{"_id":"5cbf72dcbdec22144855b717","slug":"181556050652-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब हल्द्वानी में भी मिलेगी मौसम की संपूर्ण जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब हल्द्वानी में भी मिलेगी मौसम की संपूर्ण जानकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। अब हल्द्वानी की आबोहवा की सटीक जानकारी मिलने से लेकर उसमें होने वाले सूक्ष्म बदलावों का भी पता चलेगा। यह संभव होगा, वन विभाग द्वारा वन अनुसंधान नर्सरी में स्थापित हुए स्वचालित मौसम केंद्र से। जहां पर तापमान से लेकर ओस की मात्रा जैसे आठ अलग-अलग वातावरण से जुड़ी जानकारी एकत्र होगी। वन संरक्षक अनुसंधान के अनुसार मौसम केंद्र में हर मिनट पर डेटा एकत्र होगा, जिसके आधार पर मौसम का वनस्पतियों पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करने में मदद मिलेगी।
वन अनुसंधान नर्सरी में अब तक मौसम से जुड़ी जानकारी मैनुअल एकत्र की जाती थी, लेकिन अब वन विभाग ने स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किया है, इसमें हल्द्वानी में तापमान, बरसात से लेकर ओस गिरने की तक जानकारी हर मिनट पर मिल सकेगी। इस मौसम केंद्र में लगी मशीनों को चलाने के लिए सोलर ऊर्जा का इस्तेमाल किया गया है।
अब हल्द्वानी में भी मिलेगी मौसम की संपूर्ण जानकारी
वन अनुसंधान की नर्सरी में स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित
तापमान से लेकर ओस की मात्रा का डेटा होगा एकत्र
नौ मानकों पर जानकारी मिलेगी
हल्द्वानी। तापमान, हवा की गति, सूर्य की गति, सोलर विकिरण, आर्र्दता, ओस की मात्रा, हवा का रुख, वायुमंडलीय दबाव और बरसात की जानकारी मिल सकेगी। वन क्षेत्राधिकारी मदन बिष्ट के अनुसार वानिकी में मौसम का खासा महत्व है। इस मौसम केंद्र से वातावरण से जुड़ी जानकारी तो वन विभाग एकत्र, करेगा साथ में प्रशिक्षु वन कर्मियों और बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को भी जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन
मौसम केंद्र में लगी मशीन से प्रति मिनट का डेटा एकत्र होगा। इस डेटा के माध्यम जलवायु परिवर्तन का वनस्पतियों पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन से लेकर संरक्षण के संबंध में भी रणनीति बनाने में भी मदद मिलेगी। इस मौसम केंद्र को कैंपा योजना के अंतर्गत स्थापित किया गया है। - संजीव चतुर्वेदी, वन संरक्षक अनुसंधान
विज्ञापन
वन अनुसंधान नर्सरी में अब तक मौसम से जुड़ी जानकारी मैनुअल एकत्र की जाती थी, लेकिन अब वन विभाग ने स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किया है, इसमें हल्द्वानी में तापमान, बरसात से लेकर ओस गिरने की तक जानकारी हर मिनट पर मिल सकेगी। इस मौसम केंद्र में लगी मशीनों को चलाने के लिए सोलर ऊर्जा का इस्तेमाल किया गया है।
विज्ञापन
अब हल्द्वानी में भी मिलेगी मौसम की संपूर्ण जानकारी
वन अनुसंधान की नर्सरी में स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित
तापमान से लेकर ओस की मात्रा का डेटा होगा एकत्र
नौ मानकों पर जानकारी मिलेगी
हल्द्वानी। तापमान, हवा की गति, सूर्य की गति, सोलर विकिरण, आर्र्दता, ओस की मात्रा, हवा का रुख, वायुमंडलीय दबाव और बरसात की जानकारी मिल सकेगी। वन क्षेत्राधिकारी मदन बिष्ट के अनुसार वानिकी में मौसम का खासा महत्व है। इस मौसम केंद्र से वातावरण से जुड़ी जानकारी तो वन विभाग एकत्र, करेगा साथ में प्रशिक्षु वन कर्मियों और बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को भी जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन
मौसम केंद्र में लगी मशीन से प्रति मिनट का डेटा एकत्र होगा। इस डेटा के माध्यम जलवायु परिवर्तन का वनस्पतियों पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन से लेकर संरक्षण के संबंध में भी रणनीति बनाने में भी मदद मिलेगी। इस मौसम केंद्र को कैंपा योजना के अंतर्गत स्थापित किया गया है। - संजीव चतुर्वेदी, वन संरक्षक अनुसंधान