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बिना डाक्टर और सिस्टर के चल रहा एआरटी सेंटर

Sat, 16 Mar 2019 02:03 AM IST
madan singh Madan Singh
Updated Sat, 16 Mar 2019 02:03 AM IST
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बिना डाक्टर और सिस्टर के चल रहा एआरटी सेंटर
डेमो - फोटो : डेमो
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में सीटी स्कैन के इंतजार में बैठे मरीजों को निराश लौटना पड़ा। दोपहर में अचानक सीटी स्कैन मशीन खराब हो गई। मरीजों को सीटी स्कैन के लिए दो दिन बाद की डेट दी गई है।
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एसटीएच में एक दिन में 35 से 45 मरीजों के सीटी स्कैन होते हैं। बृहस्पतिवार सुबह से ही सीटी स्कैन कराने वाले मरीजों की भीड़ थी। दोपहर लगभग 12 बजे सीटी स्कैन मशीन अचानक खराब हो गई। मशीन खराब होने के दौरान एक मरीज का स्कैन हो रहा था। मरीज को स्कैन रूम से बाहर लाया गया। इसके बाद लगभग 25 मरीजों का सीटी स्कैन नहीं हो पाए। एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि रेडियोथैरेपी विभाग में मरीजों का सीटी स्कैन कराया गया। शनिवार को मशीन ठीक होने की उम्मीद है।
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एसटीएच में सीटी स्कैन मशीन खराब

मेडिकल कॉलेज में आएंगे सुभारती के सौ बच्चे
हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में अब सुभारती मेडिकल कॉलेज के सौ बच्चे आएंगे। सुभारती मेडिकल कॉलेज बंद होने के बाद एमबीबीएस प्रथम, द्वितीय वर्ष के 25-25 छात्र-छात्राएं को आना था। जीएमसी के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब एमबीबीएस प्रथम वर्ष के 50, द्वितीय वर्ष के 50 छात्र-छात्राओं को दाखिला दिया जाएगा। श्रीनगर और देहरादून मेडिकल कॉलेज में भी सौ छात्र-छात्राओं को दाखिला दिया जाएगा।
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एनएचएम का बजट भी नहीं खर्च कर पाया स्वास्थ्य विभाग
हल्द्वानी। वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है और एनएचएम के तहत मिलना वाला बजट अभी खर्च नहीं हो पाया है। एनएचएम के तहत कार्यरत कर्मियों को होली से पहले वेतन भी मिल जाएगा।
एनएचएम के तहत संचालित होने वाली विभिन्न कार्यक्रमों के लिए पिछले वर्ष का अवशेष और इस बार का मिलाकर 25 करोड़ 16 लाख छह हजार रुपये का बजट आया था। वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है और अभी महज 19.01 करोड़ रुपये खर्च हो जाएंगे। 6.14 करोड़ रुपये बच जाएंगे। ऐसे में एनएचएम के तहत बचे बजट के लैप्स होने की संभावना है। दूसरी ओर एनएचएम के तहत कार्यरत लगभग तीन सौ कर्मियों को अभी फरवरी का वेतन नहीं मिला था। एक माह का वेतन लगभग 54 लाख रुपये होता है। एनएचएम कर्मियों के फरवरी और मार्च के वेतन के लिए बजट आ गया है। सीएमओ डॉ. भारती राणा का कहना है कि एनएचएम के तहत आने वाला बजट लैप्स नहीं होता है। बजट अगर वित्तीय वर्ष समाप्त होने तक नहीं खर्च हो पाया तो अगले वित्तीय वर्ष में जुड़ जाएगा। बताया कि कर्मियों के वेतन के लिए धनराशि आ गई है और शीघ्र ही वेतन दे दिया जाएगा।


तीन सौ से अधिक कर्मियों के लिए आई धनराशि, होली से पहले मिलेगा वेतन


बिना डॉक्टर और सिस्टर के चल रहा एआरटी सेंटर
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल मेें एआरटी सेंटर बिना डॉक्टर और सिस्टर के चल रहा है। एआरटी सेंटर पर फार्मेसिस्ट भी नहीं है। एचआईवी मरीजों को काउंसलर दवा दे रहे हैं।

एचआईवी मरीजों को एंटी रेटरोवायरल थैरेपी (एआरटी) सेंटर पर उपचार दिया जाता है। सुशीला तिवारी अस्पताल में एआरटी सेंटर बनाया गया है। एसटीएच में बने एआरटी सेंटर में प्रतिवर्ष ढाई सौ से तीन सौ मरीज आते हैं। एआरटी सेंटर में एक अगस्त 2017 से डॉक्टर, एक अप्रैल 2017 से स्टाफ नर्स नहीं है। जबकि 24 जनवरी 2017 से फार्मासिस्ट भी नहीं है। एचआईवी को लेकर केंद्र सरकार की ओर से कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके एआरटी सेंटर में डाक्टर की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। डाक्टर, सिस्टर, फार्मासिस्ट न होने के कारण काउंसलर ही मरीजों को देख रहे हैं और दवा दे रहे हैं।

फार्मेसिस्ट तक नहीं हैं, काउंसलर दे रहे हैं दवा, हर साल 250 से 300 एचआईवी मरीज आते हैं इलाज के लिए


एआरटी सेंटर पर काफी लंबे समय से डॉक्टर, सिस्टर, फार्मासिस्ट नहीं है। तीनों की नियुक्ति की प्रक्रिया आदर्श आचार संहिता हटने के बाद शुरू की जाएगी।
- डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर, अपर परियोजना निदेशक, राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी
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