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शोध कार्य में समाशास् त्र के नवीन आयामों को समझाना जरूरी
Updated Wed, 06 Dec 2017 02:26 AM IST
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हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज के शोध विकास सेल की ओर से आयोजित शोध प्रणाली कार्यशाला के दूसरे दिन भूगोल के विभागाध्यक्ष डॉ. बीआर पंत ने शोध के विभिन्न पहलुओं के बारे में व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक कल्याण से जुड़े विषयों पर अधिक से अधिक शोध होनी चाहिए।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. सत्येंद्र त्रिपाठी ने समाजशास्त्र के शोध के नवीन आयामों को समझने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ऐसे विषयों को शोध के लिए चुनें जिसका लाभ समाज को मिल सके। कॉलेज के वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सीएस जोशी ने विभिन्न शोधों में सांख्यिकी तथ्यों के समायोजन की जानकारी दी। कार्यशाला के समन्वयक डॉ. एपी सिंह ने शोध के रोचक विषय को समझने में सहायक तथ्यों के बारे में बताया। संचालन डॉ. नवल किशोर लोहनी ने किया। वहां आयोजक सचिव डॉ. गोविंद पाठक, डॉ. अमित कुमार, डॉ. सुरेश टम्टा, प्रो. मुन्नालाल, डॉ. नीरज रुबाली आदि थे।
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. सत्येंद्र त्रिपाठी ने समाजशास्त्र के शोध के नवीन आयामों को समझने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ऐसे विषयों को शोध के लिए चुनें जिसका लाभ समाज को मिल सके। कॉलेज के वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सीएस जोशी ने विभिन्न शोधों में सांख्यिकी तथ्यों के समायोजन की जानकारी दी। कार्यशाला के समन्वयक डॉ. एपी सिंह ने शोध के रोचक विषय को समझने में सहायक तथ्यों के बारे में बताया। संचालन डॉ. नवल किशोर लोहनी ने किया। वहां आयोजक सचिव डॉ. गोविंद पाठक, डॉ. अमित कुमार, डॉ. सुरेश टम्टा, प्रो. मुन्नालाल, डॉ. नीरज रुबाली आदि थे।
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