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शिक्षा विभाग में नहीं चलने देंगे माफिया गिरी: अरविंद पांडेय
Updated Sat, 10 Feb 2018 01:57 AM IST
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हल्द्वानी। शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि शिक्षा विभाग में न तो माफिया गिरी चलने देंगे और न ही पैसा चलेगा। अगर मैं झूठ बोलूं तो ईश्वर मुझे कोढ़ी की बीमारी दे दे। उन्होंने कहा कि मेरी प्राथमिकताओं में शिक्षक संगठन नहीं, प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और दलित बच्चे हैं। बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा मिल सके, यही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
शिक्षामंत्री पांडेय शुक्रवार को यहां नैनीताल रोड पर एक बारातघर में आयोजित अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक एसोसिएशन उत्तराखंड के दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। अधिवेशन में प्रदेश के 13 जिलों से इस वर्ग के शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं, उन्हें भाग लेने के लिए विशेष अवकाश स्वीकृत किया गया है। शिक्षामंत्री ने एसोसिएशन की मांग पर यात्रा अवकाश देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 17 साल के इतिहास में शिक्षकों पर काम पर हुआ लेकिन शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कुछ नहीं। बीआरसी, सीआरसी और पता नहीं कौन - कौन से पद बना दिए मगर शिक्षा में सुधार कोई नहीं हुआ, अब ऐसा नहीं चलेगा। बीआरसी और सीआरसी पदों को समाप्त करने की तो अभी शुरूआत है, अभी आपरेशन होना बाकी है। शिक्षामंत्री बोले, कहावत है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता लेकिन हमें तो भाड़ों की फैक्ट्री को ही फोड़ना है। शिक्षा विभाग को पटरी पर लाने का काम शुरू कर दिया गया है, न किसी का अहित होगा और न ही तबादलों में पैसा चलेगा। पांडेय ने कहा कि अभी तक शिक्षा विभाग ‘पहुंच’ वाले लोग के इशारे पर चलता था, उन्होंने इसे तोड़ने का अभियान शुरू किया और पूरी तरह सफाई होने के बाद ही यह अभियान रुकेगा।
शिक्षामंत्री ने पहाड़ से पलायन होने की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि हर कोई पहाड़ से मैदान में आकर नौकरी करना चाहता है अगर पहाड़ में कोई पढ़ाने नहीं जाएगा तो वहां बच्चों को शिक्षा कौन देगा। सरकारी स्कूलों में किसी पैसे वाले की नहीं बल्कि गरीब और दलित वर्ग के ही बच्चे पढ़ते हैं जिन्हें अच्छी शिक्षा देने की जिम्मेदारी सभी शिक्षकों की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी को समान शिक्षा की बात कही है जबकि वह तो पांच माह पहले ही समान शिक्षा नीति के तहत सभी स्कूलों में एनसीईआरटी किताबों से पढ़ाई होने की बात कह चुके हैं। अब गरीब और करोड़पति का बच्चा एक जैसी किताब से ही पढ़ेगा। अधिवेशन में पूर्व सांसद बलराज पासी ने भी शिक्षकों से गरीब एवं दलित वर्ग के बच्चों को बेहतर एवं गुणवत्तापरक शिक्षा देने पर जोर दिया।
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अधिवेशन में शिक्षक एसोसिएशन के संरक्षक मदन लाल शिल्पकार ने शिक्षा विभाग में बैकलाग के रिक्त पदों को जल्द भरे जाने की मांग उठाई। बागेश्वर के जिलाध्यक्ष संजय टम्टा ने कहा कि चार-चार शिक्षकों पर हाइस्कूल और इंटर कालेज चल रहे हैं, इससे खराब स्थिति और क्या हो सकती है। प्रांतीय संरक्षक मोदीमल की अध्यक्षता में हुए अधिवेशन में सोहन लाल, अनूप पाठक, मदन शिल्पकार, पूनम भूषण, प्रांतीय संरक्षक एमएल भारती, योगीराज सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष भारत भूषण साह, मुख्य संयोजक विरेंद्र टम्टा, आनंद विद्रोही, संजय भाटिया, संजय कुमार, आईपी हृयूमन आदि ने विचार रखे।
शिक्षामंत्री बोले, अगर मैं झूठ बोलूं तो कोढ़ी हो जाऊं
अनुसूचित जाति - जनजाति शिक्षक एसोसिएशन उत्तराखंड का प्रांतीय अधिवेशन
अधिवेशन में भाग ले रहे शिक्षकों को मिलेगा यात्रा अवकाश
अब गरीब और करोड़पति का बच्चा एक जैसी एनसीईआरटी से ही पढ़ेगा
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शिक्षामंत्री पांडेय शुक्रवार को यहां नैनीताल रोड पर एक बारातघर में आयोजित अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक एसोसिएशन उत्तराखंड के दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। अधिवेशन में प्रदेश के 13 जिलों से इस वर्ग के शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं, उन्हें भाग लेने के लिए विशेष अवकाश स्वीकृत किया गया है। शिक्षामंत्री ने एसोसिएशन की मांग पर यात्रा अवकाश देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 17 साल के इतिहास में शिक्षकों पर काम पर हुआ लेकिन शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कुछ नहीं। बीआरसी, सीआरसी और पता नहीं कौन - कौन से पद बना दिए मगर शिक्षा में सुधार कोई नहीं हुआ, अब ऐसा नहीं चलेगा। बीआरसी और सीआरसी पदों को समाप्त करने की तो अभी शुरूआत है, अभी आपरेशन होना बाकी है। शिक्षामंत्री बोले, कहावत है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता लेकिन हमें तो भाड़ों की फैक्ट्री को ही फोड़ना है। शिक्षा विभाग को पटरी पर लाने का काम शुरू कर दिया गया है, न किसी का अहित होगा और न ही तबादलों में पैसा चलेगा। पांडेय ने कहा कि अभी तक शिक्षा विभाग ‘पहुंच’ वाले लोग के इशारे पर चलता था, उन्होंने इसे तोड़ने का अभियान शुरू किया और पूरी तरह सफाई होने के बाद ही यह अभियान रुकेगा।
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शिक्षामंत्री ने पहाड़ से पलायन होने की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि हर कोई पहाड़ से मैदान में आकर नौकरी करना चाहता है अगर पहाड़ में कोई पढ़ाने नहीं जाएगा तो वहां बच्चों को शिक्षा कौन देगा। सरकारी स्कूलों में किसी पैसे वाले की नहीं बल्कि गरीब और दलित वर्ग के ही बच्चे पढ़ते हैं जिन्हें अच्छी शिक्षा देने की जिम्मेदारी सभी शिक्षकों की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी को समान शिक्षा की बात कही है जबकि वह तो पांच माह पहले ही समान शिक्षा नीति के तहत सभी स्कूलों में एनसीईआरटी किताबों से पढ़ाई होने की बात कह चुके हैं। अब गरीब और करोड़पति का बच्चा एक जैसी किताब से ही पढ़ेगा। अधिवेशन में पूर्व सांसद बलराज पासी ने भी शिक्षकों से गरीब एवं दलित वर्ग के बच्चों को बेहतर एवं गुणवत्तापरक शिक्षा देने पर जोर दिया।
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अधिवेशन में शिक्षक एसोसिएशन के संरक्षक मदन लाल शिल्पकार ने शिक्षा विभाग में बैकलाग के रिक्त पदों को जल्द भरे जाने की मांग उठाई। बागेश्वर के जिलाध्यक्ष संजय टम्टा ने कहा कि चार-चार शिक्षकों पर हाइस्कूल और इंटर कालेज चल रहे हैं, इससे खराब स्थिति और क्या हो सकती है। प्रांतीय संरक्षक मोदीमल की अध्यक्षता में हुए अधिवेशन में सोहन लाल, अनूप पाठक, मदन शिल्पकार, पूनम भूषण, प्रांतीय संरक्षक एमएल भारती, योगीराज सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष भारत भूषण साह, मुख्य संयोजक विरेंद्र टम्टा, आनंद विद्रोही, संजय भाटिया, संजय कुमार, आईपी हृयूमन आदि ने विचार रखे।
शिक्षामंत्री बोले, अगर मैं झूठ बोलूं तो कोढ़ी हो जाऊं
अनुसूचित जाति - जनजाति शिक्षक एसोसिएशन उत्तराखंड का प्रांतीय अधिवेशन
अधिवेशन में भाग ले रहे शिक्षकों को मिलेगा यात्रा अवकाश
अब गरीब और करोड़पति का बच्चा एक जैसी एनसीईआरटी से ही पढ़ेगा