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टायर और डीजल से शवदाह को मजबूर हुए ग्रामीण

Thu, 30 Aug 2018 02:08 AM IST
Updated Thu, 30 Aug 2018 02:08 AM IST
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टायर और डीजल से शवदाह को मजबूर हुए ग्रामीण
हल्द्वानी। चित्रशिला घाट रानीबाग में बुधवार को जलौनी लकड़ी खत्म हो गई। इस कारण शवदाह करने पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घंटों इंतजार के बाद भी जब टाल में लकड़ी नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने किसी तरह टाल की बची खुची और बारिश से भीगी लकड़ियों से चिता तैयार की और बाद में टायर, डीजल की मदद से शवदाह किया। हालांकि दोपहर में टाल में एक ट्रक लकड़ी पहुंचने के बाद कुछ हद तक स्थिति सामान्य हो गई।
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घाट का खासा महत्व है। इस कारण यहां कई गांवों के लोग शवदाह के लिए पहुंचते हैं। वन निगम ग्रामीणों को शवदाह के लिए जलौनी लकड़ी दिलाता है। बुधवार सुबह से लेकर दोपहर एक बजे तक विभिन्न क्षेत्रों से चित्रशिला घाट में दस शव यात्राएं पहुंचीं। ग्रामीणों के मुताबिक 11 बजे के बाद शवदाह को पहुंचे लोगों को टाल से छांटने के बाद भी पर्याप्त जलौनी लकड़ी नहीं मिली। टाल में लकड़ी न होने की सूचना पर भाबर क्षेत्र से पहुंचे कई ग्रामीण अपने साथ जलौनी लकड़ी लेकर पहुंचे। बावजूद इसके घाट में कई चिताओं को खराब टायर, डीजल की मदद से जलाया गया। शवदाह को पहुंचे गौलापार के प्रगतिशील किसान नरेंद्र मेहरा ने बताया कि टाल में लकड़ी न होने की सूचना उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को देनी चाही लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। उन्होंने वन निगम के अधिकारियों से टाल में लकड़ी की पर्याप्त व्यवस्था कराने, लकड़ी को बारिश से भीगने से बचाने के इंतजाम कराने की भी मांग की है। टाल में तैनात कर्मचारी मनोज अधिकारी ने बताया कि दोपहर एक बजे कालाढूंगी से 70 क्विंटल लकड़ी टाल में पहुंच गई है।
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