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900 खनन वाहन नदी में फंसे
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उपखनिज गेट से निकासी बंद होने से कडापानी गेट पर पसरा सन्नाटा।
- फोटो : CHORGALIA
चोरगलिया (नैनीताल)। नंधौर नदी के चार खनन गेटों पर उपखनिज निकासी के लिए गए करीब 900 वाहन सोमवार दिनभर फंसे रहे। सिसौना सितारगंज में सड़क पर धरना प्रदर्शन होने से पुलिस-प्रशासन ने इन वाहनों को नदी से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी।
सितारगंज ऊधमसिंह नगर में बीते रविवार को एक युवक के डंपर की चपेट में आकर मौत हो गई थी। घटना से गुस्साए लोगों ने खनन वाहनों की आवाजाही बंद करने समेत अन्य मांगों को लेकर रविवार से सड़क पर धरना शुरू कर दिया था, जो सोमवार को भी जारी रहा। इसे देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने नंधौर नदी के कड़ापानी, कड़ापानी प्रथम, गल्फार और एमबीआर खनन गेट में उप खनिज निकासी के लिए गए 900 वाहनों को बाहर आने की अनुमति नहीं दी। वाहनों के नदी में फंसने से खनन कारोबारी भी परेशान रहे। खनन वाहनों के फंसने से सरकार को लगभग 20 लाख के राजस्व का नुकसान हुआ है। मंगलवार को खनिज निकासी को लेकर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। बता दें कि नंधौर नदी के खनन वाहन सितारगंज के क्रशरों में रेता-बजरी छोड़ने जाते हैं।
वन विकास निगम के अनुभाग अधिकारी टीसी तिवारी ने बताया कि हालात काबू में होने तक निकासी रोकने के लिए कहा गया है। अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया गया है।
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सितारगंज ऊधमसिंह नगर में बीते रविवार को एक युवक के डंपर की चपेट में आकर मौत हो गई थी। घटना से गुस्साए लोगों ने खनन वाहनों की आवाजाही बंद करने समेत अन्य मांगों को लेकर रविवार से सड़क पर धरना शुरू कर दिया था, जो सोमवार को भी जारी रहा। इसे देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने नंधौर नदी के कड़ापानी, कड़ापानी प्रथम, गल्फार और एमबीआर खनन गेट में उप खनिज निकासी के लिए गए 900 वाहनों को बाहर आने की अनुमति नहीं दी। वाहनों के नदी में फंसने से खनन कारोबारी भी परेशान रहे। खनन वाहनों के फंसने से सरकार को लगभग 20 लाख के राजस्व का नुकसान हुआ है। मंगलवार को खनिज निकासी को लेकर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। बता दें कि नंधौर नदी के खनन वाहन सितारगंज के क्रशरों में रेता-बजरी छोड़ने जाते हैं।
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वन विकास निगम के अनुभाग अधिकारी टीसी तिवारी ने बताया कि हालात काबू में होने तक निकासी रोकने के लिए कहा गया है। अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया गया है।
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