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अबकी बार भी वोट देने को तैयार शतकवीर
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गोवा
- फोटो : self
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रामनगर (नैनीताल)। उम्र बेशक सौ के पार हो गई हो, लेकिन वोट देना इन शतकवीरों का पहला काम है। रामनगर क्षेत्र में महिला सहित तीन शतकवीर हैं। तीनों ने दिन की शुरुआत मतदान करने से कही कही है, लेकिन तीनों ने बदलती राजनीतिक पर चिंता जरूर व्यक्त की है।
अबकी बार भी वोट देने को तैयार शतकवीर
रामनगर क्षेत्र में महिला सहित तीन शतकवीर हैं
करायलपुरी थारी गांव निवासी शीशा सिंह (109) अब तक कई बार वोट दे चुके हैं। वह अपने तीनों बेटों बचन सिंह, दलेर सिंह और बलदेव सिंह के साथ रहते हैं। मतदान को लेकर अब भी उनमें काफी जोश है, लेकिन आज की राजनीति को लेकर चिंतित जरूर हैं, कहते हैं बदलते परिवेश में अब केवल छींटाकशी की राजनीति रह गई है, फिर भी मतदान करना उनकी जिम्मेदारी है।
किशनपुर पांडे कानिया निवासी कलावती (100) पत्नी स्व. परमानंद नैनवाल अपने पोते पवन नैनवाल के साथ रहती हैं। 1994 में उनके बेटे की मौत हो गई थी। कलावती के अनुसार वह वर्षों से मतदान करती आई है और मतदान करना उनका अधिकार है। मतदान से ही हम अपनी सरकार चुनते है। बदलते राजनीतिक माहौल से वह भी काफी आहत हैं। बावजूद इसके वह पोलिंग बूथ पर जाकर मतदान करेंगी।
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ऊंटपड़ाव खताड़ी निवासी मिर्जा बेग (107) अपने दामाद इमरान खान के साथ रहते हैं। कम सुनने वाले मिर्जा बेग बताते हैं कि अब चुनाव काफी बदल गया है। पहले जैसे नेता अब नहीं है और न नारे ही हैं। जिन नारों के बल पर मतदाताओं को रिझाया जाता था, लेकिन इस उम्र में भी वह अपनी इस जिम्मेदारी निभाएंगे और मतदान कर देश में नई सरकार के गठन में अपना सहयोग देंगे।
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अबकी बार भी वोट देने को तैयार शतकवीर
रामनगर क्षेत्र में महिला सहित तीन शतकवीर हैं
करायलपुरी थारी गांव निवासी शीशा सिंह (109) अब तक कई बार वोट दे चुके हैं। वह अपने तीनों बेटों बचन सिंह, दलेर सिंह और बलदेव सिंह के साथ रहते हैं। मतदान को लेकर अब भी उनमें काफी जोश है, लेकिन आज की राजनीति को लेकर चिंतित जरूर हैं, कहते हैं बदलते परिवेश में अब केवल छींटाकशी की राजनीति रह गई है, फिर भी मतदान करना उनकी जिम्मेदारी है।
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किशनपुर पांडे कानिया निवासी कलावती (100) पत्नी स्व. परमानंद नैनवाल अपने पोते पवन नैनवाल के साथ रहती हैं। 1994 में उनके बेटे की मौत हो गई थी। कलावती के अनुसार वह वर्षों से मतदान करती आई है और मतदान करना उनका अधिकार है। मतदान से ही हम अपनी सरकार चुनते है। बदलते राजनीतिक माहौल से वह भी काफी आहत हैं। बावजूद इसके वह पोलिंग बूथ पर जाकर मतदान करेंगी।
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ऊंटपड़ाव खताड़ी निवासी मिर्जा बेग (107) अपने दामाद इमरान खान के साथ रहते हैं। कम सुनने वाले मिर्जा बेग बताते हैं कि अब चुनाव काफी बदल गया है। पहले जैसे नेता अब नहीं है और न नारे ही हैं। जिन नारों के बल पर मतदाताओं को रिझाया जाता था, लेकिन इस उम्र में भी वह अपनी इस जिम्मेदारी निभाएंगे और मतदान कर देश में नई सरकार के गठन में अपना सहयोग देंगे।