{"_id":"5a9c59374f1c1b8e238bbcb4","slug":"81520195895-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव से पहले चुनाव कमेटी ने दे दिया इस्तीफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव से पहले चुनाव कमेटी ने दे दिया इस्तीफा
Updated Mon, 05 Mar 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। हल्द्वानी केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के दस मार्च को होने वाले चुनाव से पहले ही मुख्य चुनाव अधिकारी राजीव जायसवाल ने सात सदस्यीय चुनाव संचालन टीम के साथ इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ के अध्यक्ष एवं महामंत्री को भेजा है।
जायसवाल ने विनय बिरमानी, राजेश जोशी, आशुतोष कुंवर, सतेंद्र छतवाल, पंकज पंत, अरशद को कमेटी में शामिल किया था। उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ देहरादून के अध्यक्ष और महामंत्री को भेजे अपने इस्तीफे में कहा है कि कुछ प्रत्याशी सदस्यता को लेकर अनावश्यक दबाव बना रहे हैं। नए एवं पुराने सदस्यों की संख्या तय नहीं हो पा रही है। संस्था के सदस्यों की सूची को लेकर भी विवाद है। उन्होंने यह भी कहा कि वे तीन बार चुनाव करवा हैं। 2014 में एसोसिएशन के 412 सदस्य थे, जिनमें से करीब 390 ने वोट डाले थे। इस बार 550 सदस्य होने चाहिए थे लेकिन संस्था ने पूरी सूची प्रस्तुत नहीं की है। जो सदस्यों की जो सूची दी जा रही है, उसमें निवर्तमान पदाधिकारियों तक के नाम गायब हैं। विवाद की ऐसी स्थिति में चुनाव कराना मुश्किल था। हालांकि प्रदेश संगठन ने इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। ऐसी स्थिति में चुनाव होगा या नहीं इसको लेकर संशय बना है।
विज्ञापन
जायसवाल ने विनय बिरमानी, राजेश जोशी, आशुतोष कुंवर, सतेंद्र छतवाल, पंकज पंत, अरशद को कमेटी में शामिल किया था। उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ देहरादून के अध्यक्ष और महामंत्री को भेजे अपने इस्तीफे में कहा है कि कुछ प्रत्याशी सदस्यता को लेकर अनावश्यक दबाव बना रहे हैं। नए एवं पुराने सदस्यों की संख्या तय नहीं हो पा रही है। संस्था के सदस्यों की सूची को लेकर भी विवाद है। उन्होंने यह भी कहा कि वे तीन बार चुनाव करवा हैं। 2014 में एसोसिएशन के 412 सदस्य थे, जिनमें से करीब 390 ने वोट डाले थे। इस बार 550 सदस्य होने चाहिए थे लेकिन संस्था ने पूरी सूची प्रस्तुत नहीं की है। जो सदस्यों की जो सूची दी जा रही है, उसमें निवर्तमान पदाधिकारियों तक के नाम गायब हैं। विवाद की ऐसी स्थिति में चुनाव कराना मुश्किल था। हालांकि प्रदेश संगठन ने इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। ऐसी स्थिति में चुनाव होगा या नहीं इसको लेकर संशय बना है।
विज्ञापन