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Nainital News: जमीनी विवाद का आरोपी दोषमुक्त
Mon, 05 Oct 2026 01:58 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Mon, 05 Oct 2026 01:58 AM IST
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हल्द्वानी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मीनाक्षी शर्मा की अदालत ने जमीनी विवाद में पीड़ित और उसके पिता को जान से मारने की धमकी देने के आरोपी ललित जोशी को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया है। साक्ष्यों के अभाव में आरोप साबित न होने को आधार बनाते हुए कोर्ट ने चार अक्तूबर को फैसला सुनाया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम साहखोल (भीमताल) में पैतृक भूमि को लेकर आरोपी ललित जोशी और पीड़ित भुवन जोशी के बीच विवाद चल रहा था। पीड़ित का आरोप था कि ललित जोशी ने शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया। ऐसा न करने पर आरोपी ने उन्हें व उनके पिता को जान से मारने की धमकी दे डाली। मामले में पीड़ित ने 16 जुलाई 2021 को प्राथमिकी दर्ज कराई। 22 अगस्त 2022 को पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। 19 नवंबर 2022 से मामले में सुनवाई शुरू हुई।
इस दौरान पीड़ित पक्ष कोर्ट में आरोप साबित करने वाले साक्ष्य पेश नहीं कर सका। पुलिस को धमकी से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग सीडी के रूप में भी उपलब्ध कराई गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने डिजिटल साक्ष्य की चेन ऑफ कस्टडी स्पष्ट न होने और गवाहों के बयानों में विरोधाभास को आधार माना। सीडीआर संबंधित आवश्यक प्रमाण-पत्र भी नहीं मिले। इस आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए ललित जोशी को बरी कर दिया।
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जानकारी के अनुसार, ग्राम साहखोल (भीमताल) में पैतृक भूमि को लेकर आरोपी ललित जोशी और पीड़ित भुवन जोशी के बीच विवाद चल रहा था। पीड़ित का आरोप था कि ललित जोशी ने शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया। ऐसा न करने पर आरोपी ने उन्हें व उनके पिता को जान से मारने की धमकी दे डाली। मामले में पीड़ित ने 16 जुलाई 2021 को प्राथमिकी दर्ज कराई। 22 अगस्त 2022 को पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। 19 नवंबर 2022 से मामले में सुनवाई शुरू हुई।
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इस दौरान पीड़ित पक्ष कोर्ट में आरोप साबित करने वाले साक्ष्य पेश नहीं कर सका। पुलिस को धमकी से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग सीडी के रूप में भी उपलब्ध कराई गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने डिजिटल साक्ष्य की चेन ऑफ कस्टडी स्पष्ट न होने और गवाहों के बयानों में विरोधाभास को आधार माना। सीडीआर संबंधित आवश्यक प्रमाण-पत्र भी नहीं मिले। इस आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए ललित जोशी को बरी कर दिया।
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