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Nainital News: अध्यक्ष की कुर्सी पर कमल खिलाने के लिए अब करना होगा कमाल, भाजपा को जोड़-तोड़ की राजनीति से आस
Sat, 02 Aug 2025 12:40 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Sat, 02 Aug 2025 12:40 PM IST
सार
इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी बचाने के लिए भाजपा को जोड़-तोड़ की राजनीति का ही सहारा लेना पड़ेगा। अब भाजपा या तो निर्दलीय उम्मीदवारों का सहारा लेगी या बगियों का। कांग्रेस के लिए इस बार भी अध्यक्ष की कुर्सी दूर की कौड़ी साबित हो रही है।
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सांकेतिक तस्वीर।
विस्तार
इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी बचाने के लिए भाजपा को जोड़-तोड़ की राजनीति का ही सहारा लेना पड़ेगा। अब भाजपा या तो निर्दलीय उम्मीदवारों का सहारा लेगी या बगियों का। कांग्रेस के लिए इस बार भी अध्यक्ष की कुर्सी दूर की कौड़ी साबित हो रही है क्योंकि पार्टी समर्थित मात्र दो उम्मीदवार ही जीतकर सदन में पहुंचे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी इस बार अनारक्षित है। हालांकि यह अनंतिम आरक्षण है। चुनाव आयोग ने दो से चार अगस्त तक आरक्षण पर आपत्ति दर्ज करने का मौका दिया है। हालांकि कम ही उम्मीद है कि इस आरक्षण में बदलाव होगा। इधर, आरक्षण तय होने के बाद भाजपा और कांग्रेस अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए जुगत में लग गए हैं।
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जिला पंचायत की 27 सीटों पर विजेता घोषित उम्मीदवारों का परिदृश्य देखें तो भाजपा और कांग्रेस दोनों बहुमत से फिलहाल दूर है। भाजपा ने जिला पंचायत की 27 में से 23 सीटों पर अपने समर्थित उम्मीदवार उतारे थे लेकिन इनमें से मात्र आठ ही जीतकर सदन पहुंचे हैं। कांग्रेस की हालत और भी दयनीय है। पार्टी समर्थित मात्र दो उम्मीदवार ही चुनाव जीत सके हैं। पार्टी ने इस बार आठ उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। बहुमत के लिए जरूरी 14 सीटों से दोनों दल काफी दूर हैं।
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बागी और निर्दलीय ही निभाएंगे मुख्य भूमिका
जिला पंचायत के अध्यक्ष पद पर स्थिति साफ होने के बाद निर्दलीयों और बागी जिला पंचायत सदस्य की निर्णायक की भूमिका में आ गए हैं। भाजपा से कई ऐसे जिला पंचायत सदस्य चुनकर आए हैं जिन पर पार्टी आलाकमान ने भरोसा नहीं जताया था। अब उन पर भी पार्टी के नेताओं की नजर है। चर्चा है कि अभी से जीते सदस्यों को अपने पाले में लाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
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भाजपा में महिला उम्मीदवार का नाम सबसे आगे
निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष वेला तोलिया के डॉ. छवि कांडपाल से हार के बाद इस पद पर फिर एक महिला उम्मीदवार का नाम सबसे आगे है। कांग्रेस में मात्र दो सदस्य जीतने के कारण अध्यक्ष पद के प्रत्याशी चयन में ज्यादा मुश्किल नहीं है। करीब छह माह पहले नगर निगम हल्द्वानी में मेयर की सीट सामान्य हुई थी। इधर, जिला पंचायत अध्यक्ष पद सामान्य होने के बाद पार्टी ऐसे चेहरे पर दांव खेलेगी जिससे जातिगत समीकरण में संतुलन बना रहे।