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बिना आईडी बिक रहे एक्टिवेटेड सिम
अमर उजाला ब्यूरो, मुक्तेश्वर (नैनीताल)।
Updated Sun, 21 Aug 2016 01:33 AM IST
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क्षेत्र की दुकानों में खुले आम बिना आईडी दिए आप किसी भी कंपनी का एक्टिवेटेड सिम ले सकते हैं वह भी महज 70 से 150 रुपये में।
लोगों के मुताबिक क्षेत्र में कई लोग नए सिम के 3 से 4 दिन के भीतर एक्टीवेट होने का इंतजार नहीं करते और पहले से एक्टिवेटेड सिम की मांग करते हैं। लिहाजा दुकानदार ऐसे सिम मंहगी कीमत पर बेच रहे हैं। बताया जाता है कि ऐसे सिम फर्जी आईडी लगाकर पहले से ही एक्टीवेट करा लिए जाते हैं। इन दिनों क्षेत्र में नेपाली और बिहारी मूल के काफी मजदूर काम के सिलसिले में आए हैं। जो ऐसे सिम की खरीद कर रहे हैं।
सुरक्षा की दृष्टि से देखा जाए तो यह काफी बड़ा मामला है। आमतौर पर मोबाइल ही अपराधी के पकडे़ जाने में मददगार साबित होता है पर वही अगर फर्जी आईडी पर हो तो अपराधी को पकड़ना आसान नहीं होगा। ऐसे सिम बेचने वालों के खिलाफ जांच खानापूरी तक सीमित रह जाती है।
बताया जाता है कि एक्टिवेटेड सिम यूपी के रामपुर, मुरादाबाद और बिलासपुर से लाए जा रहे हैं। जबकि फर्जी वोटर आईडी की फोटो स्टेट कापियां भी दुकानदारों को बेचने का धंधा जोरों पर है। थानाध्यक्ष नित्यानंद पंत का कहना है कि जल्द मामले की जांच कराई जाएगी और यदि शिकायत सही मिली तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।
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लोगों के मुताबिक क्षेत्र में कई लोग नए सिम के 3 से 4 दिन के भीतर एक्टीवेट होने का इंतजार नहीं करते और पहले से एक्टिवेटेड सिम की मांग करते हैं। लिहाजा दुकानदार ऐसे सिम मंहगी कीमत पर बेच रहे हैं। बताया जाता है कि ऐसे सिम फर्जी आईडी लगाकर पहले से ही एक्टीवेट करा लिए जाते हैं। इन दिनों क्षेत्र में नेपाली और बिहारी मूल के काफी मजदूर काम के सिलसिले में आए हैं। जो ऐसे सिम की खरीद कर रहे हैं।
सुरक्षा की दृष्टि से देखा जाए तो यह काफी बड़ा मामला है। आमतौर पर मोबाइल ही अपराधी के पकडे़ जाने में मददगार साबित होता है पर वही अगर फर्जी आईडी पर हो तो अपराधी को पकड़ना आसान नहीं होगा। ऐसे सिम बेचने वालों के खिलाफ जांच खानापूरी तक सीमित रह जाती है।
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बताया जाता है कि एक्टिवेटेड सिम यूपी के रामपुर, मुरादाबाद और बिलासपुर से लाए जा रहे हैं। जबकि फर्जी वोटर आईडी की फोटो स्टेट कापियां भी दुकानदारों को बेचने का धंधा जोरों पर है। थानाध्यक्ष नित्यानंद पंत का कहना है कि जल्द मामले की जांच कराई जाएगी और यदि शिकायत सही मिली तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।
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