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पर्यटन नगरी को लावारिश जानवरों से नहीं मिल पा रही निजात
Updated Tue, 13 Nov 2018 11:23 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत नगर में लावारिस जानवरों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। यह जानवर पूर्व में कई लोगों को घायल तक कर चुके हैं, लेकिन इन्हें गोसदन भेजने के लिए कोई सार्थक प्रयास तक नहीं किए जा रहे हैं। लावारिस जानवरों के कारण जहां नगर में कई बार वाहनों का जाम लग जाता है, वहीं दुकानदार भी परेशान हैं ।
रानीखेत नगर में लावारिस जानवरों की समस्या कोई नई नहीं है। लोग दूध न देने वाले आदि जानवरों को छोड़ देते हैं, यही जानवर नगर में लोगों की परेशानी का सबब बने हुए हैं। बता दें कि नगर में सायंकालीन भ्रमण पर निकले एक पूर्व सैनिक को सांड़ ने केमू स्टेशन पर घायल कर दिया था।
इसके बाद लावारिस जानवरों ने सदर बाजार में एक व्यवसायी का हाथ और एक वृद्ध व्यक्ति का पैर तोड़ दिया था। इसके ये जानवर कई अन्य लोगों को भी घायल कर चुके हैं। इसके अलावा जानवरों की डर से लोगों ने क्यारियों में सब्जियों का उत्पादन तक बंद कर दिया है। इन दिनों नगर में धड़ल्ले से कई सांड़ घूम रहे हैं। सांड़ बीच सड़क में बैठकर कई बार यातायात को भी प्रभावित कर देते हैं। स्थानीय नागरिकों ने कैंट बोर्ड से लावारिस जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
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रानीखेत नगर में लावारिस जानवरों की समस्या कोई नई नहीं है। लोग दूध न देने वाले आदि जानवरों को छोड़ देते हैं, यही जानवर नगर में लोगों की परेशानी का सबब बने हुए हैं। बता दें कि नगर में सायंकालीन भ्रमण पर निकले एक पूर्व सैनिक को सांड़ ने केमू स्टेशन पर घायल कर दिया था।
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इसके बाद लावारिस जानवरों ने सदर बाजार में एक व्यवसायी का हाथ और एक वृद्ध व्यक्ति का पैर तोड़ दिया था। इसके ये जानवर कई अन्य लोगों को भी घायल कर चुके हैं। इसके अलावा जानवरों की डर से लोगों ने क्यारियों में सब्जियों का उत्पादन तक बंद कर दिया है। इन दिनों नगर में धड़ल्ले से कई सांड़ घूम रहे हैं। सांड़ बीच सड़क में बैठकर कई बार यातायात को भी प्रभावित कर देते हैं। स्थानीय नागरिकों ने कैंट बोर्ड से लावारिस जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
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