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Nainital News: बीमार रामनगर अस्पताल को डॉक्टरों की संजीवनी का इंतजार
Thu, 24 Apr 2025 02:33 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 24 Apr 2025 02:33 AM IST
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अस्पताल में सो रहा कुत्ता।
रामनगर। पीपीपी मोड से हटने के 23 दिन बाद भी रामनगर संयुक्त चिकित्सालय डॉक्टरों की तैनाती, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड नहीं होने के चलते अब भी रेफरल सेंटर ही बना हुआ है। इस कारण यहां एक तो मरीज कम पहुंच रहे हैं, जो आ भी रहे हैं तो उन्हें विशेषज्ञों की कमी के चलते यहां से बिना इलाज, टेस्ट कराए ही लौटना पड़ रहा है। शासन से यहां आठ नए चिकित्सकों की तैनाती के बावजूद अब तक तैनाती नहीं हो सकी है जिससे मरीज परेशान हैं।
राम दत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय कुमाऊं और गढ़वाल के प्रवेश द्वार पर स्थित है। इसके चलते यहां छोई, बैलपड़ाव, पीरूमदारा, ढिकुली, कानिया, मरचूला, मोहान, सुंदरखाल समेत कई दूरस्थ स्थानों से मरीज पहुंचते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से अल्ट्रासाउंड व सीटी स्केन नहीं हो पा रहे हैं। इसका सबसे अधिक प्रभाव गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा हैं। दूरस्थ स्थानों से आने वाली महिलाओं को निजी अस्पतालों से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है।
रेडियोलॉजिस्ट समेत आठ चिकित्सकों की अब तक तैनाती नहीं
शासन ने यहां आठ चिकित्सकों की तैनाती के आदेश कई दिन पहले कर दिए थे। इसमें रेडियोलॉजिस्ट समेत अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं। समय रहते रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती हो जाती तो अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे के लिए मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ता, मगर अब तक ऐसा नहीं हो सका है।
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इतना स्टॉफ कर रहा कार्य
एक अप्रैल से रामनगर का संयुक्त चिकित्सालय पीपीपी मोड से हटकर सरकारी तंत्र में आ गया है। मौजूदा समय में 15 चिकित्सक जिसमें पांच ईएमओ, सर्जन, आई सर्जन, ऑर्थो सर्जन, 12 वार्ड ब्वाय, 16 नर्स कार्यरत हैं।
कोट-
पीपीपी मोड में संचालित होने के दौरान प्रतिदिन अस्पताल में एक हजार से 12 सौ की ओपीडी आती थी। 50 अल्ट्रासांउड व 50 सीटी स्केन प्रतिदिन हुआ करते थे।
- डॉ. प्रतीक सिंह, संचालक, पीपीपी मोड।
कोट-
अस्पताल में प्रतिदिन औसतन चार सौ ओपीडी आ रही हैं। जल्द ही अस्पताल में आठ और चिकित्सकों तैनाती होने है। इनकी लिस्ट जारी हो गई है। इसमें रेडियोलॉजिस्ट भी शामिल हैं। चिकित्सकों की तैनाती के बाद अल्ट्रासांउड और सीटी स्केन भी शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. विनोद टंटा, सीएमएस, संयुक्त चिकित्सालय रामनगर।
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राम दत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय कुमाऊं और गढ़वाल के प्रवेश द्वार पर स्थित है। इसके चलते यहां छोई, बैलपड़ाव, पीरूमदारा, ढिकुली, कानिया, मरचूला, मोहान, सुंदरखाल समेत कई दूरस्थ स्थानों से मरीज पहुंचते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से अल्ट्रासाउंड व सीटी स्केन नहीं हो पा रहे हैं। इसका सबसे अधिक प्रभाव गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा हैं। दूरस्थ स्थानों से आने वाली महिलाओं को निजी अस्पतालों से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है।
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रेडियोलॉजिस्ट समेत आठ चिकित्सकों की अब तक तैनाती नहीं
शासन ने यहां आठ चिकित्सकों की तैनाती के आदेश कई दिन पहले कर दिए थे। इसमें रेडियोलॉजिस्ट समेत अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं। समय रहते रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती हो जाती तो अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे के लिए मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ता, मगर अब तक ऐसा नहीं हो सका है।
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इतना स्टॉफ कर रहा कार्य
एक अप्रैल से रामनगर का संयुक्त चिकित्सालय पीपीपी मोड से हटकर सरकारी तंत्र में आ गया है। मौजूदा समय में 15 चिकित्सक जिसमें पांच ईएमओ, सर्जन, आई सर्जन, ऑर्थो सर्जन, 12 वार्ड ब्वाय, 16 नर्स कार्यरत हैं।
कोट-
पीपीपी मोड में संचालित होने के दौरान प्रतिदिन अस्पताल में एक हजार से 12 सौ की ओपीडी आती थी। 50 अल्ट्रासांउड व 50 सीटी स्केन प्रतिदिन हुआ करते थे।
- डॉ. प्रतीक सिंह, संचालक, पीपीपी मोड।
कोट-
अस्पताल में प्रतिदिन औसतन चार सौ ओपीडी आ रही हैं। जल्द ही अस्पताल में आठ और चिकित्सकों तैनाती होने है। इनकी लिस्ट जारी हो गई है। इसमें रेडियोलॉजिस्ट भी शामिल हैं। चिकित्सकों की तैनाती के बाद अल्ट्रासांउड और सीटी स्केन भी शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. विनोद टंटा, सीएमएस, संयुक्त चिकित्सालय रामनगर।