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मुद्दों की कमी नहीं होगी अन् ना को
Updated Mon, 05 Mar 2018 02:00 AM IST
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हल्द्वानी। भ्रष्टाचार के खिलाफ बिगुल फूं कने वाले अन्ना हजारे के निशाने पर सोमवार को प्रदेश की भाजपा सरकार भी होगी। दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए जन जागरण अभियान के तहत सोमवार को अन्ना हल्द्वानी पहुंच रहे हैं। दिल्ली में 23 मार्च को प्रस्तावित अनशन में एक मुद्दा लोकपाल का है और इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की सरकार पर भी सवाल उठते रहे हैं।
राष्ट्रीय समन्वय समिति के उत्तराखंड के सदस्य सुशील भट्ट के मुताबिक 23 मार्च को अन्ना दिल्ली में किसानों के पेंशन, लोकपाल और चुनाव चिह्न के मामलों को लेकर अनशन पर बैठेंगे। इसी के जन जागरण अभियान के तहत सोमवार को अन्ना दिन भर हल्द्वानी में रहेंगे। हल्द्वानी नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का निर्वावन क्षेत्र भी है। खुद इंदिरा हृदयेश भी इस समय अंतरराज्यीय बस अड्डे को लेकर भाजपा से खासी नाराज हैं। ऐसे में अन्ना का यहां पहुंचना कांग्रेस को मुफीद नजर आ रहा है। कहा जा रहा है कि अन्ना लोकायुक्त के बहाने प्रदेश की वर्तमान सरकार पर भी निशाना साध सकते हैं। खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत एक बार कह चुके हैं कि प्रदेश को लोकायुक्त की जरूरत नहीं है। लोकायुक्त का मसला अभी तक प्रदेश सरकार हल नहीं कर पाई है। इसी तरह एनएच 74 के भूमि घोटाले मामले में सीबीआई जांच की मांग को भी सरकार पूरी नहीं कर पाई। यह भी प्रदेश सरकार की जीरो टोलरेंस के दावे पर सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे में अन्ना को सोमवार को मुद्दों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
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राष्ट्रीय समन्वय समिति के उत्तराखंड के सदस्य सुशील भट्ट के मुताबिक 23 मार्च को अन्ना दिल्ली में किसानों के पेंशन, लोकपाल और चुनाव चिह्न के मामलों को लेकर अनशन पर बैठेंगे। इसी के जन जागरण अभियान के तहत सोमवार को अन्ना दिन भर हल्द्वानी में रहेंगे। हल्द्वानी नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का निर्वावन क्षेत्र भी है। खुद इंदिरा हृदयेश भी इस समय अंतरराज्यीय बस अड्डे को लेकर भाजपा से खासी नाराज हैं। ऐसे में अन्ना का यहां पहुंचना कांग्रेस को मुफीद नजर आ रहा है। कहा जा रहा है कि अन्ना लोकायुक्त के बहाने प्रदेश की वर्तमान सरकार पर भी निशाना साध सकते हैं। खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत एक बार कह चुके हैं कि प्रदेश को लोकायुक्त की जरूरत नहीं है। लोकायुक्त का मसला अभी तक प्रदेश सरकार हल नहीं कर पाई है। इसी तरह एनएच 74 के भूमि घोटाले मामले में सीबीआई जांच की मांग को भी सरकार पूरी नहीं कर पाई। यह भी प्रदेश सरकार की जीरो टोलरेंस के दावे पर सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे में अन्ना को सोमवार को मुद्दों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
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