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अतिक्रमण के नाम पर मकानों को नियमविरुद्ध तोड़ना गलत

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 24 Apr 2019 02:14 AM IST
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अतिक्रमण के नाम पर मकानों को नियमविरुद्ध तोड़ना गलत
हल्द्वानी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को मुखानी चौराहा पहुंचकर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान तोडे़े गए मकानों को देखा। अभियान से प्रभावित भवन स्वामियों से मिलने के बाद रावत ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर दशकों पुराने मकानों को नियमविरुद्ध तोड़ना गलत है। मकानों को तोड़ना ही था तो उन्हें अधिग्रहीत कर भवन स्वामियों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए था।
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मंगलवार दोपहर में पूर्व मुख्यमंत्री ने मुखानी चौराहे पर पहुंचकर प्रभावितों से मुलाकात की। प्रभावितों ने जिला प्रशासन और लोनिवि पर तोड़फोड़ के नाम पर एकतरफा कार्रवाई करने, तोड़फोड़ के दौरान भवन स्वामियों से अभद्रता करने, मकानों को तोड़ने से पहले भवन स्वामियों का पक्ष नहीं सुनने का आरोप लगाया। महिलाओं का कहना था कि उनके मकान कई दशक पुराने हैं। वर्षों पहले तत्कालीन डीएम एसपी सिंह ने भी उनके मकानों को सड़क पर अतिक्रमण नहीं माना था, लेकिन मौजूदा समय में अधिकारियों ने उनसे उनका आशियाना छीन लिया है। इससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रभावितों ने रावत से नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग भी की। साथ ही कहा कि वह किसी भी कीमत पर मुखानी चौराहे पर फ्लाई ओवर नहीं बनने देंगे। रावत ने कहा कि तोड़े गए अधिकतर भवन कई दशक पुराने हैं। इस तथ्य को प्रशासन को न्यायालय के समक्ष रखना चाहिए था। उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने की भी मांग की। इस दौरान कांग्रेसी नेता खजान पांडे, प्रयाग भट्ट, लवी चिलवाल आदि थे।
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अतिक्रमण के नाम पर मकानों को तोड़ना गलत
मुखानी चौराहा पहुंचे पूर्व सीएम हरीश रावत भवन स्वामियों से मिले
गुस्साए लोगों ने प्रशासन पर लगाया एकतरफा कार्रवाई का आरोप


सर ये देखिये 1942-54 में बनीं ईंटें
हल्द्वानी। अतिक्रमण अभियान से प्रभावित लोगों ने पूर्व सीएम हरीश रावत को तोड़फोड़ में निकली ईंटें दिखाते हुए कहा सर ये देखिये हमारे मकानों से निकली ईंटें, जो वर्ष 1942 और 1954 की बनी हैं। इससे साफ है कि हमारे मकान नए नहीं हैं, बल्कि कई दशक पहले के बने हैं।
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