{"_id":"116-90153","slug":"Nainital-90153-116","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्बेट पार्क के नाम पर फर्जीवाड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्बेट पार्क के नाम पर फर्जीवाड़ा
Nainital
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामनगर। कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के नाम पर पर्यटकों से फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। टूर आपरेटरों ने सीटीआर की वेबसाइट की हूबहू फर्जी वेबसाइट बना ली हैं। उनके जरिए वे देश-विदेश के पर्यटकों की अवैध बुकिंग कर रहे हैं। पर्यटकों की शिकायत पर सीटीआर प्रशासन ने जांच कराई तो 25 वेबसाइट चिह्नित की गईं। सभी को नोटिस जारी कर दिया गया है।
बीते दिनों वेबसाइट के जरिए बुकिंग कराकर कई पर्यटक सीटीआर मुख्य गेट पर पहुंचे। कर्मचारियों ने देखा तो उनकी बुकिंग फर्जी निकली। पर्यटकों ने कहा कि उन्होंने ऑनलाइन बुकिंग कराई है। इस बीच पर्यटकों और कर्मचारियों की नोकझोंक भी हुई। उन्होंने सीटीआर प्रशासन से शिकायत की। इस पर सीटीआर प्रशासन ने गहन जांच पड़ताल की तो अफसर भी हैरान रह गए। टूर आपरेटरों ने कार्बेट पार्क की वेबसाइट से मिलती-जुलती अपनी वेबसाइट बना रखी है। उसमें कार्बेट पार्क को अपनी संपत्ति बताकर बुकिंग की जा रही है। देश-विदेश के पर्यटक इन साइटों के जरिए बुकिंग कराते हैं। यहां आकर पर्यटक ठगा महसूस करते हैं। गौरतलब यह है कि वेबसाइट में पार्क की जानकारियों के साथ ढिकाला के पुराने वन विश्राम गृह की फोटो भी अपलोड की गई है। पार्क के निदेशक समीर सिन्हा ने बताया कि ऐसी 25 वेबसाइट चिंहित की गई हैं, उन्हें आईटी एक्ट के तहत नोटिस भेजे गए हैं।
------------
कार्बेट के नाम पर घुमाते थे सीतावनी
रामनगर। टूर आपरेटर और टैक्सी चालकों की पर्यटकों के साथ धोखाधड़ी पूर्व में कई बार पकड़ी जा चुकी है। वे कार्बेट पार्क के नाम पर पर्यटकों को सीतावनी का भ्रमण करा देते थे। कई बार मामला कोतवाली तक पहुंचा। इस पर सीटीआर प्रशासन को सीतावनी में जगह-जगह बोर्ड लगाने पड़े जिनमें लिखा था ‘ये कार्बेट पार्क नहीं है’। फिलहाल यहां अब कार्बेट लैंडस्केप के बोर्ड लगाए गए हैं।
विज्ञापन
फोटो संख्या: 17आरएनआर08
फोटो विवरण: चिह्नित की गई वेबसाइट दिखाते पार्क निदेशक।
विज्ञापन
बीते दिनों वेबसाइट के जरिए बुकिंग कराकर कई पर्यटक सीटीआर मुख्य गेट पर पहुंचे। कर्मचारियों ने देखा तो उनकी बुकिंग फर्जी निकली। पर्यटकों ने कहा कि उन्होंने ऑनलाइन बुकिंग कराई है। इस बीच पर्यटकों और कर्मचारियों की नोकझोंक भी हुई। उन्होंने सीटीआर प्रशासन से शिकायत की। इस पर सीटीआर प्रशासन ने गहन जांच पड़ताल की तो अफसर भी हैरान रह गए। टूर आपरेटरों ने कार्बेट पार्क की वेबसाइट से मिलती-जुलती अपनी वेबसाइट बना रखी है। उसमें कार्बेट पार्क को अपनी संपत्ति बताकर बुकिंग की जा रही है। देश-विदेश के पर्यटक इन साइटों के जरिए बुकिंग कराते हैं। यहां आकर पर्यटक ठगा महसूस करते हैं। गौरतलब यह है कि वेबसाइट में पार्क की जानकारियों के साथ ढिकाला के पुराने वन विश्राम गृह की फोटो भी अपलोड की गई है। पार्क के निदेशक समीर सिन्हा ने बताया कि ऐसी 25 वेबसाइट चिंहित की गई हैं, उन्हें आईटी एक्ट के तहत नोटिस भेजे गए हैं।
विज्ञापन
------------
कार्बेट के नाम पर घुमाते थे सीतावनी
रामनगर। टूर आपरेटर और टैक्सी चालकों की पर्यटकों के साथ धोखाधड़ी पूर्व में कई बार पकड़ी जा चुकी है। वे कार्बेट पार्क के नाम पर पर्यटकों को सीतावनी का भ्रमण करा देते थे। कई बार मामला कोतवाली तक पहुंचा। इस पर सीटीआर प्रशासन को सीतावनी में जगह-जगह बोर्ड लगाने पड़े जिनमें लिखा था ‘ये कार्बेट पार्क नहीं है’। फिलहाल यहां अब कार्बेट लैंडस्केप के बोर्ड लगाए गए हैं।
विज्ञापन
फोटो संख्या: 17आरएनआर08
फोटो विवरण: चिह्नित की गई वेबसाइट दिखाते पार्क निदेशक।