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उपलब्धि: कुमाऊं विश्वविद्यालय की शोधार्थी ने खोजी लाइकेन की नई प्रजाति, ऑलोग्राफा बिनसारेन्सिस दिया नाम
Thu, 15 Oct 2026 12:38 PM IST
Heera
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: Heera
Updated Thu, 15 Oct 2026 12:38 PM IST
सार
कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर की शोध छात्रा नेहा पाल ने लाइकेन पर शोध में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने उत्तराखंड में 47 ऐसी लाइकेन प्रजातियां दर्ज की हैं जिनकी जानकारी पहले राज्य के संदर्भ में उपलब्ध नहीं थी।
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ऑलोग्राफा बिनसारेन्सिस लाइकेन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर की शोध छात्रा नेहा पाल ने लाइकेन पर शोध के दौरान महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने उत्तराखंड में 47 ऐसी लाइकेन प्रजातियों को दर्ज किया है जिनकी जानकारी इससे पहले राज्य के संदर्भ में उपलब्ध नहीं थी। इसके साथ ही भारत के लिए चार नई प्रजातियों के रिकॉर्ड सामने आए हैं जिनमें एक प्रजाति विज्ञान जगत के लिए पूरी तरह नई है।
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नेहा की इस उपलब्धि में सबसे खास खोज अल्मोड़ा स्थित बिनसर वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र से मिली लाइकेन प्रजाति है। इसे 'ऑलोग्राफा बिनसारेन्सिस' नाम दिया गया है। इस नई प्रजाति का विवरण प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जर्नल द ब्रायोलॉजिस्ट में प्रकाशित हुआ है।
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शोध के दौरान ग्राफिस एंटीलारम लाइकेन को भारतीय उपमहाद्वीप में पहली बार दर्ज किया गया जबकि लेसिडेला डेस्टीट्यूटा लाइकेनको भारत के लिए नए रिकॉर्ड के रूप में शामिल किया गया। इन प्रजातियों से संबंधित शोध क्रमशः बायोलॉजी बुलेटिन और फेड्स रेपोरियम जैसे वैज्ञानिक जर्नलों में प्रकाशित हुआ। इसके अलावा, उत्तराखंड में पहली बार दर्ज की गई 13 बुएलॉयड लाइकेन प्रजातियों पर शोध को प्रतिष्ठित पत्रिका कवका में स्थान मिला है।
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