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फर्जी रवन्ने से खनिज तस्करी का भंडाफोड़
Nainital
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:33 AM IST
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हल्द्वानी। रेता, बजरी की तस्करी के लिए जालसाजों ने खान विभाग का फर्जी एमएम-11 रव्वना तैयार कर लिया है। आशंका है कि इस फर्जी रवन्ने से लाखों रुपए का खनिज ठिकाने लगा दिया गया। खान विभाग की टीम ने ऐसा ही फर्जी रव्वना अमृतपुर क्षेत्र के भौर्सा में छापे के दौरान पकड़ा है। यहां पर दो पट्टों में अवैध खनन की पुष्टि हुई है। पट्टाधारकों पर लाखों रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा भीमताल थाने में फर्जी रव्वना का मुकदमा दर्ज कराने के साथ उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजने की बात अधिकारी कह रहे हैं। अमृतपुर का इलाका अवैध तस्करी के लिए बदनाम रहा है। पहले भी यहां से अवैध खनन पकड़ा गया था, पर हालात सुधरे नहीं है। खान विभाग के उप निदेशक राजपाल लेघा ने शनिवार को भौर्सा गांव में छापा मारा। यहां पर तारा दत्त पलड़िया के पट्टे में 1300 घनमीटर अवैध खनन की पुष्टि हुई। इस पर छह लाख का जुुर्माना ठोका गया है। इसी तरह प्रवीण चौधरी के पट्टे में गड़बड़ी मिली। यहां से 800 घनमीटर अवैध तरीके से खनिज निकाला गया था। प्रवीण पर चार लाख का जुर्माना लगाया गया है। उप निदेशक ने बताया कि कार्रवाई के दौरान टीम को विभाग का फर्जी एमएम-11 मिला (यह अभिलेख तय करता है कि सभी नियमों को पूरा करते हुए वैध तौर पर खनिज को ले जाया जा रहा है) है। इसकी सीरीज, मुहर और अधिकारियों के हस्ताक्षर फर्जी हैं। फर्जी रव्वने से तस्करी की जा रही थी। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। करीब चार दिन पहले भी तराई पूर्वी वन प्रभाग की टीम ने तीन अवैध खनिज से लदे डंपरों को पकड़ा था। वन विभाग की भी फर्जी ट्रांजिट रसीद
करीब दो महीने पहले इसी तरह की वन विभाग की फर्जी ट्रांजिट रसीद पकड़ी गई थी। इस फर्जी रसीद के पीछे कथित तौर पर लालकुआं के एक ट्रांसपोर्टर का नाम आया था। इस रसीद के जरिए लाखों रुपए के अभिवहन शुल्क की हेराफेरी करने की आशंका थी। इस मामले में वन महकमे ने लालकुआं कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया था।
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करीब दो महीने पहले इसी तरह की वन विभाग की फर्जी ट्रांजिट रसीद पकड़ी गई थी। इस फर्जी रसीद के पीछे कथित तौर पर लालकुआं के एक ट्रांसपोर्टर का नाम आया था। इस रसीद के जरिए लाखों रुपए के अभिवहन शुल्क की हेराफेरी करने की आशंका थी। इस मामले में वन महकमे ने लालकुआं कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया था।
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