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एक शिक्षिका के सहारे 62 बच्चों का भविष्य
Updated Mon, 16 Jul 2018 02:13 AM IST
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स्कूल
- फोटो : SELF
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सरकारों का भी अजब हाल है। बच्चों को सभी सुविधाएं देने के उद्देश्य से स्कूलों पर आदर्श का तमगा तो लगा दिया गया मगर जब सुविधाएं देने की बात आई तो सब हाथ खड़े करने की मुद्रा में आ गए। बेतालघाट ब्लॉक के बजेड़ी गांव स्थित राजकीय आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय और भीमताल के राजकीय आदर्श विद्यालय की हालत खराब है। पतलोट महाविद्यालय तो इंटर कॉलेज में चल रहा है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी सब जानते हैं मगर अनजान बने हैं। भीमताल से हरीश चंद्र पांडे, गरमपानी से आनंद खाती और पतलोट से रमेश परगाई की रिपोर्ट
बच्चे 62, शिक्षिका सिर्फ एक
गरमपानी (नैनीताल)। बेतालघाट ब्लॉक के बजेड़ी गांव स्थित राजकीय आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय में छठी से आठवीं तक 62 बच्चे पढ़ते हैं लेकिन पढ़ाई वाली सिर्फ एक शिक्षिका हैं। अभिभावक संघ अध्यक्ष राजेंद्र सिंह कार्की ने बताया कि आदर्श विद्यालय के नाम से उन्होंने रामनगर में पढ़ रहे अपने बच्चों का नाम कटवाकर यहां दर्ज करवाया था। बजेड़ी के प्रधान शेखर राम ने कहा कि बीडीसी बैठक में शिक्षकों की कमी की समस्या कई बार उठाया गया। उपशिक्षा अधिकारी बेतालघाट भूपेंद्र कुमार ने बताया कि बेसिक और माध्यमिक को मिलाकर पढ़ाने की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। डीईओ प्राथमिक गोपाल स्वरूप भारद्वाज ने आदर्श विद्यालय हमारी प्राथमिकता में है।
जिला पंचायत भवन में किराए पर चल रहा स्कूल
भीमताल (नैनीताल) शहर के बीचों बीच 1931 में स्थापित राजकीय आदर्श विद्यालय भीमताल का भी यही हाल है। अपना भवन जर्जर हुआ तो जिला पंचायत के भवन में किराये पर कमरे लिए गए। इसकी ऊपरी बिल्डिंग भी जर्जर हो चुकी है। यहां पहली से आठवीं तक कुल 42 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सहायक अध्यापक देवी लाल बलियानी और जगदीश सिंह के ऊपर पढ़ाई की जिम्मेदारी है। मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता ने भवन का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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यहां इंटर कॉलेज में डिग्री कॉलेज
पतलोट (नैनीताल)। ओखलकांडा ब्लॉक के पतलोट महाविद्यालय एक सितंबर 2016 से राजकीय इंटर कॉलेज पतलोट के दो कक्ष में संचालित किया जा रहा है। खुद के भवन के लिए छह करोड़ के प्रस्ताव को अब तक मंजूरी नहीं मिली है। जबकि महाविद्यालय के लिए ग्रामसभा मटेला की ओर से 85 नाली जमीन की 11 माह पहले रजिस्ट्री की जा चुकी है। कॉलेज में 230 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रघुवीर सिंह मटियाली, छात्रा ममता पोखरिया, प्राध्यापक डॉ. आलोक पांडे, छात्र अनिल भट्ट, आदि ने सीएम को पत्र भेजा है। यहां अधोड़ा, मीडार, डुंगरी, सुवाकोट पोखरी, कुंडल, डालकन्या, गौनियारों, ल्वाड़-डोबा, हरीशताल, कालाआगर, गरगड़ी, खनस्यू, देवली सहित कई गांवों के बच्चे 10 किमी की पैदल चलकर पहुंचते हैं।
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बच्चे 62, शिक्षिका सिर्फ एक
गरमपानी (नैनीताल)। बेतालघाट ब्लॉक के बजेड़ी गांव स्थित राजकीय आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय में छठी से आठवीं तक 62 बच्चे पढ़ते हैं लेकिन पढ़ाई वाली सिर्फ एक शिक्षिका हैं। अभिभावक संघ अध्यक्ष राजेंद्र सिंह कार्की ने बताया कि आदर्श विद्यालय के नाम से उन्होंने रामनगर में पढ़ रहे अपने बच्चों का नाम कटवाकर यहां दर्ज करवाया था। बजेड़ी के प्रधान शेखर राम ने कहा कि बीडीसी बैठक में शिक्षकों की कमी की समस्या कई बार उठाया गया। उपशिक्षा अधिकारी बेतालघाट भूपेंद्र कुमार ने बताया कि बेसिक और माध्यमिक को मिलाकर पढ़ाने की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। डीईओ प्राथमिक गोपाल स्वरूप भारद्वाज ने आदर्श विद्यालय हमारी प्राथमिकता में है।
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जिला पंचायत भवन में किराए पर चल रहा स्कूल
भीमताल (नैनीताल) शहर के बीचों बीच 1931 में स्थापित राजकीय आदर्श विद्यालय भीमताल का भी यही हाल है। अपना भवन जर्जर हुआ तो जिला पंचायत के भवन में किराये पर कमरे लिए गए। इसकी ऊपरी बिल्डिंग भी जर्जर हो चुकी है। यहां पहली से आठवीं तक कुल 42 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सहायक अध्यापक देवी लाल बलियानी और जगदीश सिंह के ऊपर पढ़ाई की जिम्मेदारी है। मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता ने भवन का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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यहां इंटर कॉलेज में डिग्री कॉलेज
पतलोट (नैनीताल)। ओखलकांडा ब्लॉक के पतलोट महाविद्यालय एक सितंबर 2016 से राजकीय इंटर कॉलेज पतलोट के दो कक्ष में संचालित किया जा रहा है। खुद के भवन के लिए छह करोड़ के प्रस्ताव को अब तक मंजूरी नहीं मिली है। जबकि महाविद्यालय के लिए ग्रामसभा मटेला की ओर से 85 नाली जमीन की 11 माह पहले रजिस्ट्री की जा चुकी है। कॉलेज में 230 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रघुवीर सिंह मटियाली, छात्रा ममता पोखरिया, प्राध्यापक डॉ. आलोक पांडे, छात्र अनिल भट्ट, आदि ने सीएम को पत्र भेजा है। यहां अधोड़ा, मीडार, डुंगरी, सुवाकोट पोखरी, कुंडल, डालकन्या, गौनियारों, ल्वाड़-डोबा, हरीशताल, कालाआगर, गरगड़ी, खनस्यू, देवली सहित कई गांवों के बच्चे 10 किमी की पैदल चलकर पहुंचते हैं।