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जल संस् थान की लापरवाही से बहे 20 लाख

Sun, 12 Aug 2018 02:08 AM IST
Updated Sun, 12 Aug 2018 02:08 AM IST
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जल संस्
थान की लापरवाही से बहे 20 लाख
हल्द्वानी। शहर में अब भी कई मोहल्ले और कालोनियां ऐसी हैं जहां पानी संकट बना है जबकि शहर में हजारों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है। इस बर्बादी का कारण जानते हुए भी सुधार के प्रयास नहीं हो रहे हैं। नैनीताल रोड पर जलसंस्थान की लापरवाही के कारण रोज पाइपलाइन लीकेज हो रही है। इससे सड़क कई जगह से उखड़ गई है। लोक निर्माण विभाग का कहना है नैनीताल रोड पर डिग्री कालेज से काठगोदाम तक 12 लीकेज के कारण आए दिन सड़क उखड़ रही है। एक माह के भीतर चार किलोमीटर में पैंच वर्क में करीब 20 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि जलसंस्थान के अधिकारियों को पत्र लिखने के बाद भी वह पेयजल लाइनों के लीकेज सही नहीं करा पा रहे हैं। इससे रोज सड़क उखड़ रही है।
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जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संतोष कुमार उपाध्याय के अनुसार लोक निर्माण विभाग की ओर से पेयजल लाइनों के लीकेज होने से सड़कें खराब होने जैसा कोई पत्र नहीं आया है। लाइनें पुरानी होने से कई स्थानों पर पेयजल लाइनें जरूर लीकेज हैं और उन्हें ठीक कराया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग चिह्नित कर जिन स्थानों पर लीकेज की वजह से सड़कें खराब होने की बात कहेगा, तत्काल उन स्थानों पर लीकेज ठीक करा दिए जाएंगे।
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रोजाना 80 लाख लीटर पानी रहा बर्बाद, पीडब्ल्यूडी के एक माह में 20 लाख रुपये बह गए
12 लीकेज हैं चार किलोमीटर की सड़क पर

लोक निर्माण विभाग की ओर से पेयजल लाइनों के लीकेज के बारे में बताया गया था। जल संस्थान के अधिकारियों को जल लीकेज सही करने को कहा गया है।
-विनोद कुमार सुमन डीएम नैनीताल

रोजाना 80 लाख लीटर पेयजल हो रहा बर्बाद
हल्द्वानी। नैनीताल रोड में हाइडिल गेट, रामपुर रोड गली नंबर आठ, बियरशिवा स्कूल के निकट, डिग्री कालेज के निकट, सुभाषनगर, पीलीकोठी, बरेली रोड, कालाढूंगी रोड में कई स्थानों पर आठ चार इंच से लेकर आठ इंच तक की पेयजल लाइनें लीकेज हैं। लाइनों की लीकेज की वजह से रोजाना करीब 80 लाख लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। पेयजल की बर्बादी के अलावा क्षेत्रवासियों को पीने के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जलसंस्थान के अवर अभियंता एमसी सती ने बताया कि शनिवार को करीब आधा दर्जन इलाकों में लीकेज ठीक कराए गए। लीकेज ठीक कराने का क्रम जारी है।

सड़क चौड़ीकरण के समय ही पेयजल लाइनें किनारे शिफ्ट कर दी जातीं तो लीकेज की समस्या कम होती। सड़क चौड़ीकरण के बाद लाइनें सड़क के बीचोंबीच आ गई हैं। लाइनें पुरानी होने के जीर्णशीर्ण हाल में हैं। दो दर्जन से अधिक स्थानों पर लीकेज ठीक कर दिए गए हैं। निजी कनेक्शनों के लीकेज भी दिखवाए जा रहे हैं।
- संतोष कुमार उपाध्याय अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।


अब नल बोलेगा, मैं किसका हूं
हल्द्वानी। जलसंस्थान ने निजी पेयजल लाइनों की लीकेज को ठीक कराने के लिए उपभोक्ताओं को कई बार आगाह किया लेकिन किसी ने लीकेज कनेक्शनों को ठीक नहीं कराया है। अब निजी पेयजल कनेक्शनों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। शनिवार को पीलीकोठी इलाके में एक दर्जन उपभोक्ताओं के लीकेज कनेक्शन काट दिए गए हैं।

जलसंस्थान के अवर अभियंता प्रमोद पांडे ने बताया कि शहर में कई उपभोक्ताओं के पेयजल कनेक्शन लीकेज हैं। लोक निर्माण विभाग सड़कें टूटने पर जलसंस्थान को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है। बार-बार आग्रह के बावजूद उपभोक्ता अपने लीकेज कनेक्शनों को ठीक नहीं करा रहे हैं। कोई भी यह बताने को तैयार नहीं है कि लीकेज कनेक्शन उनका है। लाइनों का जाल बिछा होने से भी पता नहीं चल पा रहा है कि कौन सा कनेक्शन किस उपभोक्ता का है। शहर में लीकेज निजी कनेक्शनों को चिह्नित किया जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं वह अब जलसंस्थान दफ्तर में पेयजल नहीं आने की शिकायत लेकर आएंगे। तब पता चलेगा कि कौन का कनेक्शन किसका है। जिस उपभोक्ता का लीकेज कनेक्शन मिलेगा, उसी से उसे ठीक कराया जाएगा।
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