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हल्द्वानी में 700 रुपये स्क्वायर फीट में बिक रही वन भूमि
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हल्द्वानी दमुवाढूंगा में आरक्षित वन भूमि पर बने भवन। अमर उजाला
हल्द्वानी। भू माफिया ने शहर में सरकारी जमीन की खरीद और बिक्री को बच्चों को खेल बना दिया है। काठगोदाम के दमुवाढूंगा में वन विभाग की आरक्षित भूमि को माफिया बेच रहे हैं। यहां 700 रुपये प्रति वर्ग फीट में आरक्षित वन भूमि बेची जा रही है। वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं है।
रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज की आरक्षित जमीन काठगोदाम क्षेत्र तक फैली है। इस आरक्षित जमीन पर न तो कोई निर्माण हो सकता है, न ही किसी को खरीदी बेची जा सकती है। इस भूमि पर कोई पक्का निर्माण भी नहीं हो सकता है। वन विभाग के अनुसार करीब 270 हेक्टेयर जमीन पर यहां अतिक्रमण हो चुका है और इस जमीन पर पक्के निर्माण हो चुके हैं। जमीनी हकीकत यह है कि दमुवाढूंगा के आसपास फैले 500 से 1000 हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध कब्जा हो चुका है।
स्टांप पेपर पर बेची जा रही जमीनें
दमुवाढूंगा में रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन स्टांप पेपरों पर बेची जा रही है। भले ही प्रापर्टी डीलरों के पास इसका दस्तावेज नहीं हो, लेकिन इसका रेट 700 रुपये वर्ग फीट से शुरू हो रहा है। यहां खरीदने वाले बेखौफ होकर जमीन खरीद और बेच रहे हैं।
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पहाड़ की तलहटी तक हो रहे पक्के निर्माण
दमुवाढूंगा में पहाड़ की तलहटी तक अवैध निर्माण हो चुके हैं। दमुवाढूुंगा क्षेत्र में दर्जनों निर्माण चल रहे हैं। यहां चल रहे निर्माण पर कोई रोकने टोकने वाला भी नहीं है। वन विभाग की जो जमीन खाली है उसको भी भू माफिया घेर कर कब्जे में ले चुके हैं।
दमुवाढूंगा में रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। जो जमीन खाली है उस पर पौधरोपण कराया जाएगा। वन विभाग की ओर से जमीन की खरीद बिक्री रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड भी लगाया जाएगा। वन भूमि पर कब्जा हटाने के प्रशासन और पुलिस से भी वार्ता की जाएगी। -बीपी सिंह, डीएफओ, रामनगर
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रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज की आरक्षित जमीन काठगोदाम क्षेत्र तक फैली है। इस आरक्षित जमीन पर न तो कोई निर्माण हो सकता है, न ही किसी को खरीदी बेची जा सकती है। इस भूमि पर कोई पक्का निर्माण भी नहीं हो सकता है। वन विभाग के अनुसार करीब 270 हेक्टेयर जमीन पर यहां अतिक्रमण हो चुका है और इस जमीन पर पक्के निर्माण हो चुके हैं। जमीनी हकीकत यह है कि दमुवाढूंगा के आसपास फैले 500 से 1000 हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध कब्जा हो चुका है।
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स्टांप पेपर पर बेची जा रही जमीनें
दमुवाढूंगा में रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन स्टांप पेपरों पर बेची जा रही है। भले ही प्रापर्टी डीलरों के पास इसका दस्तावेज नहीं हो, लेकिन इसका रेट 700 रुपये वर्ग फीट से शुरू हो रहा है। यहां खरीदने वाले बेखौफ होकर जमीन खरीद और बेच रहे हैं।
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पहाड़ की तलहटी तक हो रहे पक्के निर्माण
दमुवाढूंगा में पहाड़ की तलहटी तक अवैध निर्माण हो चुके हैं। दमुवाढूुंगा क्षेत्र में दर्जनों निर्माण चल रहे हैं। यहां चल रहे निर्माण पर कोई रोकने टोकने वाला भी नहीं है। वन विभाग की जो जमीन खाली है उसको भी भू माफिया घेर कर कब्जे में ले चुके हैं।
दमुवाढूंगा में रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। जो जमीन खाली है उस पर पौधरोपण कराया जाएगा। वन विभाग की ओर से जमीन की खरीद बिक्री रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड भी लगाया जाएगा। वन भूमि पर कब्जा हटाने के प्रशासन और पुलिस से भी वार्ता की जाएगी। -बीपी सिंह, डीएफओ, रामनगर