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भीमताल को नाम और दाम दे रहे ‘फूल’
Updated Sun, 03 Jun 2018 02:18 AM IST
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भीमताल में फूल
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। भीमताल में फूलों की खेती लोगों को खूब रास आ रही है। यहां फूलों का कारोबार सालाना पांच करोड़ रुपये अधिक का होता है।
करीब ढाई दशक पहले बागवानी के शौकीन डॉ. अखिलेश त्यागी ने कैंची क्षेत्र में एक पालीहाउस लगाकर फूलों की नर्सरी तैयार की। तब से लगभग 26 से अधिक लोग खेत और गमलों में फूलों की खेती कर रहे हैं। इस समय फूलों का कारोबार पांच करोड़ रुपये सालाना से अधिक का हो गया है। डॉ. त्यागी की नर्सरी में प्राइमोला, पैंजी, पिटोनियां, एंटी रायनमा, बिगोनियां, रोज मैरी, सेज, मिंट की अलग अलग प्रजातियां हैं।
इनमें ओरीगेनम, मारजोरम, थाइम आदि मुख्य हैं। हिमालयन वाटिका के संचालक बुद्ध सेन मौर्य ने चार साल पहले सेकुलेंट प्लांट का कारोबार शुरू किया और वर्तमान में उनकी नर्सरी में 200 से अधिक प्रजातियों के पचास रुपये से लेकर दो हजार रुपये मूल्य तक के प्लांट उपलब्ध हैं।
नैनीताल के मुख्य उद्यान अधिकारी टीएन पांडे ने कहा कि भीमताल क्षेत्र की जलवायु फूलों की खेती के लिए बेहद अनुकूल है। विभाग अब तक 72 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में पालीहाउस स्थापित करा चुका है। जिले में 310 पुष्प उत्पादकों ने अनुदान पर पालीहाउस लगाए हैं जिनमें फूलों की खेती हो रही है।
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उत्तर भारत के कई प्रांतों को महका रहे हैं फूल
हल्द्वानी। भीमताल में उत्पादित फूलों की आपूर्ति भुवनेश्वर, पटना, जम्मू, बनारस, दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा, देहरादून, टिहरी, कोटद्वार, कानपुर, लखनऊ, ग्वालियर, गुड़गांव, लुधियाना, अहमदाबाद, पूना, छत्तीसगढ़ और जयपुर आदि शहरों में होती है।
सोनिया समेत कई प्रमुख हस्तियों के यहां भी पहुंचे हैं फूल
हल्द्वानी। डॉ. अखिलेश त्यागी के मुताबिक पिछले साल ही उनकी नर्सरी के फूल कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी के घर तक पहुंचे हैं। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति एसडी शर्मा, पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल, रितु बेरी, शुभा मुद्गल के परिवार के लोगों के वहां भी फूलों की आपूर्ति की जा रही है।
सालाना पांच करोड़ से अधिक हो गया है अब फूलों का कारोबार
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करीब ढाई दशक पहले बागवानी के शौकीन डॉ. अखिलेश त्यागी ने कैंची क्षेत्र में एक पालीहाउस लगाकर फूलों की नर्सरी तैयार की। तब से लगभग 26 से अधिक लोग खेत और गमलों में फूलों की खेती कर रहे हैं। इस समय फूलों का कारोबार पांच करोड़ रुपये सालाना से अधिक का हो गया है। डॉ. त्यागी की नर्सरी में प्राइमोला, पैंजी, पिटोनियां, एंटी रायनमा, बिगोनियां, रोज मैरी, सेज, मिंट की अलग अलग प्रजातियां हैं।
इनमें ओरीगेनम, मारजोरम, थाइम आदि मुख्य हैं। हिमालयन वाटिका के संचालक बुद्ध सेन मौर्य ने चार साल पहले सेकुलेंट प्लांट का कारोबार शुरू किया और वर्तमान में उनकी नर्सरी में 200 से अधिक प्रजातियों के पचास रुपये से लेकर दो हजार रुपये मूल्य तक के प्लांट उपलब्ध हैं।
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नैनीताल के मुख्य उद्यान अधिकारी टीएन पांडे ने कहा कि भीमताल क्षेत्र की जलवायु फूलों की खेती के लिए बेहद अनुकूल है। विभाग अब तक 72 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में पालीहाउस स्थापित करा चुका है। जिले में 310 पुष्प उत्पादकों ने अनुदान पर पालीहाउस लगाए हैं जिनमें फूलों की खेती हो रही है।
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उत्तर भारत के कई प्रांतों को महका रहे हैं फूल
हल्द्वानी। भीमताल में उत्पादित फूलों की आपूर्ति भुवनेश्वर, पटना, जम्मू, बनारस, दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा, देहरादून, टिहरी, कोटद्वार, कानपुर, लखनऊ, ग्वालियर, गुड़गांव, लुधियाना, अहमदाबाद, पूना, छत्तीसगढ़ और जयपुर आदि शहरों में होती है।
सोनिया समेत कई प्रमुख हस्तियों के यहां भी पहुंचे हैं फूल
हल्द्वानी। डॉ. अखिलेश त्यागी के मुताबिक पिछले साल ही उनकी नर्सरी के फूल कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी के घर तक पहुंचे हैं। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति एसडी शर्मा, पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल, रितु बेरी, शुभा मुद्गल के परिवार के लोगों के वहां भी फूलों की आपूर्ति की जा रही है।
सालाना पांच करोड़ से अधिक हो गया है अब फूलों का कारोबार