फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   24 children freed from Sirauli Kalan Madrasa in Kichha

बच्चों से बर्बरता: सिरौलीकलां के मदरसे में 24 बच्चों को कराया मुक्त, कुमाऊं में नौ दिन के अंदर चौथी घटना

Tue, 17 Oct 2023 09:55 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Tue, 17 Oct 2023 09:55 AM IST
सार

कुमाऊं में पिछले नौ दिन के भीतर चार आवासीय शिक्षण संस्थानों में बच्चों से बर्बरता का मामला सामने आया है। पुलिस ने तीन मदरसों से 48 बच्चों को मुक्त कराया है।

विज्ञापन
24 children freed from Sirauli Kalan Madrasa in Kichha
मदरसा

विस्तार

पुलभट्टा पुलिस ने सिरौलीकलां के चारबीघा क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित मदरसे से 24 बच्चों को मुक्त कराया है। मदरसा संचालक की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि मुख्य आरोपी फरार है। पुलिस ने दंपती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुक्त कराए गए बच्चों की उम्र चार साल से 16 साल तक है। प्रशासन ने मदरसे को सील कर दिया है। 

विज्ञापन

 

बता दें कि, पिछले नौ दिन के भीतर कुमाऊं के चार आवासीय शिक्षण संस्थानों में बच्चों से बर्बरता का मामला सामने आया है। पुलिस ने तीन मदरसों से 48 बच्चों को मुक्त कराया है। 

विज्ञापन

 

सितारगंज के सीओ ओमप्रकाश ने बताया कि वार्ड 18 चारबीघा बाबू गोटिया सिरौलीकलां में बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन के दौरान पुलिस को अवैध मदरसा संचालित होने की सूचना मिली थी। पुलभट्टा थानाध्यक्ष कमलेश भट्ट के नेतृत्व में टीम ने इरशाद के घर पर पड़ताल की तो वहां ‘जामिया नगमा खातमा’ नाम से अवैध मदरसा संचालित होता मिला। मदरसे का मुख्य संचालक इरशाद और उसकी पत्नी खातून बेगम हैं। इन लोगों ने भीतर एक अंधेरे कमरे में 24 बच्चों को बंधक रखा था। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि गरीब घर के बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के नाम पर लाकर उनका शारीरिक शोषण कर उनसे श्रम भी करवाते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

पुलिस ने इसकी सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी व्योमा जैन और बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष प्रेम लता सिंह को दी। दोनों अधिकारियों के निर्देश पर चाइल्ड लाइन के सदस्य सुनील कुमार, दीपा मेहरा और रेखा अधिकारी मौके पर पहुंचे और बच्चों की काउंसलिंग की। 


कहां से होती थी फंडिंग होगी जांच : एसएसपी
मामला संज्ञान में आते ही सीओ और एसओ को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। 24 पीड़ितों को निकाला गया है और इस मामले में मानव तस्करी का केस दर्ज किया गया है। मदरसे को मिलने वाली फंडिंग, आर्थिक संसाधन, भवन निर्माण सहित अन्य गहन जांच की जाएंगी। -मंजूनाथ टीसी, एसएसपी।

पुलिस ने आरोपी इरशाद और उसकी पत्नी खातून बेगम मूल निवासी हरेरपुर हसन थाना जहांनाबाद जिला पीलीभीत पर आईपीसी 491/342/370(5), किशोर न्याय अधिकार की धारा 75/82/87 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। 

वहीं, कुमाऊं में बच्चों का भविष्य बनाने के नाम पर हो रहे अत्याचार को लेकर हर किसी के जेहन में यही सवाल है कि आखिर ये हो क्या रहा है...? पहले ज्योलिकोट, फिर गौलापार और सिरौलीकलां में दूसरी बार। “
 

बच्चों को बेहतर तालीम की आस में आवासीय शिक्षण संस्थान में रखा जा रहा है लेकिन यहां उनके साथ बद से बदतर व्यवहार किया जा रहा है। गरीब परिजन पेट काटकर फीस देते हैं ताकि अपने बच्चे को काबिल बना सकें। लेकिन उन्हें क्या पता कि उनके लाडलों के साथ क्या हो रहा है। कहीं शारीरिक तो कहीं यौन शोषण के मासूम शिकार हो रहे हैं। हैरानी इस बात पर भी होती है कि पुलिस और प्रशासन को पहले इन आवासीय शैक्षणिक संस्थाओं की पड़ताल करने की सुध क्यों नहीं आती है। चारों ही मामलों में पुलिस का मुखबिर तंत्र पूरी तरह फेल है। 

वीरभट्टी : बीते 15 वर्षों से संचालित मदरसे में बच्चों का हो रहा था यौनशोषण 
नैनीताल जिले के समीप वीरभट्टी में बीते 15 वर्षों से अवैध मदरसा संचालित किया जा रहा था। यहां 24 बच्चे बीमार हालत में मिले। मदरसे में कैद बच्चों ने संचालक व उसके बेटे पर मारपीट व शोषण का आरोप लगाया। जिम्मेदार भले ही मौन हैं लेकिन उनकी लापरवाही की वजह से न जाने कितने दिनों से ये बच्चे प्रताड़ना सह रहे थे।

गौलापार : संचालक धानक ही कर रहा था दृष्टिबािध्ात बच्ची से दुष्कर्म 
गौलापार के मामले को ही ले लीजिए जहां एक दृष्टिबाधित संस्थान के संचालक श्याम धानक ने यहां रहने वाली बच्ची से दुष्कर्म किया है। बच्ची की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो में मुकदमा दर्ज किया। पूरा शहर ही यहां पहुंचता था लेकिन किसी को भी उसकी घिनौनी करतूत का आभास नहीं हुआ। संस्थान के लिए पैसा कहां से आता था और बच्चे किस हाल में रहते हैं, यहां भी जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं। 

सिरौलीकलां : 35 बच्चे पढ़ रहे थे लेकिन पानी पीने तक की सुविधा नहीं थी 
यूएसनगर जिले के सिरौलीकलां स्थित मदरसे में 35 बच्चे पढ़ते हैं। पुलिस को मदरसे का पंजीकरण नहीं मिला। इसके साथ ही छोटे बच्चों के लिए शौचालय, पीने के पानी की सुविधा, अग्निशमन उपकरण, प्राथमिक इलाज के संसाधन नहीं मिले। बिना पंजीकरण के संचालित इस मदरसे में बच्चे बरेली जिले के भी बच्चे पढ़ते हैं।



सीएम ने दिए आवासीय शैक्षणिक संस्थाओं की सघन जांच के निर्देश
हल्द्वानी में दृष्टिबाधित बच्ची के यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार चेती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में संचालित सभी आवासीय शैक्षणिक संस्थाओं की सघन जांच के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों निर्देश दिए कि वे संबंधित विभाग व पुलिस के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाएं। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed