं। मामला गंभीर है और इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। 

हरबीर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी
कोट 
केस अगर समझ में नहीं आ रहा था तो सीनियर डाक्टर को बुलाना चाहिए था। डा. अरुण जोशी किसी भी समय काल करने पर आ जाते हैं। डाक्टर से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा कि किन परिस्थितियों में सीनियर डाक्टर को नहीं बुलाया। तिवारी का पूरा हार्ट ब्लाक होने के कारण मौत हुई। 
डा. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed