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Nainital News: छात्र संघ चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण को ठहराया वैध, याचिकाएं की खारिज
Sat, 26 Sep 2026 01:37 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 26 Sep 2026 01:37 AM IST
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से छात्र संघ के पचास प्रतिशत पद छात्राओं के लिए आरक्षित किए जाने के मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार की ओर से छात्र संघ के चुनाव के लिए जारी पचास प्रतिशत आरक्षण को वैध पाते हुए छात्रों की ओर से दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अब छात्र संघ के चुनाव पचास प्रतिशत आरक्षण के आधार पर ही होंगे।
न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार रामनगर और हल्द्वानी कालेज के छात्र भरत केशवानी, मानस आर्य सहित कई अन्य उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर सरकार के उस शासनादेश को चुनौती दी थी जिसमें सरकार ने छात्र संघ चुनाव में पचास प्रतिशत आरक्षण निर्धारित कर दिया था। याचिकाओं में कहा था कि सरकार को आरक्षण तय करने की शक्ति नही है, इसलिए जारी आरक्षण नियमों के विरुद्ध होने के कारण इस शासनादेश को निरस्त किया जाए। सुनवाई पर सरकार कीअओर से कहा गया कि सरकार को आरक्षण तय करने की शक्ति है, यह उसे संविधान से प्राप्त हुई है इसलिए ये याचिकाएं पोषणीय नही है, लिहाजा इन्हे खारिज किया जाए। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सरकार के आदेश को सही पाते हुए सभी याचिकाओं को निरस्त कर दिया। इसके बाद अब छात्र संघ का चुनाव पचास प्रतिशत आरक्षण के अधार ही होंगे।
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न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार रामनगर और हल्द्वानी कालेज के छात्र भरत केशवानी, मानस आर्य सहित कई अन्य उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर सरकार के उस शासनादेश को चुनौती दी थी जिसमें सरकार ने छात्र संघ चुनाव में पचास प्रतिशत आरक्षण निर्धारित कर दिया था। याचिकाओं में कहा था कि सरकार को आरक्षण तय करने की शक्ति नही है, इसलिए जारी आरक्षण नियमों के विरुद्ध होने के कारण इस शासनादेश को निरस्त किया जाए। सुनवाई पर सरकार कीअओर से कहा गया कि सरकार को आरक्षण तय करने की शक्ति है, यह उसे संविधान से प्राप्त हुई है इसलिए ये याचिकाएं पोषणीय नही है, लिहाजा इन्हे खारिज किया जाए। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सरकार के आदेश को सही पाते हुए सभी याचिकाओं को निरस्त कर दिया। इसके बाद अब छात्र संघ का चुनाव पचास प्रतिशत आरक्षण के अधार ही होंगे।
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