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रेशम की खेती पर 90 फीसदी अनुदान
Updated Fri, 19 Jan 2018 02:17 AM IST
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हल्द्वानी। सरकार ने अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों के लिए रेशम उत्पादन की योजना शुरू की है। रेशम की खेती करने वाले इस वर्ग के लोगों को 90 फीसदी अनुदान पर ऋण देने की व्यवस्था है। इस वर्ग के लोगों को रेशम की खेती के लिए पौधे भी निशुल्क दिए जाएंगे।
एमबी इंटर कॉलेज मैदान में लगे सरस मेले में रेशम विभाग का स्टाल लगा है। विभाग की प्रदर्शक बिंदिया ने इस विशेष योजना की जानकारी दी। बताया कि अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लोगों को पांच बीघा कृषि भूमि होने पर योजना का लाभ मिलेगा। विभाग की ओर से रेशम के तीन सौ पौधे दिए जाएंगे। यह पौधे खेतों की मेड़ आदि में आसानी से उगाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कोटाबाग ब्लॉक के 600 किसानों को योजना से लाभान्वित किया गया है। विभाग किसानों द्वारा तैयार कोकून खरीदने की योजना भी है। शहतूत का कोकून 500 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। विभाग 10 दिन तक रेशम के कीड़े पालकर किसानों को देता है। किसान को मात्र 20 दिन तक रेशम के कीड़े पालने हैं। उनका यह कोकून धागा बनाने के लिए असोम, बंगलूरू भेजा जाता है।
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एमबी इंटर कॉलेज मैदान में लगे सरस मेले में रेशम विभाग का स्टाल लगा है। विभाग की प्रदर्शक बिंदिया ने इस विशेष योजना की जानकारी दी। बताया कि अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लोगों को पांच बीघा कृषि भूमि होने पर योजना का लाभ मिलेगा। विभाग की ओर से रेशम के तीन सौ पौधे दिए जाएंगे। यह पौधे खेतों की मेड़ आदि में आसानी से उगाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कोटाबाग ब्लॉक के 600 किसानों को योजना से लाभान्वित किया गया है। विभाग किसानों द्वारा तैयार कोकून खरीदने की योजना भी है। शहतूत का कोकून 500 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। विभाग 10 दिन तक रेशम के कीड़े पालकर किसानों को देता है। किसान को मात्र 20 दिन तक रेशम के कीड़े पालने हैं। उनका यह कोकून धागा बनाने के लिए असोम, बंगलूरू भेजा जाता है।
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