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आईएसबीटी : भाजपा अंधेरे में
Updated Mon, 29 Jan 2018 02:16 AM IST
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रोडवेज बस
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए जमीन को लेकर अब हो रही खोज से जाहिर है कि बिना पड़ताल किए ही सरकार ने गौला पार में प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस अड्डे का निर्माण रोकने का फैसला किया। अब आनन-फानन में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) के पास वाली जमीन का निरीक्षण किया गया है लेकिन इससे नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश को और मुखर होने का मौका दे दिया है।
करीब एक माह पहले ही मंत्रिमंडल ने गौलापार प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस अड्डे का निर्माण रोकने का फैसला किया था। उस समय कहा गया था कि प्रस्तावित बस अड्डे की जमीन सही नहीं है और हल्द्वानी में ही बस अड्डा बनाया जाएगा। अंतरराज्यीय बस अड्डे को नेता प्रतिपक्ष और हल्द्वानी विधायक डॉ. इंदिरा का ड्रीम प्रोजेक्ट भी माना जाता है और सरकार के इस फैसले से कुमाऊं में कांग्रेस को भाजपा के विरोध में खुलकर खेलने का मौका मिला। विपक्ष का दबाव पड़ा तो मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह तक कहा कि हल्द्वानी में बस अड्डे के लिए जमीन देखी जा चुकी है और जल्द ही सरकार इसका खुलासा भी कर देगी। शनिवार को यूओयू के पास की जमीन का सचिव परिवहन की ओर से निरीक्षण करने से जाहिर हो गया कि अभी अंधेरे में हाथ पांव मारे जा रहे हैं। सरकार के स्तर से जमीन अभी चिह्नित नहीं की गई है। डॉ. इंदिरा 30 जनवरी को कुमाऊं भर के कांग्रेसियों के साथ हल्द्वानी में भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान कर चुकी हैं और इसके दबाव में आनन फानन में देखी गई यूओयू के पास की जमीन से मामला और बिगड़ने के आसार हैं। इस जमीन के लिए कांग्रेस ने मंडी विस्तार का प्रस्ताव बनाया था और डॉ. इंदिरा अब इसी मामले को जोर शोर से उठा रही हैं। सरकार की जल्दबाजी का आलम यह है कि यह भी भुला दिया गया कि इस जमीन को पूर्व में बस अड्डे के लिए भी देखा गया था। उस समय केंद्र ने खैर के जंगल का हवाला देकर इस जमीन को बस अड्डे के लिए देने से मना कर दिया था।
इंदिरा को पांव पसारने का दिया मौका
हल्द्वानी। बस अड्डे के मामले में भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष और हल्द्वानी विधायक डॉ. इंदिरा को कुमाऊं में पांव पसारने का मौका भी दे दिया। 30 जनवरी की प्रस्तावित भूख हड़ताल में कुमाऊं भर के कांग्रेसियों को इकट्ठा कर इंदिरा ने भी इस मौके को भुनाने का पूरा संकेत दे दिया है। इंदिरा पर खुद कांग्रेसी हल्द्वानी से बाहर न निकलने का आरोप लगा रहे थे। अब इंदिरा के इस शो से कांग्रेसियों को भी शिकायत का कोई दूसरा मौका खोजना होगा। दूसरी ओर, खुद यह मामला इंदिरा के लिए एक चुनौती की तरह है। इंदिरा को यह भी देखना होगा कि इस मुहिम को कितनी दूर तक और कैसे खींच पाएंगी।
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जमीन चिह्नित होने का शोर मचाएंगे
हल्द्वानी। कांग्रेस की मुहिम का जवाब देने के लिए भाजपा ने यूओयू के पास वाली जमीन चिह्नित किए जाने का जोर-शोर से प्रचार करने की रणनीति बनाई है। मीडिया प्रभारी भुवन भट्ट के मुताबिक सोमवार को ट्रांसपोर्ट नगर में भाजपा नेताओं की ओर से मिठाई बांटी जाएगी। इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री प्रकाश पंत भी शामिल हो सकते हैं।
बिना होम वर्क के लिया अंतरराज्यीय बस अड्डे को शिफ्ट करने का फैसला
मुक्त विश्वविद्यालय के पास वाली जमीन को लेकर भी कई पेच
कांग्रेस को दिया और अधिक मुखर होने का एक और मौका
पूर्व में केंद्र अस्वीकृत कर चुका है इस जमीन का प्रस्ताव
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करीब एक माह पहले ही मंत्रिमंडल ने गौलापार प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस अड्डे का निर्माण रोकने का फैसला किया था। उस समय कहा गया था कि प्रस्तावित बस अड्डे की जमीन सही नहीं है और हल्द्वानी में ही बस अड्डा बनाया जाएगा। अंतरराज्यीय बस अड्डे को नेता प्रतिपक्ष और हल्द्वानी विधायक डॉ. इंदिरा का ड्रीम प्रोजेक्ट भी माना जाता है और सरकार के इस फैसले से कुमाऊं में कांग्रेस को भाजपा के विरोध में खुलकर खेलने का मौका मिला। विपक्ष का दबाव पड़ा तो मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह तक कहा कि हल्द्वानी में बस अड्डे के लिए जमीन देखी जा चुकी है और जल्द ही सरकार इसका खुलासा भी कर देगी। शनिवार को यूओयू के पास की जमीन का सचिव परिवहन की ओर से निरीक्षण करने से जाहिर हो गया कि अभी अंधेरे में हाथ पांव मारे जा रहे हैं। सरकार के स्तर से जमीन अभी चिह्नित नहीं की गई है। डॉ. इंदिरा 30 जनवरी को कुमाऊं भर के कांग्रेसियों के साथ हल्द्वानी में भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान कर चुकी हैं और इसके दबाव में आनन फानन में देखी गई यूओयू के पास की जमीन से मामला और बिगड़ने के आसार हैं। इस जमीन के लिए कांग्रेस ने मंडी विस्तार का प्रस्ताव बनाया था और डॉ. इंदिरा अब इसी मामले को जोर शोर से उठा रही हैं। सरकार की जल्दबाजी का आलम यह है कि यह भी भुला दिया गया कि इस जमीन को पूर्व में बस अड्डे के लिए भी देखा गया था। उस समय केंद्र ने खैर के जंगल का हवाला देकर इस जमीन को बस अड्डे के लिए देने से मना कर दिया था।
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इंदिरा को पांव पसारने का दिया मौका
हल्द्वानी। बस अड्डे के मामले में भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष और हल्द्वानी विधायक डॉ. इंदिरा को कुमाऊं में पांव पसारने का मौका भी दे दिया। 30 जनवरी की प्रस्तावित भूख हड़ताल में कुमाऊं भर के कांग्रेसियों को इकट्ठा कर इंदिरा ने भी इस मौके को भुनाने का पूरा संकेत दे दिया है। इंदिरा पर खुद कांग्रेसी हल्द्वानी से बाहर न निकलने का आरोप लगा रहे थे। अब इंदिरा के इस शो से कांग्रेसियों को भी शिकायत का कोई दूसरा मौका खोजना होगा। दूसरी ओर, खुद यह मामला इंदिरा के लिए एक चुनौती की तरह है। इंदिरा को यह भी देखना होगा कि इस मुहिम को कितनी दूर तक और कैसे खींच पाएंगी।
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जमीन चिह्नित होने का शोर मचाएंगे
हल्द्वानी। कांग्रेस की मुहिम का जवाब देने के लिए भाजपा ने यूओयू के पास वाली जमीन चिह्नित किए जाने का जोर-शोर से प्रचार करने की रणनीति बनाई है। मीडिया प्रभारी भुवन भट्ट के मुताबिक सोमवार को ट्रांसपोर्ट नगर में भाजपा नेताओं की ओर से मिठाई बांटी जाएगी। इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री प्रकाश पंत भी शामिल हो सकते हैं।
बिना होम वर्क के लिया अंतरराज्यीय बस अड्डे को शिफ्ट करने का फैसला
मुक्त विश्वविद्यालय के पास वाली जमीन को लेकर भी कई पेच
कांग्रेस को दिया और अधिक मुखर होने का एक और मौका
पूर्व में केंद्र अस्वीकृत कर चुका है इस जमीन का प्रस्ताव