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बस नहीं मिलने से दिनभर परेशान रहे यात्री
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school bus accident
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हल्द्वानी। लोकसभा चुनाव में अधिकांश बसें लगाने के कारण पर्वतीय रूट खाली हो गए। बसें नहीं होने के कारण केमू और रोडवेज ने अपनी अधिकांश सेवाएं निरस्त कर दी। सेवाएं निरस्त होने के कारण यात्रियों को घंटे इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों को होटल में रात बितानी पड़ी जबकि कुछ या तो घर लौट गए या रिश्तेदारों के घर गए।
बुधवार को रोडवेज, केमू, गढ़वाल यूजर्स, इंटरसिटी सहित कई यूनियनों की बसे चुनाव ड्यूटी में चली गई। चुनाव ड्यूटी में बसों के जाने के कारण पूरे कुमाऊं की परिवहन व्यवस्था चरमरा गई। रोडवेज और केमू ने बस नहीं होने के कारण कई पर्वतीय रूटों का संचालन निरस्त कर दिया। खासकर नैनीताल, भीमताल, भवाली, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, जागेश्वर, रानीखेत जाने वाले यात्रियों को बसें ही नहीं मिली। उधर टनकपुर, बरेली, रामनगर, कालाढूंगी, रुद्रपुर, बाजपुर, काशीपुर जाने के लिए भी यात्रियों को घंटे इंतजार करना पड़ा। पर्वतीय रूटों में यात्री टैक्सियों की छत में बैठकर गए। टैक्सी वालों ने यात्रियों से मनमाना किराया वसूल किया।
बसें नहीं मिली तो होटल और रिश्तेदारी में शरण लेनी पड़ी
पर्वतीय रूटों की बसें गायब, टैक्सी संचालकों ने मनमाना किराया वसूला
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बुधवार को रोडवेज, केमू, गढ़वाल यूजर्स, इंटरसिटी सहित कई यूनियनों की बसे चुनाव ड्यूटी में चली गई। चुनाव ड्यूटी में बसों के जाने के कारण पूरे कुमाऊं की परिवहन व्यवस्था चरमरा गई। रोडवेज और केमू ने बस नहीं होने के कारण कई पर्वतीय रूटों का संचालन निरस्त कर दिया। खासकर नैनीताल, भीमताल, भवाली, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, जागेश्वर, रानीखेत जाने वाले यात्रियों को बसें ही नहीं मिली। उधर टनकपुर, बरेली, रामनगर, कालाढूंगी, रुद्रपुर, बाजपुर, काशीपुर जाने के लिए भी यात्रियों को घंटे इंतजार करना पड़ा। पर्वतीय रूटों में यात्री टैक्सियों की छत में बैठकर गए। टैक्सी वालों ने यात्रियों से मनमाना किराया वसूल किया।
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पर्वतीय रूटों की बसें गायब, टैक्सी संचालकों ने मनमाना किराया वसूला