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लिखावट की गति धीमी, हैंडराइटिंग भी बदली
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Amarujala Education Abhiyan in Haldwani
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हल्द्वानी। कोविड काल में चली ऑनलाइन कक्षाओं के कारण विद्यार्थियों की लिखावट की गति धीमी हो गई है। साथ ही उनकी हैंडराइटिंग भी अब बदल गई है।
कोरोना काल में मोबाइल की कमी के कारण कई छात्र-छात्राएं ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ नहीं ले पाए। स्कूल खुलने के बाद विद्यार्थी एक बार फिर पुरानी दिनचर्या में ढलने लगे हैं। ऑनलाइन के बजाए स्कूल की पढ़ाई को विद्यार्थियों ने कारगर बताया। शिक्षकों का मानना है कि कोरोना के कारण लंबे समय तक घर पर रहने के कारण बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता, धैर्य की कमी के साथ ही पढ़ाई के प्रति रुचि भी कम हुई है।
ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन कक्षाएं बेहतर हैं। ऑनलाइन कक्षा में पढ़ाया समझ नहीं आता था। स्कूल में पढ़ाया ज्यादा समझ में आता है। लिखने की आदत में बदलाव आया है। - निखिल मौर्य
कोरोना के कारण स्कूल बंद होने से लिखने की स्पीड कम हो गई है। स्कूल खुलने के बाद आदत में बदलाव आ रहा है। हैंडराइटिंग में भी सुधार की जरूरत पड़ रही है। - मयंक आर्य
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कोविड के दौरान स्कूल बंद होने से घर में पढ़ा नहीं जा रहा था। ऑनलाइन कक्षा में सभी प्रश्न समझ नहीं आते थे। स्कूल खुलने के बाद पढ़ने में आसानी हुई। शिक्षकों ने कोर्स भी पूरा कराया। - सानिया सिद्दीकी
ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान सही से पढ़ने का मौका नहीं मिला। ऑफलाइन पढ़ने की आदत छूट गई थी। इससे लिखने की गति भी धीम हो गई है। स्कूल खुलने के बाद उत्साहित हूं। - सोनी पॉल
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कोरोना काल में मोबाइल की कमी के कारण कई छात्र-छात्राएं ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ नहीं ले पाए। स्कूल खुलने के बाद विद्यार्थी एक बार फिर पुरानी दिनचर्या में ढलने लगे हैं। ऑनलाइन के बजाए स्कूल की पढ़ाई को विद्यार्थियों ने कारगर बताया। शिक्षकों का मानना है कि कोरोना के कारण लंबे समय तक घर पर रहने के कारण बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता, धैर्य की कमी के साथ ही पढ़ाई के प्रति रुचि भी कम हुई है।
ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन कक्षाएं बेहतर हैं। ऑनलाइन कक्षा में पढ़ाया समझ नहीं आता था। स्कूल में पढ़ाया ज्यादा समझ में आता है। लिखने की आदत में बदलाव आया है। - निखिल मौर्य
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कोरोना के कारण स्कूल बंद होने से लिखने की स्पीड कम हो गई है। स्कूल खुलने के बाद आदत में बदलाव आ रहा है। हैंडराइटिंग में भी सुधार की जरूरत पड़ रही है। - मयंक आर्य
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कोविड के दौरान स्कूल बंद होने से घर में पढ़ा नहीं जा रहा था। ऑनलाइन कक्षा में सभी प्रश्न समझ नहीं आते थे। स्कूल खुलने के बाद पढ़ने में आसानी हुई। शिक्षकों ने कोर्स भी पूरा कराया। - सानिया सिद्दीकी
ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान सही से पढ़ने का मौका नहीं मिला। ऑफलाइन पढ़ने की आदत छूट गई थी। इससे लिखने की गति भी धीम हो गई है। स्कूल खुलने के बाद उत्साहित हूं। - सोनी पॉल