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चाय उत्पादन को पर्यटन सर्किट से जोड़कर किसानों को करेंगे मजबूत: सिंह

Wed, 13 Dec 2017 02:13 AM IST
Updated Wed, 13 Dec 2017 02:13 AM IST
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चाय उत्पादन को पर्यटन सर्किट से जोड़कर किसानों को करेंगे मजबूत: सिंह
Darjeeling tea industry
भीमताल/भवाली (नैनीताल)। प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा है कि राज्य की चाय उत्पादन योजनाओं को पर्यटन सर्किट से जोड़ते हुए किसानों को मजबूत किया जाएगा। साथ ही यहां आने वाले सैलानियों को भी उत्तराखंड की चाय से रूबरू कराया जाएगा। इस सर्किट में चाय की खेती, दर्शनीय धार्मिक, पौराणिक स्थलों का भी समावेश किया जाएगा। उन्होंने मंडलायुक्त चंद्रशेखर भट्ट को निर्देश दिए कि वह श्यामखेत स्थित चाय बागान, घोड़ाखाल गोल्ज्यू मंदिर, कैंची धाम, शीतलादेवी, हैड़ाखान धाम को जोड़ते हुए पर्यटन सर्किट का प्रस्ताव शासन को भेजें। मुख्य सचिव ने होम स्टे योजना को भी धरातल पर उतारने पर जोर दिया।
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मुख्य सचिव मंगलवार को श्यामखेत स्थित चाय बागान का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने मंडलायुक्त से कहा कि वह चाय बागानों के विकास के लिए कार्य योजना तैयार कर शासन को भेजे ताकि चाय विकास कार्यक्रम का प्रदेश में विस्तार करते हुए अधिक से अधिक काश्तकारों को चाय की खेती से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में उत्पादित होने वाली चाय की विश्वभर में अपनी अलग पहचान है। यहां पैदा होने वाली चाय के छोटे-छोटे बिक्री स्टाल राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी लगाए जाएं ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को सुगमता से यहां की चाय मिल सके। उन्होंने बताया कि टी बोर्ड के तहत लीज पर ली गई सैनिक स्कूल की भूमि में भी चाय उत्पादन के विस्तार की जरूरत है। उन्होंने डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी से कहा कि सैनिक स्कूल की अतिरिक्त 20 हेक्टेयर भूमि चाय बागान को स्थानांतरित होनी है, इस पर शीघ्र कार्रवाई की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि चाय बागान का उत्पादन जंगली जानवरों से सुरक्षित, मुनाफे का सौदा भी है। इसलिए इस खेती का विस्तार वन पंचायतों में भी किया जाए। इस व्यवसाय के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों की अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार दिया जाए। मुख्य सचिव ने वान्या रेशम परियोजना के तहत रेशम विकास कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने रेशम विभाग के अधिकारियों से कहा कि रेशम के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं, लिहाजा किसानों को रेशम उत्पादन व्यवसाय के प्रति जागरूक करने को भी कहा। निरीक्षण के दौरान उपनिदेशक रेशम अरविंद ललौरिया, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय, एएसपी हरीश चंद्र सती, एसडीएम रेखा कोहली, जिला अर्थ संख्याधिकारी ललित मोहन जोशी, चाय बागान के प्रबंधक नवीन चंद्र पांडे आदि थे।
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पर्यटन सर्किट में चाय बागान के अलावा दर्शनीय धार्मिक, पौराणिक स्थलों का समावेश होगा
मंडलायुक्त को पर्यटन सर्किट का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के निर्देश
मुख्य सचिव ने श्यामखेत स्थित चाय बागान का निरीक्षण किया
महंगाई के इस दौर में बेहद कम मजदूरी मिल रही है साहब
भीमताल/भवाली (नैनीताल)। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने श्यामखेत स्थित चाय बागान में काम करने वाली श्रमिक महिलाओं से भी भेंट कर उनकी समस्याएं सुनी। इस दौरान श्रमिक महिलाओं ने मजदूरी को बेहद कम बताते हुए उसे बढ़ाने की मांग की। बताया कि महंगाई के इस दौर में उन्हें प्रतिदिन मात्र 230 रुपये मजदूरी दी जाती है। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि देशभर में चाय बागानों के लिए जो मजदूरी तय है वही उन्हें दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मजदूरी बढ़वाने के लिए वह हरसंभव प्रयास करेंगे। श्यामखेत स्थित चाय बागान में 25 श्रमिक कार्यरत हैं, जिनमें से 16 महिलाएं हैं।
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