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वार्ड 21 की दावेदारी, कांग्रेस की दुविधा भारी
Updated Thu, 18 Jan 2018 02:05 AM IST
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राजनीति
- फोटो : demo
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हल्द्वानी। वार्ड 21 बनभूलपुरा लाइन नंबर एक से सात में भी कांग्रेस में सिंबल को लेकर घमासान तय है। अपने-अपने दावे को ठोक बजाया जा रहा है। तैयारी पूरी है। कहा तो यह भी जा रहा है कि पार्टी सिंबल नहीं भी देगी तब भी मैदान में दमखम दिखाया जाएगा।
कांग्रेस की ओर से सिंबल देने के संकेत से संभावित दावेदार गदगद हैं। कांग्रेस के वर्तमान और पूर्व पार्षद को नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के आशीर्वाद का भरोसा है। वार्ड नंबर 21 में 2013 में कांग्रेस के दो नेता मो. गुफरान और अब्दुल समी पार्षद का टिकट ले आए। मो. गुफरान के टिकट लाने से खफा पूर्व पार्षद अब्दुल समी इंदिरा हृदयेश के पास पहुंचे। बताया जा रहा कि उन्होंने सुमित को मेयर का चुनाव लड़ाने की बात कहते हुए मो. गुफरान को पर्चा नहीं भरने दिया। जब यह तय हो गया कि सुमित हृदयेश को टिकट नहीं मिलेगा तो मो. गुफरान ने सुमित की सलाह पर ही पार्षद पद का नामांकन भर दिया। वह जीत भी गए। उन्हें 537 और अब्दुल समी को 474 वोट मिले। भाजपा को यहां से सिर्फ 29 वोट मिले थे। अब दोनों प्रत्याशी इंदिरा हृदयेश भरोसा जता रहे हैं।
कांग्रेस इस बार सिंबल देने जा रही है। इंदिरा जी ने मुझे भरोसा दिया है। कांग्रेस के सिंबल से मैं ही चुनाव लडूंगा। इंदिरा हृदयेश ने मेरे वार्ड में करीब पांच करोड़ के काम कराए हैं लेकिन जब से भाजपा की सरकार बनी है, वार्ड की उपेक्षा हो रही है। - मो. गुफरान पार्षद
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कांग्रेस में मेरी मजबूत पकड़ है। कांग्रेस का सिंबल मुझे ही मिलेगा। मैं तीन बार पार्षद रह चुका हूं। किसी कारणवश टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय चुनाव लडूंगा। पार्षद ने टाइल की रोड को सीसी में बदल दिया। वार्ड में सफाई के इंतजाम नहीं है। - अब्दुल समी पूर्व पार्षद
वार्ड में सफाई नहीं है। नालियों का निर्माण अधूरा है। सफाई कर्मचारियों की कमी है। बोर्ड में प्रस्ताव पारित होने के बाद भी अब तक वार्ड में लाइब्रेरी नहीं बनी है। - मो. मोसिन मिकरानी
ये हैं समस्याएं
- वार्ड में सफाई कर्मचारियों की भारी कमी है
- नालियों चोक हैं। नालियों की सफाई नहीं हो रही है।
- सड़कों की हालत खराब है।
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कांग्रेस की ओर से सिंबल देने के संकेत से संभावित दावेदार गदगद हैं। कांग्रेस के वर्तमान और पूर्व पार्षद को नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के आशीर्वाद का भरोसा है। वार्ड नंबर 21 में 2013 में कांग्रेस के दो नेता मो. गुफरान और अब्दुल समी पार्षद का टिकट ले आए। मो. गुफरान के टिकट लाने से खफा पूर्व पार्षद अब्दुल समी इंदिरा हृदयेश के पास पहुंचे। बताया जा रहा कि उन्होंने सुमित को मेयर का चुनाव लड़ाने की बात कहते हुए मो. गुफरान को पर्चा नहीं भरने दिया। जब यह तय हो गया कि सुमित हृदयेश को टिकट नहीं मिलेगा तो मो. गुफरान ने सुमित की सलाह पर ही पार्षद पद का नामांकन भर दिया। वह जीत भी गए। उन्हें 537 और अब्दुल समी को 474 वोट मिले। भाजपा को यहां से सिर्फ 29 वोट मिले थे। अब दोनों प्रत्याशी इंदिरा हृदयेश भरोसा जता रहे हैं।
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कांग्रेस इस बार सिंबल देने जा रही है। इंदिरा जी ने मुझे भरोसा दिया है। कांग्रेस के सिंबल से मैं ही चुनाव लडूंगा। इंदिरा हृदयेश ने मेरे वार्ड में करीब पांच करोड़ के काम कराए हैं लेकिन जब से भाजपा की सरकार बनी है, वार्ड की उपेक्षा हो रही है। - मो. गुफरान पार्षद
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कांग्रेस में मेरी मजबूत पकड़ है। कांग्रेस का सिंबल मुझे ही मिलेगा। मैं तीन बार पार्षद रह चुका हूं। किसी कारणवश टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय चुनाव लडूंगा। पार्षद ने टाइल की रोड को सीसी में बदल दिया। वार्ड में सफाई के इंतजाम नहीं है। - अब्दुल समी पूर्व पार्षद
वार्ड में सफाई नहीं है। नालियों का निर्माण अधूरा है। सफाई कर्मचारियों की कमी है। बोर्ड में प्रस्ताव पारित होने के बाद भी अब तक वार्ड में लाइब्रेरी नहीं बनी है। - मो. मोसिन मिकरानी
ये हैं समस्याएं
- वार्ड में सफाई कर्मचारियों की भारी कमी है
- नालियों चोक हैं। नालियों की सफाई नहीं हो रही है।
- सड़कों की हालत खराब है।