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इस बार मचेगा पेयजल के लिए हाहाकार
Updated Sun, 25 Mar 2018 02:47 AM IST
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हल्द्वानी। नदियों और नलकूपों के गिरते जलस्तर से इस बार पेयजल का गंभीर संकट पैदा होने के आसार हैं। पेयजल के गिरते जलस्तर के कारण अभी से मई जैसे हालात हो गए हैं। पिछले साल पहले 16 मई महीने में जहां गौला का जलस्तर 50 क्यूसेक रिकार्ड किया गया था, वहीं इस बार 23 मार्च को ही गौला का जलस्तर गिरकर 71 क्यूसेक रह गया है। बारिश नहीं हुई तो इस बार मार्च आखिरी या अप्रैल पहले हफ्ते में ही पिछले पांच वर्षों के मई महीने का रिकार्ड टूट सकता है।
जलसंस्थान के ईई संतोष कुमार उपाध्याय ने बताया कि गौला का जलस्तर साल दर साल लगातार गिरता जा रहा है। पिछले छह वर्षों में 23 मार्च को गौला का जलस्तर न्यूनतम स्तर 71 क्यूसेक तक पहुंच गया है। पांच साल पहले 2014 को 16 मई को गौला का जलस्तर सबसे न्यूनतम स्तर 50 क्यूसेक दर्ज किया गया था, लेकिन इस बार हालात यह हैं कि अभी से गौला का जलस्तर लगातार गिरकर 71 क्यूसेक रह गया है। उन्होंने बताया कि यही हालात रहे तो एक, दो दिन में पानी रोस्टर से बांटना पड़ेगा।
अभी से शुरू हो गए मई जैसे हालात
पिछले साल 16 मई को हुआ था गौला का जलस्तर 50 क्यूसेक
इस बार 23 मार्च को ही पहुंचा 71 क्यूसेक
पिछले छह वर्षों में 24 मार्च को गौला का जलस्तर
24 मार्च 2013 182 क्यूसेक
24 मार्च 2013 177 क्यूसेक
24 मार्च 2013 302 क्यूसेक
24 मार्च 2013 118 क्यूसेक
24 मार्च 2013 90 क्यूसेक
24 मार्च 2013 70 क्यूसेक
20 से 25 फुट गिरा नलकूपों का जलस्तर
जलसंस्थान के 10 नलकूप भी हैं इनमें शामिल
हल्द्वानी। मार्च में ही गर्मी ने इतना भीषण रूप ले लिया है कि नदियों के साथ ही नलकूपों का जलस्तर भी लगातार गिरता जा रहा है। नलकूपों का जलस्तर गिरने से कई नलकूपों से तो पानी मिलना ही मुश्किल हो गया है। पानी नहीं मिलने से क्षेत्रवासी परेशान हैं। शहर और आसपास के आस्था कालोनी, दमुवाढूंगा, कालटैक्स, इंदिरानगर, लटूरिया बाबा आश्रम, आईटीआई, ऊंचापुल, बिठौरिया, पीपल पोखरा, हिम्मतपुर मल्ला. हिम्मतपुर तल्ला, आंवलाकोट, रामड़ी आन सिंह, पनियाली, हरिपुर नायक में नलकूपों का जलस्तर 20 से 25 फुट तक गिर गया है। इन नलकूपों से अब पानी मिलना मुश्किल हो गया है। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संतोष कुमार उपाध्याय का कहना है कि नलकूपों का जलस्तर लगातार गिरने से विभाग के लिए मुश्किलें पैदा हो गई हैं। इसी तरह नलकूपों का जलस्तर गिरता रहा तो पेयजल सप्लाई सामान्य करने में दिक्कतें आएंगी।
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जलसंस्थान के ईई संतोष कुमार उपाध्याय ने बताया कि गौला का जलस्तर साल दर साल लगातार गिरता जा रहा है। पिछले छह वर्षों में 23 मार्च को गौला का जलस्तर न्यूनतम स्तर 71 क्यूसेक तक पहुंच गया है। पांच साल पहले 2014 को 16 मई को गौला का जलस्तर सबसे न्यूनतम स्तर 50 क्यूसेक दर्ज किया गया था, लेकिन इस बार हालात यह हैं कि अभी से गौला का जलस्तर लगातार गिरकर 71 क्यूसेक रह गया है। उन्होंने बताया कि यही हालात रहे तो एक, दो दिन में पानी रोस्टर से बांटना पड़ेगा।
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अभी से शुरू हो गए मई जैसे हालात
पिछले साल 16 मई को हुआ था गौला का जलस्तर 50 क्यूसेक
इस बार 23 मार्च को ही पहुंचा 71 क्यूसेक
पिछले छह वर्षों में 24 मार्च को गौला का जलस्तर
24 मार्च 2013 182 क्यूसेक
24 मार्च 2013 177 क्यूसेक
24 मार्च 2013 302 क्यूसेक
24 मार्च 2013 118 क्यूसेक
24 मार्च 2013 90 क्यूसेक
24 मार्च 2013 70 क्यूसेक
20 से 25 फुट गिरा नलकूपों का जलस्तर
जलसंस्थान के 10 नलकूप भी हैं इनमें शामिल
हल्द्वानी। मार्च में ही गर्मी ने इतना भीषण रूप ले लिया है कि नदियों के साथ ही नलकूपों का जलस्तर भी लगातार गिरता जा रहा है। नलकूपों का जलस्तर गिरने से कई नलकूपों से तो पानी मिलना ही मुश्किल हो गया है। पानी नहीं मिलने से क्षेत्रवासी परेशान हैं। शहर और आसपास के आस्था कालोनी, दमुवाढूंगा, कालटैक्स, इंदिरानगर, लटूरिया बाबा आश्रम, आईटीआई, ऊंचापुल, बिठौरिया, पीपल पोखरा, हिम्मतपुर मल्ला. हिम्मतपुर तल्ला, आंवलाकोट, रामड़ी आन सिंह, पनियाली, हरिपुर नायक में नलकूपों का जलस्तर 20 से 25 फुट तक गिर गया है। इन नलकूपों से अब पानी मिलना मुश्किल हो गया है। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संतोष कुमार उपाध्याय का कहना है कि नलकूपों का जलस्तर लगातार गिरने से विभाग के लिए मुश्किलें पैदा हो गई हैं। इसी तरह नलकूपों का जलस्तर गिरता रहा तो पेयजल सप्लाई सामान्य करने में दिक्कतें आएंगी।
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