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सबकी आहुति पड़ेगी तो रुकेगा पलायन
Updated Sun, 22 Apr 2018 02:19 AM IST
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गांव से पलायन रोको
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। पहाड़ से लगातार हो रहे पलायन को रोकने के लिए बुनियादी सुविधाओं को जुटाने के साथ आजीविका के साधनों में विस्तार जरूरी है। साझा प्रयास से ही पलायन रुकेगा। यह बात पलायन न्यूनीकरण के लिए कार्य कर रहे चिंतन एक समूह की संवाद कार्यशाला में वक्ताओं ने कही। दिन भर के मंथन में खेती किसानी, पर्यटन, सरकार की नीतियों से लेकर राज्य के परिसीमन तक के मुद्दे उठे।
वानिकी प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि सरकार रिवर्स माइग्रेशन को तवज्जो दे रही है। अनुपम त्रिवेदी और चंद्रशेखर करगेती के सवालों में जवाब में पंत ने कहा कि राज्य में अधिकारों को लेकर जितनी बात हुई उतनी दायित्व पर नहीं। सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि पलायन को रोकने को सियासी दलों को राजनीति से उठकर सकारात्मक प्रयास करने होंगे। हार्क निदेशक महेंद्र कुंवर ने कहा कि समुचित डाटा न होने के कारण कारगर कार्ययोजना नहीं बन पा रही है। ऐसे में पहाड़ से पलायन न्यूनीकरण की उम्मीद बेमानी होगी। मुक्त विवि के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत का कहना था कि शिक्षा तंत्र ही नहीं बल्कि नीति में सुधार जरूरी है। संख्यात्मक शिक्षा के स्थान पर स्तरीय शिक्षा से ही इसे सीधे आजीविका से जोड़ा जा सकता है। पर्यटन व्यवसायी राजेश शाह का कहना था कि पर्यटन गतिविधियों को विकेंद्रीकृत कर वैश्विक स्तरीय पर्यटन योजना बनाना जरूरी है। अभियान के संयोजक रतन सिंह असवाल और उपाध्यक्ष अनिल बहुगुणा ने अभियान के कार्यों व उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर दिनेश मानसेरा, अजय अजेय रावत, मनीष भट्ट, गणेश काला, विनय केडी, एपी घायल, विजयपाल रावत, सुभाष तराण, राकेश बिजल्वाण, दलवीर सिंह रावत आदि मौजूद थे। संचालन प्रमोद साह ने किया।
किसने क्या कहा
पलायन को रोकने के लिए जिला स्तर पर विकेंद्रीकरण कर रहे हैं। न्याय पंचायत स्तर पर ग्रोथ सेंटर, शिक्षा का एकीकरण, कौशल विकास, रिवर्स माइग्रेशन, स्वैच्छिक चकबंदी और क्लस्टर खेती पर सरकार जोर दे रही है।
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- प्रकाश पंत, वित्तमंत्री।
कृषि और बागवानी को नगदी फसल के रूप में विकसित करना होगा। परिवारों का टूटना भी पलायन की वजह रहा है। फार्म आधारित योजनाएं बने, भू उपयोग परिवर्तन पर रोक लगे, तकनीकी खेती पर जोर दिया जाए।
- डॉ. महेंद्र कुंवर, निदेशक हार्क।
प्रदेश में दलितों की स्थिति बदली नहीं है। सरकार, पंचायतों में उन्हें भागीदार बनाना होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के लिए हो रहे पलायन को रोकने के लिए खेती में रोजगार के अवसर तलाशने होंगे।
- प्रदीप टम्टा, राज्यसभा सदस्य।
प्रदेश में रोजगार परक शिक्षा के लिए तकनीकी संस्थानों में स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप ट्रेड खोले जाने चाहिए। रोजगार परक शिक्षा प्रणाली विकसित करनी होगी।
-प्रो. दुर्गेश पंत, निदेशक उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय।
-संवाद कार्यक्रम में हुए मंथन के बाद अब संस्था की ओर से तैयार रिपोर्ट को सरकार से साझा किया जाएगा। कोशिश होगी कि सुझावों पर सरकार अमल करे।
-रतन सिंह असवाल, संयोजक, चिंतन एक समूह
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वानिकी प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि सरकार रिवर्स माइग्रेशन को तवज्जो दे रही है। अनुपम त्रिवेदी और चंद्रशेखर करगेती के सवालों में जवाब में पंत ने कहा कि राज्य में अधिकारों को लेकर जितनी बात हुई उतनी दायित्व पर नहीं। सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि पलायन को रोकने को सियासी दलों को राजनीति से उठकर सकारात्मक प्रयास करने होंगे। हार्क निदेशक महेंद्र कुंवर ने कहा कि समुचित डाटा न होने के कारण कारगर कार्ययोजना नहीं बन पा रही है। ऐसे में पहाड़ से पलायन न्यूनीकरण की उम्मीद बेमानी होगी। मुक्त विवि के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत का कहना था कि शिक्षा तंत्र ही नहीं बल्कि नीति में सुधार जरूरी है। संख्यात्मक शिक्षा के स्थान पर स्तरीय शिक्षा से ही इसे सीधे आजीविका से जोड़ा जा सकता है। पर्यटन व्यवसायी राजेश शाह का कहना था कि पर्यटन गतिविधियों को विकेंद्रीकृत कर वैश्विक स्तरीय पर्यटन योजना बनाना जरूरी है। अभियान के संयोजक रतन सिंह असवाल और उपाध्यक्ष अनिल बहुगुणा ने अभियान के कार्यों व उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर दिनेश मानसेरा, अजय अजेय रावत, मनीष भट्ट, गणेश काला, विनय केडी, एपी घायल, विजयपाल रावत, सुभाष तराण, राकेश बिजल्वाण, दलवीर सिंह रावत आदि मौजूद थे। संचालन प्रमोद साह ने किया।
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किसने क्या कहा
पलायन को रोकने के लिए जिला स्तर पर विकेंद्रीकरण कर रहे हैं। न्याय पंचायत स्तर पर ग्रोथ सेंटर, शिक्षा का एकीकरण, कौशल विकास, रिवर्स माइग्रेशन, स्वैच्छिक चकबंदी और क्लस्टर खेती पर सरकार जोर दे रही है।
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- प्रकाश पंत, वित्तमंत्री।
कृषि और बागवानी को नगदी फसल के रूप में विकसित करना होगा। परिवारों का टूटना भी पलायन की वजह रहा है। फार्म आधारित योजनाएं बने, भू उपयोग परिवर्तन पर रोक लगे, तकनीकी खेती पर जोर दिया जाए।
- डॉ. महेंद्र कुंवर, निदेशक हार्क।
प्रदेश में दलितों की स्थिति बदली नहीं है। सरकार, पंचायतों में उन्हें भागीदार बनाना होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के लिए हो रहे पलायन को रोकने के लिए खेती में रोजगार के अवसर तलाशने होंगे।
- प्रदीप टम्टा, राज्यसभा सदस्य।
प्रदेश में रोजगार परक शिक्षा के लिए तकनीकी संस्थानों में स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप ट्रेड खोले जाने चाहिए। रोजगार परक शिक्षा प्रणाली विकसित करनी होगी।
-प्रो. दुर्गेश पंत, निदेशक उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय।
-संवाद कार्यक्रम में हुए मंथन के बाद अब संस्था की ओर से तैयार रिपोर्ट को सरकार से साझा किया जाएगा। कोशिश होगी कि सुझावों पर सरकार अमल करे।
-रतन सिंह असवाल, संयोजक, चिंतन एक समूह