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बीएससी की परीक्षा एक और प्रश्नपत्र अलग - अलग, परेशान हुए छात्र
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- फोटो : डेमो
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हल्द्वानी। कुमाऊं विश्वविद्यालय की एक परीक्षा के दो प्रश्नपत्र बनने से एमबीपीजी कॉलेज के छात्रों में गुस्सा है। छात्रों ने विश्वविद्यालय पर एमबी का प्रश्नपत्र कठिन बनाने का आरोप भी लगाया है।
परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार बीएससी छठे सेमेस्टर की गणित के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा 25 मई को होनी थी जो कि किन्हीं कारणों से इसे स्थगित कर 28 जून तक कर दिया गया। एमबीपीजी कॉलेज में लोकसभा निर्वाचन कार्यालय बनने के कारण यहां 15 मई से लेकर पहली जून तक की परीक्षाएं नहीं हो सकीं थी। इन परीक्षाओं को अलग से कराने का कार्यक्रम जारी किया गया। नये परीक्षा कार्यक्रम में भी बीएससी छठे सेमेस्टर गणित के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा 28 जून निर्धारित हो गई। विद्यार्थियों का आरोप है कि 28 जून को कुमाऊं विवि ने एक ही समय पर गणित का पेपर कराया, जिसमें सभी कॉलेजों में एक समान प्रश्नपत्र आना चाहिए था लेकिन एमबीपीजी कॉलेज में प्रश्नपत्र दूसरे कॉलेजों से भिन्न और काफी कठिन आया। छात्रों ने विश्वविद्यालय पर एमबी के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव का भी आरोप लगाया है। एमबी कॉलेज के परीक्षा प्रभारी डॉ. नवीन भगत का कहना है कि एमबी कॉलेज में परीक्षाएं निर्वाचन कार्यालय की वजह से देरी से शुरू हुईं। इसलिए छूटी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र अलग से तैयार कर विवि की ओर से भेजे गए, यह संयोगवश ही रहा कि छूटी परीक्षा का पेपर और पहले से निर्धारित पेपर एक दिन ही हो गया इसलिए प्रश्नपत्र भिन्न आए। एमबी कॉलेज में करीब साढ़े सात विद्यार्थियों ने यह परीक्षा दी।
बीएससी की परीक्षा के अलग प्रश्नपत्र से विद्यार्थी परेशान
एमबीपीजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने जताया आक्रोश
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परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार बीएससी छठे सेमेस्टर की गणित के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा 25 मई को होनी थी जो कि किन्हीं कारणों से इसे स्थगित कर 28 जून तक कर दिया गया। एमबीपीजी कॉलेज में लोकसभा निर्वाचन कार्यालय बनने के कारण यहां 15 मई से लेकर पहली जून तक की परीक्षाएं नहीं हो सकीं थी। इन परीक्षाओं को अलग से कराने का कार्यक्रम जारी किया गया। नये परीक्षा कार्यक्रम में भी बीएससी छठे सेमेस्टर गणित के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा 28 जून निर्धारित हो गई। विद्यार्थियों का आरोप है कि 28 जून को कुमाऊं विवि ने एक ही समय पर गणित का पेपर कराया, जिसमें सभी कॉलेजों में एक समान प्रश्नपत्र आना चाहिए था लेकिन एमबीपीजी कॉलेज में प्रश्नपत्र दूसरे कॉलेजों से भिन्न और काफी कठिन आया। छात्रों ने विश्वविद्यालय पर एमबी के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव का भी आरोप लगाया है। एमबी कॉलेज के परीक्षा प्रभारी डॉ. नवीन भगत का कहना है कि एमबी कॉलेज में परीक्षाएं निर्वाचन कार्यालय की वजह से देरी से शुरू हुईं। इसलिए छूटी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र अलग से तैयार कर विवि की ओर से भेजे गए, यह संयोगवश ही रहा कि छूटी परीक्षा का पेपर और पहले से निर्धारित पेपर एक दिन ही हो गया इसलिए प्रश्नपत्र भिन्न आए। एमबी कॉलेज में करीब साढ़े सात विद्यार्थियों ने यह परीक्षा दी।
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बीएससी की परीक्षा के अलग प्रश्नपत्र से विद्यार्थी परेशान
एमबीपीजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने जताया आक्रोश