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जीएसटी पोर्टल सेवा हुई धड़ाम
Updated Fri, 02 Feb 2018 02:12 AM IST
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हल्द्वानी। जीएसटी का ई वे बिल सिस्टम पहले दिन ही फेल हो गया है। जीएसटी पोर्टल के काम नहीं करने से एक भी ई वे बिल जारी नहीं हो सका। इसकी वजह से माल को इधर-उधर भेजने में कारोबारियों को खासी समस्या हुई। वहीं राज्य कर अधिकारियों की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में माल को यहां-वहां भेजने के लिए कई फार्म समाप्त कर ई वे बिल की व्यवस्था की गई है। 50,000 से अधिक का माल होने और 10 किमी से अधिक की दूरी होने पर ई वे बिल जरूरी है। उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एक फरवरी से ई वे बिल सिस्टम लागू किया गया है। इधर, बुधवार को लागू किया ई वे बिल सिस्टम पहले दिन ही बुरी तरह फ्लॉप हो गया। जीएसटी पोर्टल व्यस्त होने से सुबह से दोपहर तक एक भी ई वे बिल जारी नहीं हो सका। इसका सबसे ज्यादा असर पूरे कुमाऊं में खासकर हल्द्वानी में दिखाई दिया। कारोबारियों का आरोप है कि जब राज्य कर अधिकारियों से शिकायत की तो उन्होंने इंटरनेट का हवाला देकर हाथ खड़े कर दिए।
10 दिन के लिए स्थगित हुआ ई वे बिल
हल्द्वानी। राज्य कर आयुक्त सौजन्या ने ई वे बिल सिस्टम को 10 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पोर्टल के दोबारा सुचारु होने तक ई वे बिल को स्थगित किया गया है।
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कारोबारियों को आ रही हैं ये समस्याएं -
1) 50,000 से कम का माल होने पर व्यापारी के लिए ई वे बिल जरूरी नहीं है, लेकिन ट्रांसपोर्टर बिना बिल के माल ले जाने से इंकार कर रहे हैं।
2) यदि एक व्यापारी तीन अलग-अलग व्यापारियों को एक ही गाड़ी में 50,000 से ज्यादा कीमत का माल भेजता है तो भी अलग-अलग बिल बनाने को लेकर संशय बना है।
क्या कहते हैं अधिवक्ता
सेल्स टैक्स अधिवक्ता हृदयेश गुप्ता ने कहा कि सरकार को कोई भी सिस्टम लागू करने से पहले सॉफ्टवेयर अपडेट करना चाहिए। पहले जीएसटी अब ई वे बिल लागू करने से कारोबारियों को व्यापार में बहुत दिक्कत हो रही है।
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में माल को यहां-वहां भेजने के लिए कई फार्म समाप्त कर ई वे बिल की व्यवस्था की गई है। 50,000 से अधिक का माल होने और 10 किमी से अधिक की दूरी होने पर ई वे बिल जरूरी है। उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एक फरवरी से ई वे बिल सिस्टम लागू किया गया है। इधर, बुधवार को लागू किया ई वे बिल सिस्टम पहले दिन ही बुरी तरह फ्लॉप हो गया। जीएसटी पोर्टल व्यस्त होने से सुबह से दोपहर तक एक भी ई वे बिल जारी नहीं हो सका। इसका सबसे ज्यादा असर पूरे कुमाऊं में खासकर हल्द्वानी में दिखाई दिया। कारोबारियों का आरोप है कि जब राज्य कर अधिकारियों से शिकायत की तो उन्होंने इंटरनेट का हवाला देकर हाथ खड़े कर दिए।
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10 दिन के लिए स्थगित हुआ ई वे बिल
हल्द्वानी। राज्य कर आयुक्त सौजन्या ने ई वे बिल सिस्टम को 10 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पोर्टल के दोबारा सुचारु होने तक ई वे बिल को स्थगित किया गया है।
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कारोबारियों को आ रही हैं ये समस्याएं -
1) 50,000 से कम का माल होने पर व्यापारी के लिए ई वे बिल जरूरी नहीं है, लेकिन ट्रांसपोर्टर बिना बिल के माल ले जाने से इंकार कर रहे हैं।
2) यदि एक व्यापारी तीन अलग-अलग व्यापारियों को एक ही गाड़ी में 50,000 से ज्यादा कीमत का माल भेजता है तो भी अलग-अलग बिल बनाने को लेकर संशय बना है।
क्या कहते हैं अधिवक्ता
सेल्स टैक्स अधिवक्ता हृदयेश गुप्ता ने कहा कि सरकार को कोई भी सिस्टम लागू करने से पहले सॉफ्टवेयर अपडेट करना चाहिए। पहले जीएसटी अब ई वे बिल लागू करने से कारोबारियों को व्यापार में बहुत दिक्कत हो रही है।