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मौत के मुंह में जाने से बचे 80 यात्री
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/नैनीताल।
Updated Thu, 24 Sep 2015 01:24 AM IST
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नैनीताल से रुड़की जा रही रोडवेज बस नैनीताल से पांच किमी दूर ताकुला के पास आयरिश बैंड में असंतुलित हो गई। गाड़ी के डिवाइडर की वजह से रुकने से उसमें सवार करीब 80 लोगों की जान बाल-बाल बच गई।
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बस शाम साढ़े छह बजे नैनीताल से रुड़की जाती है। बुधवार को नंदा देवी डोले को देखने नैनीताल के आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में नैनीताल गए थे।
नैनीताल से हल्द्वानी आ रही अधिकांश बसें बुधवार को ओवर लोड होकर चल रही थीं। रुड़की जाने वाली बस (यूपी 07 पी 2081) में करीब 75 से 80 यात्री शामिल थे।
इनमें हरिद्वार, रुड़की, हल्द्वानी के अलावा नैनीताल के आसपास के कई यात्री शामिल थे। बस में सवार यात्रियों में मेला देखकर लौट रहे अधिकांश युवा रास्ते भर शोर मचाते आ रहे थे।
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आयरिश बैंड पर हल्द्वानी की ओर से आ रही एक कार तेजी से आगे बढ़ी। ड्राइवर रनवीर ने बस किनारे की तो कंडक्टर अरविंद ने रुकने के लिए आवाज लगाई, लेकिन गाड़ी में मच रहे शोरगुल के कारण ड्राइवर को कुछ नहीं सुनाई दिया।
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गाड़ी सड़क किनारे डिवाइडर से लग गई। डिवाइडर से लगने के बाद यात्रियों में गाड़ी के भीतर अफरातफरी मच गई। बदहवास लोग एक-एक कर गाड़ी से उतरने लगे। जिस जगह गाड़ी डिवाइडर से टकराई है, वहां से अगर बस गिरती तो कम से कम 500 मीटर गहरी खाई में जाती।
ड्राइवर ने बस को आगे पीछे करने का प्रयास भी किया, लेकिन टायरों के डिवाइडर से फंस जाने के कारण गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकी। नैनीताल रोडवेज के अधिकारियों को क्रेन भेजने के लिए फोन किया गया।
अधिकांश यात्रियों को प्राइवेट टैक्सियों से दोगुने पैसे देकर गंतव्य की ओर आना पड़ा। देर रात तक घटना स्थल पर अधिकांश यात्री फंसे रहे।
इनमें महिलाएं, बच्चियां, स्कूली छात्र-छात्राएं भी शामिल रहे। देर रात तक क्रेन नहीं पहुंची थी और दूर जाने वाले यात्री घटना स्थल पर ही फंसे थे।