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51 किमी का रिंग रोड बनाने में लग जायेंगे छह साल
Updated Sat, 21 Jul 2018 02:04 AM IST
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हल्द्वानी। महत्वाकांक्षी रिंग रोड योजना के लिए अगर बजट मिल भी जाए, तो भी 51 किमी सड़क निर्माण कार्य पूरा होने में करीब छह साल का समय लग सकता है। लोनिवि के अधिकारियों के अनुसार वन भूमि हस्तांतरण, निजी भूमि का अधिग्रहण, मुआवजा बांटने समेत कई औपचारिकता है, जिसमें समय लगना तय है।
शहर में वाहनों का दबाव कम करने के लिए करीब आठ साल पहले कॉलटैक्स काठगोदाम से लेकर सुशीला तिवारी अस्पताल तक सात किमी नहर कवर करने की योजना बनी थी, इस सात किमी योजना को ही पूरा होने करीब करीब चार साल लग गए थे। जबकि इस योजना में भूमि का कोई पेंच नहीं था, जबकि रिंग रोड योजना में वन भूमि, राजस्व भूमि की जरूरत है। ईई रणजीत सिंह रावत के अनुसार बजट मिलने के बाद भी योजना से जुड़ी तमाम औपचारिकता पूरी करते हुए रिंग रोड बनाने में छह साल तक का समय लग सकता है।
रिंग रोड की जद में आ रही है 40 प्रतिशत वन भूमि
भूमि और मुआवजे के लिए पहली किस्त को चाहिए 208 करोड़
रिंग रोड एक नजर
- मुख्यमंत्री ने नैनीताल में 22 अप्रैल 2017 को रिंग रोड की घोषणा की।
- घोषणा के बाद शासन ने फिजिबिलटी के लिए जारी किए 1.57 करोड़
- पैसा जारी होते ही लोनिवि ने फिजिबिलटी टेस्ट के लिए टेंडर किए आमंत्रित
- क्राफ्ट कंपनी ने बनाई रिपोर्ट
- 51 किमी रिंग रोड के लिए बताई 700 करोड़ की जरूरत
- 40 प्रतिशत वन भूमि और 60 प्रतिशत सिविल भूमि आ रही है इसकी जद में
- भूमि मुआवजा, वन भूमि स्थानांतरण में खर्च होंगे 208 करोड़
- प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
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शहर में वाहनों का दबाव कम करने के लिए करीब आठ साल पहले कॉलटैक्स काठगोदाम से लेकर सुशीला तिवारी अस्पताल तक सात किमी नहर कवर करने की योजना बनी थी, इस सात किमी योजना को ही पूरा होने करीब करीब चार साल लग गए थे। जबकि इस योजना में भूमि का कोई पेंच नहीं था, जबकि रिंग रोड योजना में वन भूमि, राजस्व भूमि की जरूरत है। ईई रणजीत सिंह रावत के अनुसार बजट मिलने के बाद भी योजना से जुड़ी तमाम औपचारिकता पूरी करते हुए रिंग रोड बनाने में छह साल तक का समय लग सकता है।
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रिंग रोड की जद में आ रही है 40 प्रतिशत वन भूमि
भूमि और मुआवजे के लिए पहली किस्त को चाहिए 208 करोड़
रिंग रोड एक नजर
- मुख्यमंत्री ने नैनीताल में 22 अप्रैल 2017 को रिंग रोड की घोषणा की।
- घोषणा के बाद शासन ने फिजिबिलटी के लिए जारी किए 1.57 करोड़
- पैसा जारी होते ही लोनिवि ने फिजिबिलटी टेस्ट के लिए टेंडर किए आमंत्रित
- क्राफ्ट कंपनी ने बनाई रिपोर्ट
- 51 किमी रिंग रोड के लिए बताई 700 करोड़ की जरूरत
- 40 प्रतिशत वन भूमि और 60 प्रतिशत सिविल भूमि आ रही है इसकी जद में
- भूमि मुआवजा, वन भूमि स्थानांतरण में खर्च होंगे 208 करोड़
- प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।