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लोगों के घरों में कैद होने से जानवरों को आजादी का एहसास

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2020 11:45 PM IST
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Animals realize freedom from being imprisoned in people's homes
रॉयल बंगाल टाईगर। - फोटो : NAINITAL
नैनीताल। पिछले साल तक अप्रैल माह के पहले हफ्ते में जीबी पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में सुबह से लेकर शाम तक सैलानियों की खासी भीड़ रहती थी। लॉकडाउन के चलते चिड़ियाघर वीरान नजर आ रहा है। हालांकि यहां रह रहे जानवरों के स्वभाव में बदलाव आया है। आमतौर पर बाड़ों में बनी अपनी गुफाओं में छुपे रहने वाले पशु बाहर आकर चहलकदमी कर रहे हैं। वे लोगों की आवाजाही न होने पर आजादी महसूस कर रहे हैं।
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वन विभाग ने 18 मार्च को चिड़ियाघर सैलानियों के लिए बंद कर दिया था। चिड़ियाघर में इस समय 232 छोटे-बड़े पशु पक्षी हैं। चिड़ियाघर में जब पर्यटक आते थे तो शर्मीले स्वभाव के भालू अधिकतर अपने बाड़ों में बनी गुफाओं में रहना पसंद करते थे लेकिन जब से लोगों की आवाजाही थमी है वे खुलकर बाड़ों में घूम रहे हैं। बाड़ों में बनाए गए पौंड में नहाने का लुत्फ उठा रहे हैं। इसके साथ ही रॉयल बंगाल टाइगर भी अपने बाड़ों में राजा की तरह घूम रहे हैं। फीजेंट पक्षी भी बेखौफ इधर-उधर घूम रहे हैं।
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1995 में बना था चिड़ियाघर
वन्य जीवों के संरक्षण के उद्देश्य से 2020 मीटर की ऊंचाई पर 1995 में नगर के शेर का डांडा पहाड़ी पर जीबी पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान बनाया गया था। जो धीरे धीरे पर्यटन का आकर्षक केंद्र बन गया। नैनीताल आने वाले सैलानी यहां आकर पशुओं का दीदार करना नहीं भूलते।
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चिड़ियाघर में घुरड़ के बच्चे ने लिया जन्म
लॉकडाउन के दौरान चिड़ियाघर में एक घुरड़ के बच्चे ने जन्म लिया है। उद्यान की रेंजर ममता चंद्र ने बताया कि इसी के साथ उद्यान में घुरड़ों की संख्या सात हो गई है। नवजात अभी अपनी मां के साथ है। इसलिए उसके लिंग की पुष्टी नहीं की गई है। इससे पहले यहां तीन नर और तीन मादा घुरड़ थे।
इन दिनों यहां के जानवरों के स्वभाव में थोड़ा परिवर्तन आया है। जानवर अधिकतर लोगों की आवाजाही पसंद नहीं करते हैं लेकिन इन दिनों वे अपनी गुफाओं से बाहर आकर ज्यादा देर तक चहलकदमी कर रहे हैं। साथ ही ज्यादा खुश नजर आ रहे हैं। - रेखा सुयाल, बॉयोलॉजिस्ट, चिड़ियाघर

18 मार्च से चिड़ियाघर में पर्यटकों के आने पर रोक है। इसके बाद से ही जानवरों के स्वभाव में बदलाव देखने को मिला। जहां भीड़ को देखकर वे छिप जाया करते थे वहीं इन दिनों बिना डर के घूम रहे हैं और तनाव रहित नजर आ रहे हैं। - डीएस बोनाल, डिप्टी रेंजर, चिड़ियाघर, नैनीताल

फीजेंट पक्षी।

फीजेंट पक्षी।- फोटो : NAINITAL

घुरल का जन्मा बच्चा।

घुरल का जन्मा बच्चा।- फोटो : NAINITAL

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