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अभी और बरसेंगे मेघ
Updated Tue, 10 Apr 2018 01:44 AM IST
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हल्द्वानी। रुक रुक कर हो रही बारिश के कारण गौलापार, कालाढूंगी और रामनगर क्षेत्र के चिल्किया गांव में गेहूं को खासा नुकसान हुआ है। बारिश के चलते काश्तकार न तो गेहूं की कटाई कर पा रहे हैं और न ही मढ़ाई। आसमान में बादलों के छाए रहने के कारण भीग चुकी फसल भी सूखने का नाम नहीं ले रही है।
मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि बारिश से कितना गेहूं खराब हुआ है इसका ब्योरा जुटाया जा रहा है। उन्होंने काश्तकारों को सलाह दी है कि वह खेतों में काटकर रखी गई ऐसी फसल जो कि भीग चुकी है उसे उलट पलट कर सुखा लें और खेत में पड़े न रहने दें। उन्होंने कहा कि यदि कटा हुआ गेहूं खेत में पड़ा रहेगा तो वह और भी नमी ले लेगा जिससे गेहूं के दानों के खराब होने की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएंगी।
खरीफ की फसलों के लिए बीज की मांग भेजी
हल्द्वानी। रबी की फसल का सीजन खत्म होने को है लिहाजा कृषि विभाग ने खरीफ की फसलों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग ने निदेशालय से खरीफ के बीजों की मांग भेज दी है। 20 अप्रैल तक काश्तकारों को खरीफ के बीज उपलब्ध करा दिए जाएंगे। मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार के मुताबिक निदेशालय से 2300 क्विंटल गेहूं और धान, 800 क्विंटल सोयाबीन, 20 क्विंटल मक्का व 40 क्विंटल उरद के बीज की मांग की गई है। इसके अलावा भी अन्य बीजों की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि ब्लाक इकाईयों के माध्यम से 20 अप्रैल तक उक्त बीज काश्तकारों को उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
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आज और कल झमाझम बारिश के आसार
हल्द्वानी। बंगाल की खाड़ी से बन रही नमी के कारण बादल झमाझम बरस रहे हैं। दक्षिणी-पूर्वी दिशा से चल रही हवा बारिश में सहायक बन रही है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि 10 और 11 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण बारिश और ओलावृष्टि के साथ ही आंधी आ सकती है।
सोमवार को भी बारिश के कारण गर्मी से राहत मिली। सुबह से ही बादल छाए हुए थे। सुबह लगभग दस बजे से बारिश शुरू हुई और दोपहर लगभग दो बजे तक रुक-रुककर होती रही। हल्द्वानी में अधिकतम तापमान 29.0 और न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम और न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहा। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने से उत्तराखंड के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। छह अप्रैल से नौ अप्रैल तक तीन दिनों में 61 मिली मीटर बारिश हुई। बारिश के कारण गौला का जलस्तर बढ़कर 77 क्यूसेक पहुंच गया।
नैनीताल में दिन में लाइट जलाकर गुजरे वाहन
नैनीताल। नैनीताल में सोमवार को दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। सुबह करीब 10:30 बजे घना कोहरा छा गया। इससे दिन में अंधेरा छा गया। लाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े। सुबह 11 बजे बारिश शुरू हो गई, जो आधे घंटे तक जारी रही। दोपहर 12:30 बजे फिर हल्की बूंदाबांदी हुई। नगर में शाम चार बजे तक हल्की बूंदाबांदी का दौर चलता रहा।
गेहूं की फसल पक चुकी है और कटने को तैयार है। जबकि कई जगह फसल की कटाई हो रही है। ऐसे में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल को नुकसान होगा। बताया कि ओलावृष्टि के कारण आम के पेड़ों पर आया बौर भी गिर जाएगा। कहा कि 15 अप्रैल से 15 मई तक अगर बारिश न हो तो किसानों के लिए हितकर होगा।
विक्रम सिंह, निदेशक राज्य मौसम विज्ञान केंद्र
पहाड़ के किसान खुश
पहाड़पानी (नैनीताल)। धारी ब्लॉक के पहाड़पानी में लंबे समय के बाद अच्छी बारिश के चलते किसानों के चेहरे खिल उठे। नदगल गांव के किसान प्रकाश जोशी ने बताया कि इससे आलू, गेहूं, मटर की फसल अच्छी होगी। नाई गांव के किसान नरेश सिंह नयाल, मल्ली दीनी के किसान तारा दत्त दुम्का ने बारिश को खेतों में नमी के लिए लाभदायक बताया। दीनी तल्ली के किसान बालम बर्गली, सेलालेख के किसान नवीन चंद्र मेलकानी, महतोलिया गांव के किसान ललित महतोलिया ने बताया कि बारिश फसलों के साथ ही जंगलों के लिए राहत बनकर आई है। नदी, नालों, जलस्रोतों को भी लाभ मिला है।
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मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि बारिश से कितना गेहूं खराब हुआ है इसका ब्योरा जुटाया जा रहा है। उन्होंने काश्तकारों को सलाह दी है कि वह खेतों में काटकर रखी गई ऐसी फसल जो कि भीग चुकी है उसे उलट पलट कर सुखा लें और खेत में पड़े न रहने दें। उन्होंने कहा कि यदि कटा हुआ गेहूं खेत में पड़ा रहेगा तो वह और भी नमी ले लेगा जिससे गेहूं के दानों के खराब होने की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएंगी।
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खरीफ की फसलों के लिए बीज की मांग भेजी
हल्द्वानी। रबी की फसल का सीजन खत्म होने को है लिहाजा कृषि विभाग ने खरीफ की फसलों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग ने निदेशालय से खरीफ के बीजों की मांग भेज दी है। 20 अप्रैल तक काश्तकारों को खरीफ के बीज उपलब्ध करा दिए जाएंगे। मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार के मुताबिक निदेशालय से 2300 क्विंटल गेहूं और धान, 800 क्विंटल सोयाबीन, 20 क्विंटल मक्का व 40 क्विंटल उरद के बीज की मांग की गई है। इसके अलावा भी अन्य बीजों की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि ब्लाक इकाईयों के माध्यम से 20 अप्रैल तक उक्त बीज काश्तकारों को उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
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आज और कल झमाझम बारिश के आसार
हल्द्वानी। बंगाल की खाड़ी से बन रही नमी के कारण बादल झमाझम बरस रहे हैं। दक्षिणी-पूर्वी दिशा से चल रही हवा बारिश में सहायक बन रही है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि 10 और 11 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण बारिश और ओलावृष्टि के साथ ही आंधी आ सकती है।
सोमवार को भी बारिश के कारण गर्मी से राहत मिली। सुबह से ही बादल छाए हुए थे। सुबह लगभग दस बजे से बारिश शुरू हुई और दोपहर लगभग दो बजे तक रुक-रुककर होती रही। हल्द्वानी में अधिकतम तापमान 29.0 और न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम और न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहा। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने से उत्तराखंड के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। छह अप्रैल से नौ अप्रैल तक तीन दिनों में 61 मिली मीटर बारिश हुई। बारिश के कारण गौला का जलस्तर बढ़कर 77 क्यूसेक पहुंच गया।
नैनीताल में दिन में लाइट जलाकर गुजरे वाहन
नैनीताल। नैनीताल में सोमवार को दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। सुबह करीब 10:30 बजे घना कोहरा छा गया। इससे दिन में अंधेरा छा गया। लाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े। सुबह 11 बजे बारिश शुरू हो गई, जो आधे घंटे तक जारी रही। दोपहर 12:30 बजे फिर हल्की बूंदाबांदी हुई। नगर में शाम चार बजे तक हल्की बूंदाबांदी का दौर चलता रहा।
गेहूं की फसल पक चुकी है और कटने को तैयार है। जबकि कई जगह फसल की कटाई हो रही है। ऐसे में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल को नुकसान होगा। बताया कि ओलावृष्टि के कारण आम के पेड़ों पर आया बौर भी गिर जाएगा। कहा कि 15 अप्रैल से 15 मई तक अगर बारिश न हो तो किसानों के लिए हितकर होगा।
विक्रम सिंह, निदेशक राज्य मौसम विज्ञान केंद्र
पहाड़ के किसान खुश
पहाड़पानी (नैनीताल)। धारी ब्लॉक के पहाड़पानी में लंबे समय के बाद अच्छी बारिश के चलते किसानों के चेहरे खिल उठे। नदगल गांव के किसान प्रकाश जोशी ने बताया कि इससे आलू, गेहूं, मटर की फसल अच्छी होगी। नाई गांव के किसान नरेश सिंह नयाल, मल्ली दीनी के किसान तारा दत्त दुम्का ने बारिश को खेतों में नमी के लिए लाभदायक बताया। दीनी तल्ली के किसान बालम बर्गली, सेलालेख के किसान नवीन चंद्र मेलकानी, महतोलिया गांव के किसान ललित महतोलिया ने बताया कि बारिश फसलों के साथ ही जंगलों के लिए राहत बनकर आई है। नदी, नालों, जलस्रोतों को भी लाभ मिला है।